पूर्व आईएफएस डीएन तिवारी नहीं रहे, छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग के फर्स्ट वाइस चेयरमैन रहे, राज्यपाल ने ट्वीट कर देश की अपूरणीय क्षति बताया

रायपुर 3 फरवरी 2022। पूर्व आईएफएस अधिकारी डॉ0 डीएन तिवारी नहीं रहे। इलाहाबाद में आज उनका देहावसान हो गया। उनके निधन की खबर से आईएफएस बिरादरी और उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर व्याप्त हो गया।
डीएन तिवारी राज्य योजना आयोग के वाइस चेयरमैन रहे। योजना आयोग की जिम्मेदारी संभालने के दौरान छत्तीसगढ़ में उन्होंने काफी काम किया। वे प्लानर होने के साथ ही कुशल प्रशासक थे। उनकी काबिलियत की वजह से ब्यूरोक्रेसी में भी काफी सम्मान था। वे UPSC में आईएफएस के इंटरव्यू बोर्ड में लम्बे समय तक मेंबर रहे. अविभाजित मध्यप्रदेश में उन्हें बिलासपुर के गुरू घासीदास विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया। विवि को स्थापित करने में उनकी बड़ी भूमिका रही। यूनिवर्सिटी को शिफ्थ करने से पहले प्रस्तावित स्थल पर इतनी अधिक तादात में पौधारोपण कराया कि वह आज विवि की खूबसूरती बन गया है। फॉरेस्ट में भी उन्होंने काफी काम किया। वे फॉरेस्ट रिसचं इंस्टिट्यूट देहरादून के डायरेक्टर जनरल रहे। उन्हें फादर ऑर फॉरेस्ट कहा जाता था। फॉरेन फंडिंग का नेटवर्क उनका जबरदस्त था.
जनसंघ के दिवंगत शीर्ष नेता पं0 दीनदयाल उपध्याय के रिश्ते में आने की वजह से राजनीतिक पैठ भी उनकी गहरी थी। उप राष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत से उनका मित्रवत संबंध था। उप राष्ट्रपति रहने के दौरान 2008 में एक बार जब शेखावत रायपुर आए। एयरफोर्स के विशेष विमान से उतरते ही उन्होंने डीएन तिवारी को गले लगा लिया...ऐसा लगा मानों कब के बिछुड़े दोस्त मिले हों। तब शेखावत ने ठहाके लगाते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ0 रमन सिंह को बताया कि डीएन मुझे स्वस्थ्य रहने के लिए जडी-बुटी देते रहते हैं। राज्यपाल अनसुइया उईके ने डीएन तिवारी के निधन पर ट्वीट कर देश की अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने कहा है कि डॉ. तिवारी विश्व स्तर के कुशल वन प्रबंधक थे।
