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CG विधानसभा के इतिहास में पहली बार एक मुश्त पंद्रह अधिकारी कर्मचारी सस्पेंड.. मनरेगा में गड़बड़ी का मामला..

CG विधानसभा के इतिहास में पहली बार एक मुश्त पंद्रह अधिकारी कर्मचारी सस्पेंड.. मनरेगा में गड़बड़ी का मामला..
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By NPG News

रायपुर,21 मार्च 2022। छत्तीसगढ़ की विधानसभा में आज एक ना भूतों ना भविष्यति का इतिहास दर्ज हुआ है। मनरेगा के काम में गड़बड़ी के मामले में प्रस्तुत ध्यानाकर्षण पर आसंदी से विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत के सीधे मार्गदर्शन के बाद भार साधक मंत्री टी एस सिंहदेव ने ज़िला पंचायत के सीईओ समेत वन विभाग के पंद्रह कर्मचारियों अधिकारियों को निलंबित करने का ऐलान कर दिया।

मनरेगा में गड़बड़ी का यह मामला क़रीब छ माह पुराना है और हालिया दिनों तक इसकी जाँच चल रही थी। विधायक गुलाब कमरो ने इस पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया था।

मरवाही में क़रीब सात करोड़ की राशि से मनरेगा में काम होना था। वन विभाग इसके लिए नोडल एजेंसी थी। काम के दौरान ही ज़िला कांग्रेस कमेटी जीपीएम के अध्यक्ष मनोज गुप्ता ने गड़बड़ी की शिकायत मंत्री सिंहदेव से की जिसके बाद मामले की जाँच शुरु हुई।

जाँच में यह पाया गया कि, मनरेगा के तहत जिन कामों की प्रशासनिक स्वीकृति थी उसमें तकनीकी स्वीकृति ही नहीं थी, और सात करोड का राशि में से छ करोड़ की राशि सामग्री ख़रीद में खर्च कर दी गई थी। जाँच में यह पाया गया कि यह खर्च तब कर दिया गया जबकि काम ही शुरु नहीं हुआ था।यह 33 काम थे, जो जीपीएम ज़िले के चुकतीपानी,ताड़पथरा,पकरिया, केंवची,पड़वनिया और तराईगांव में किए जाने थे, इनमें पुलिया और स्टापडेम का काम होना था।

जाँच में प्रथम दृष्टि से गड़बड़ी पाई गई थी और इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया था, साथ ही आईएफ़एस राकेश मिश्रा जो कि तत्कालीन डीएफ़ओ थे वे रिटायर हो चुके थे उनके संबंध में समन्वय को यह प्रकरण भेजा जाना था, समन्वय में ही तत्कालीन ज़िला पंचायत के सीईओ गजेंद्र ठाकुर जो कि मौजूदा समय में जांजगीर चाँपा ज़िले में पदस्थ हैं का प्रकरण भी भेजा जाना था। जीएडी के नियमों के अनुरुप यह प्रक्रियागत था।

ध्यानाकर्षण में जबकि मंत्री सिंहदेव ने जाँच रिपोर्ट का हवाला देते हुए गड़बड़ी स्वीकारी तो कार्यवाही की बात हुई, जिस पर रिटायर आईएफ़एस और ज़िला पंचायत के सीईओ को लेकर नियमों की बात सामने आई। मंत्री सिंहदेव ने हालाँकि शेष चौदह कर्मचारियों के निलंबन की घोषणा कर दी। रिटायर आईएफ़एस को छोड़ मसला ज़िला पंचायत के सीईओ गजेंद्र ठाकुर पर अटका तो विपक्ष की कार्यवाही की माँग के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत ने मार्गदर्शन देते हुए कहा

*"आप निलंबित कर सकते हैं.. और जीएडी को सूचना भेज सकते हैं"*

इस मार्गदर्शन के बाद मंत्री टी एस सिंहदेव ने ज़िला पंचायत सीईओ गजेंद्र ठाकुर के निलंबन का भी ऐलान कर दिया। इस घोषणा के साथ ही छत्तीसगढ़ विधानसभा में एक ही दिन में रिकॉर्ड पंद्रह कर्मचारियों/अधिकारियों के निलंबन का रिकॉर्ड दर्ज हो गया।

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