दुनिया से कोरोना को खत्म करने का उपाय, करने होंगे ये काम... जानिए क्या कहते हैं WHO चीफ...

नईदिल्ली 12 जनवरी 2022. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का इस बारे में कहना है कि कोरोना को पूरी दुनिया से खत्म किया जा सकता है. कोविड को खत्म करने को लेकर WHO के प्रमुख टेड्रोस एडनॉम ने कहा है कि इसके लिए दुनिया को कुछ कड़े कदम उठाने होंगे.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख सोमवार को कहा है कि इस महामारी को खत्म करना संभव है लेकिन इसके लिए कुछ कड़े कदम उठाने होंगे. WHO चीफ टेड्रोस एडनॉम ने कहा, "निश्चित रूप से COVID को हराया जा सकता है, लेकिन दुनिया भर की सभी सरकारों और वैक्सीन उत्पादकों को 2 चीजों को लेकर आश्वस्त करना होगा. पहला ये कि ऐसे देश जहां पर वैक्सीन नहीं पहुंच रही है लेकिन कोरोना का जोखिम है, उन देशों में वैक्सीन की सप्लाई को बढ़ाएं. और दूसरा यह कि लोगों को वैक्सीन देने के लिए आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त पूर्ति की जाएगी. हम तब तक कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं, जब तक हर कोई सुरक्षित नहीं है.
WHO प्रमुख ने 2021 के अपने अंतिम संबोधन में भी कहा था "कोई भी देश इस महामारी से बचा नहीं है. हमारे पास COVID-19 को रोकने और उसका इलाज करने के लिए कई नए उपकरण हैं. वैक्सीन की असमानता (कई छोटे या गरीब देशों में वैक्सीन नहीं पहुंचना) जितनी लंबी जारी रहेगी, इस वायरस के विकसित होने का जोखिम उतना ही अधिक होगा, जिसे हम रोक नहीं सकते. यदि हम वैक्सीन की असमानता को समाप्त करते हैं, तो हम महामारी को भी समाप्त कर देंगे."
कुछ छोटे और गरीब देशों में वैक्सीनेशन उतने अच्छे से नहीं हो पा रहा है, जितना कि अमीर देशों में वैक्सीनेशन हो रहा है. WHO चीफ ने आगे कहा कि "COVID-19 महामारी के तीसरे साल में प्रवेश कर गए हैं, अगर हम सभी इससे मिलकर लड़ते हैं तो मुझे विश्वास है कि यह वह वर्ष होगा जब हम सभी इस महामारी को खत्म कर देंगे. आगे कहा कि "2022 के मध्य तक सभी देशों में 70 % लोगों को टीकाकरण के वैश्विक लक्ष्य तक पहुंचने के लिए सभी देशों को एक साथ काम करने की आवश्यकता है."
टेड्रोस एडनॉम ने कहा कि, दुनिया का कोई भी देश महामारी से बाहर नहीं है. उन्होंने कहा कि, हमारे पास कोरोना महामारी को रोकने और उसका इलाज करने के लिए अब कई नए उपकरण मौजूद हैं. उन्होंने कहा इसे दुनिया के लोगों की पहुंच से कोरोना पर लगाम लग सकती है. उन्होंने कहा कि जितनी लंबी असमानता होगी, कोरोना वायरस का खतरा भी उतना ज्यादा होगा.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के चीफ ने ये भी कहा कि, कोरोना के खतरे को देखते हुए दुनिया के देशों को एक हो जाना चाहिए. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कई देशों में वैक्सीन की घोर कमी है. वहीं, उनके पास संसाधन भी नहीं है जिससे वो वैक्सीनेशन अभियान चला सके.
