लॉकडाउन- इस देश में फिर कोरोना का आतंक: कई शहरों में लगा लॉकडाउन... उड़ानें रद्द, स्कूल कॉलेजों पर लटका ताला... लोगों पर पाबंदी...

नईदिल्ली 26 अक्टूबर 2021। चीन में कोरोना वायरस के मामले फिर से बढ़ रहे हैं। चीनी अधिकारी इसके पीछे डेल्टा के नए वैरिएंट को वजह बता रहे हैं। वहीं भारत में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट एवाई.4 से अभी कोई खतरा नहीं है। कोशिकीय एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र (सीसीएमबी) के पूर्व निदेशक राकेश मिश्रा ने सोमवार को कहा कि कोरोना वायरस के डेल्टा प्रकार के 'सब-लिनियेज' एवाई.4 की संक्रामक दर डेल्टा से अधिक होने का कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा कि यह उक्त वायरस का कोई नया प्रकार नहीं है।
चीन के उत्तर-पश्चिम में इनर मंगोलिया की एजिन काउंटी के लोगों को सोमवार से घर में रहने के लिए कहा गया है। एजिन की आबादी 35,700 है। इन्हें कोविड पाबंदियों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल एजिन कोरोना का हॉटस्पॉट बना हुआ है। यहां बीते हफ्ते 150 से ज्यादा नए संक्रमित मिले।
चीन के नेशनल हेल्थ कमीशन ने चेतावनी दी है कि करीब एक हफ्ते में कोविड इंफेक्शन 11 राज्यों में फैला गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ते जाएंगे। इस चेतावनी के बाद एजिन में लॉकडाउन की घोषणा की गई। चीन में सोमवार को 38 कोरोना केस मिले, जिसमें से आधे इनर मंगोलिया से हैं।
। चीन के कई शहरों में कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन लगा दिया गया है और ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, चीन सरकार ने लान्झोउ शहर में सख्त लॉकडाउन लगा दिया है। इसके साथ ही चीन में शहरों को जोड़ने वाली उड़ानों को रोक दिया गया है और ज्यादातर प्रांतों में स्कूल-कॉलेजो को बंद कर दिया गया है।
समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की सरकार ने लान्झोउ शहर में लॉकडाउन लगा दिया है। इस शहर की आबादी करीब 40 लाख है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के कई शहरों में घरेलू संक्रमण काफी तेजी से फैला हुआ है और मंगलवार को उत्तर-पश्चिमी शहर लान्झोउ में लॉकडाउन लगा दिया गया है। प्रशासन की तरफ से निवासियों को आपात स्थिति को छोड़कर घर से बाहर नहीं निकलने के लिए कहा गया है। समाचार एजेंसी के मुताबिक, शहर में "सभी प्रकार के आवासीय समुदायों को बंद कर दिया गया है और सरकार स्थिति को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है।" वहीं, स्थानीय सरकार ने एक बयान में कहा शहर में 29 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि की गई है।
बीजिंग समेत इनर मंगोलिया, गांसु, निंग्जिया और गुइझोउ में कोविड इंफेक्शन के मामले बढ़ रहे हैं। इन राज्यों में देश के अन्य हिस्सों से यात्रा पर रोक लगा दी गई है। साथ ही ट्रेनों की आवाजाही पर भी पाबंदी है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन काफी अलर्ट है। सरकार का प्रयास है कि इंफेक्शन को बढ़ने से जल्द से जल्द रोका जाए। मालूम हो कि कोरोना का पहला मामला दिसंबर, 2019 में चीन के वुहान शहर में मिला था।
चीन में पिछले हफ्के अधिकारियों ने देश में सैकड़ों उड़ानें रद्द कर दीं हैं और स्कूलों को बंद कर दिया गया है। रिपोर्ट के मुकाबिक, गुरुवार को चीन में बड़ी तादाद में पर्यटक कोविड-19 पॉजिटिव पाये गये हैं, जिसके बाद ची की सरकार सकते में आ गई है और बहुत बड़ी संख्या में टेस्टिंग की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी बीजिंग में सख्त लॉकडाउन लगाया गया है और सीमा को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। उस वक्त जब दुनिया के ज्यादादर देशों में कोविड नियमों को हटा लिया गया है और बॉर्डर को पर्यटकों के लिए खोले जा रहे हैं, उस वक्त चीन में भारी संख्या में कोविड-19 के मरीज मिल रहे हैं और देश में लॉकडाउन लगाया जा रहा है।
चीनी मीडिया का कहना है कि, चीन में कोरोना वायरस के घरेलू मरीज नहीं मिल रह हैं और घरेलू संक्रमण को काफी हद तक कंट्रोल कर लिया गया है, लेकिन चीनी मीडिया के ये दावे इस लिए गलत लगते हैं, क्योंकि लगातार पांच दिनों से चीन के अलग अलग इलाकों से कोरोना वायरस के मरीज मिल रहे हैं और अधिकारी ऑउटब्रेक को कंट्रोल करने के लिए हाथ-पैर मार रहे हैं। बताया जा रहा है कि, ज्यादातर मरीज देश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्से से मिल रहे हैं। वहीं, चीन के प्रशासन का कहना है कि, बाहर से आये यात्रियों की वजह से फिर से देश में संक्रमण फैल रहा है और मास टेस्टिंग के जरिए चीन का प्रशासन संक्रमण पर लगाम लगाने की तैयारी कर रहा है।
रविवार को प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया, जिसके तहत वुहान मैराथन को रद्द कर दिया गया। इसके पीछे की वजह कोरोना संक्रमण के बढ़ने की आशंका को बताया जा रहा है। ये खबर इस वजह से भी चिंताजनक है, क्योंकि अगले साल फरवरी में बीजिंग में शीतकालीन ओलंपिक होने हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विंटर ओलंपिक में 100 दिन से कम का वक्त बचा है, ऐसे में कोरोना वायरस चीन की चिंता बढ़ा रहा है। विशेषज्ञ अभी वायरस के प्रकोप के बढ़ने का खतरा बता रहे हैं, जिस वजह से रविवार को मैराथन रद्द करने का फैसला लिया गया।
