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Exclusive News: ये किराया है या रेलवे की उगाही, अंबिकापुर से 30 किमी दूर सूरजपुर का एसी थर्ड का किराया 1100, स्पेशल AC ट्रेन सरगुजा के आम आदमी के लिए शुरू की गई है या अदानी के अफसरों और अमीरों के लिए?

Exclusive News: ये किराया है या रेलवे की उगाही, अंबिकापुर से 30 किमी दूर सूरजपुर का एसी थर्ड का किराया 1100, स्पेशल AC ट्रेन सरगुजा के आम आदमी के लिए शुरू की गई है या अदानी के अफसरों और अमीरों के लिए?
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By NPG News

अंबिकापुर/बिलासपुर। अंबिकापुर-निजामु्द्दीन एक्सप्रेस ट्रेन आज से शुरू हो गई। रेल मंत्री आश्वनी वैष्णव ने दिल्ली से वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर नई ट्रेन को अंबिकापुर से रवाना किया। इस मौके पर अंबिकापुर रेलवे स्टेशन पर समारोह आयोजित किया गया। इसमें केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह समेत सरगुजा के गणमान्य लोग मौजूद थे। हालांकि, आज पहले दिन संपर्क क्रांति का रैक को उधारी में लेकर इस ट्रेन का परिचालन शुरू किया गया। मगर 19 जुलाई को दिल्ली से जो ट्रेन आएगी, वो कंप्लीट एसी ट्रेन होगी। बड़ा सवाल यह है कि सरगुजा जैसे आदिवासी और पिछड़े इलाके के लिए रेलवे ने कंप्लीट एसी ट्रेन क्यों चलाया?

ये टेन न केवल एसी होगी बल्कि स्पेशल ट्रेन। इस ट्रेन को डीओटी बोलते हैं रेलवे की भाषा में। डीओटी मतलब डिमांड ऑन ट्रेन। इस केटेगरी की ट्रेनों का किराया सामान्य एक्सप्रेस या सुपरफास्ट गाड़ियों की तुलना में 30 फीसदी अधिक होता है। इस तरह स्पेशल एसी ट्रेन चलाकर रेलवे ने सरगुजा के लोगों को लूटने का पूरा इंतजाम कर लिया है।

500 किमी का किराया

इस ट्रेन में भले ही आप एक स्टेशन तक जाएं, मगर किराया देना होगा 500 किमी का। याने आप अंबिकापुर से 30 किमी दूर सूरजपुर जाएंगे तो किराया देना होगा 1100 रुपए। क्योंकि, इसमें सबसे कम किराया एसी थी का है। और इसमें मिनिमम फेयर 500 किमी तक का तय कर दिया है रेलवे ने। पहले कुछ ट्रेनों में 300 किमी तक की टिकिट नहीं मिलती थी। मसलन, गीतांजलि एक्सप्रेस में बिलासपुर से रायपुर जाना होता था, तो नागपुर तक का टिकिट लेना पड़ता था। लेकिन, रेलवे ने यात्रियों से उगाही के लिए टिकिट तो 50, 100 किमी तक का भी देगा लेकिन, किराया लेगा 500 किमी तक का। याने अंबिकापुर से सागर 500 किमी पड़ता है। अब आप सूरजपुर जाएं, या बिजूर, अनूपपुर या शहडोल, कटनी, सागर किराया आपको 1100 देना होगा। जबकि, अनुपपुर से निजामुद्दीन का दूसरे एक्सप्रेस ट्रेनों में एसी थर्ड का किराया 800 रुपए है। वहीं, अंबिकापुर से निजामुद्दीन का 1840 रुपए। ये किराया नहीं, रेलवे की रंगदारी हुआ। आम आदमी आखिर इस ट्रेन से दिल्ली क्यों जाएगा।

सरगुजा के आम आदमी को दिल्ली जाना होगा, तो वह दो सौ रुपए किराया देकर अनूपपुर पहुंच जाएगा। और वहां से दिल्ली की दूसरी ट्रेनों में एसी थर्ड में 800 रुपए में पहुंच जाएंगा। याने 1000 में। जबकि, स्पेशल एसी ट्रेन में 1840 रुपए उसे खर्च करना होगा। कुल मिलाकर लगता है, यह ट्रेन सरगुजा के गरीब लोगों के लिए नहीं, अदानी और अमीर लोगों के लिए शुरू की गई है। अदानी का सरगुजा इलाके में माईनिंग का काम चल रहा है। रेलवे ने जिस तरह की ट्रेन चलाई और उसका किराया तय किया है, उससे आम आदमी को कोई फायदा नहीं होगा।

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