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डॉक्टर परिवार के 9 लोगों की मौत का मामला, तांत्रिक ने की थी हत्या, चाय में जहर देकर सभी को उतार दिया था मौत के घाट... पढ़ें

डॉक्टर परिवार के 9 लोगों की मौत का मामला, तांत्रिक ने की थी हत्या, चाय में जहर देकर सभी को उतार दिया था मौत के घाट... पढ़ें
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सांगली। म्हैसल गांव में डॉ. माणिक वनमोरे परिवार के नौ लोगों की मौत मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। अब तक की जांच में पता चला है कि परिवार के लोगों ने सामूहिक आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि पूरे परिवार को जहर देकर मारा गया था। इस मामले में बड़ा खुलासा करते हुये पुलिस ने एक तांत्रिक और उसके ड्रायवर को गिरफ्तार किया है। दोनों ने तंत्रमंत्र और गुप्त धन के फेर में तांत्रिक ने सभी को चाय में जहर देकर मौत के घाट उतार दिया था। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस आरोपी तांत्रिक और उसके ड्रायवर को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, 20 जून को महाराष्ट्र सांगली के म्हैसल गांव में पशु के डाॅक्टर और भाई टीचर परिवार के 9 लोगों की लाश घर के कमरे में मिली थी। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस की टीम पहुंची और जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस को शव के पास से सुसाइड नोट बरामद हुआ। इस नोट में मौत की वजह करोड़ो रूपए कर्ज और सूदखोरों से परेशान होकर आत्महत्या करने की बात लिखी हुई थी। इस आधार पर पुलिस ने मामले को आत्महत्या से जोड़कर इसकी जांच शुरू की।

जाँच के दौरान पुलिस ने गांव के लोगों और वहां लगे सीसीटीवी फुटेजों की छानबीन की। इस बीच पुलिस को सीसीटीवी में एक वाहन आते जाते दिखाई दी। साथ ही पुलिस को पूछताछ में ये भी पता चला कि मृतक परिवार के यहां एक तांत्रिक का आना जाना लगा रहता था और आत्महत्या से पहले भी उसे घटना स्थल पर देखा गया था। इस आधार पर पुलिस ने तांत्रिक और उस अज्ञात कार की तलाश शुरू की। वाहन की लोकेशन सोलापुर में पाई गई। खोजबीन में वाहन का इस्तेमाल करने वाले तांत्रिक अब्बास मोहम्मद अली बागवान को सोलापुर से पकड़ा गया और उससे कड़ाई से पूछताछ की गई।

पूछताछ में आरोपी ज्यादा देर पुलिस को गुमराह नहीं कर सका और फिर हत्या करने की बात कबूल की। आरोपी ने बताया कि डॉ. माणिक वनमोरे और पोपट वनमोरे कर्ज से परेशान थे। इसी के चलते दोनों ने कुछ समय पहले ही तांत्रिक के संपर्क में आये थे। तांत्रिक अब्बास ने वनमोर भाइयों को गुप्त धन खोजने का वादा किया था और इसके एवज में उसने मोटी रकम करीब 1 करोड़ रुपए भी लिए थे। जब गुप्त धन नहीं मिला तो वनमोरे बंधु तांत्रिक से अपनी रकम वापस मांगने लगे। दबाव बढ़ा तो उसने वनमोरे बंधुओं के पूरे परिवार को ही रास्ते से हटाने की प्लानिंग की।

प्लानिंग के तहत 19 जून को वो अपने ड्राइवर धीरज चंद्रकांत सुरवशे के साथ म्हैसल गांव में वनमोरे बंधुओं के घर पहुंचा, जहां तांत्रिक ने छिपे हुए खजाने को खोजने के लिए तंत्र-मंत्र की क्रिया शुरू की। इस दौरान उसने परिवार के सदस्यों को उनके घरों की छत पर भेजा, फिर उन्हें एक-एक करके नीचे बुलाया और चाय पीने के लिए कहा, जिसमें पहले से कोई जहरीला पदार्थ मिला हुआ था। इस पेय को पीने के बाद सभी ने दम तोड़ दिया।

बता दें, इस मामले में पुलिस ने 25 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था जिनसे परिवार ने उधार लिया था। पुलिस ने इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में 19 लोगों को गिरफ्तार किया था।


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