बड़ी खबरः दंतेवाड़ा कलेक्टर विनीत ने लिया सारे स्कूलों को आत्मानंद में कंवर्ट करने का जिम्मा, सरकार ने कलेक्टरों से ली थी सहमति

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वामी आत्मानंद स्कूलों की सफलता के बाद सरकार ने हिन्दी मीडियम के हाईस्कूलों और हायर सेकेंड्री स्कूलों को स्वामी आत्मानंद योजना में शामिल करने पर पिछले महीने से मंथन प्रारंभ कर दिया था। उसी का नतीजा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज 15 अगस्त के भाषण में न केवल आत्मानंद स्कूलों की संख्या दोगुनी के करीब बढ़ाकर 422 करने का ऐलान किया बल्कि दंतेवाड़ा के सभी हाईस्कूल और हायर सेंकेंड्री स्कूलों को आत्मानंद योजना में कंवर्ट करने का ऐलान किया।
दरअसल, सरकार ने कुछ दिन पहले सूबे के कलेक्टरों से पूछा था कि वे अपने जिले के कितने हाई स्कूलों और हायर सेंकेंड्री स्कूलों को आत्मानंद में कंवर्ट कर सकते हैं। सभी कलेक्टरों ने कुछ-न-कुछ संख्या बताया था। बताते हैं, प्रमुख सचिव स्कूल एजुकेशन डॉ0 आलोक शुक्ला से कलेक्टरों की बातचीत के बाद सबसे पहले रायगढ़ के डीईओ ने स्कूलों को निर्देश भेजकर शिक्षकों का डिटेल मंगाया। उसकी खबर सबसे पहले एनपीजी न्यूज ने प्रकाशित किया था कि छत्तीसगढ़ के बाकी स्कलों को भी आत्मानंद योजना में शामिल किया जाएगा।
प्रमुख सचिव आलोक शुक्ला ने एनपीजी न्यूज को आज बताया, हमने सभी कलेक्टरों से संख्या पूछा था, सबसे अपने हिसाब से संख्या बताई है। दंतेवाड़ा के कलेक्टर विनीत नंदनवार ने सभी स्कूलों को आत्मानंद में कंवर्ट करने के लिए कहा, इसलिए वहां का ऐलान किया गया है। शुक्ला बोले, मुख्यमंत्रीजी ने आज भाषण में अगले शिक्षा सत्र तक आत्मानंद स्कूलों की संख्या बढ़ाकर 422 करने कहा है...अगले साल जून से पहले ये सभी स्कूल तैयार हो जाएंगे। ये पूछने पर कि इसके बाद सबसे अधिक डीएमएफ वाले कोरबा और रायगढ़ के सभी हाईस्कूल और हायर सेकेंड्री स्कूल इस योजना में शामिल कर लिए जाएंगे, उन्होंने कहा, ये अभी नहीं कहा जा सकता।
बहरहाल, दंतेवाड़ा में 61 हाईस्कूल और हायर सेकेंड्री स्कूल हैं। ये सभी अब आत्मानंद योजना में शामिल हो जाएंगे। इनका संचालन अब कलेक्टर की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी। स्कूलों का रखरखाव के साथ ही शिक्षकों का वेतन भी अब दंतेवाड़ा के डीएमएफ मद से दिया जाएगा। इस बारे में एनपीजी ने दंतेवाड़ा कलेक्टर विनीत नंदनवार से बात की। उन्होंने बताया, मैं बस्तर का रहने वाला हूं, जगदलपुर का। बस्तर में दंतेवाड़ा और रिमोट इलाका है। विनीत ने कहा...स्वामी आत्मानंद योजना में सभी हाईस्कूल और हायर सेंकेंड्री स्कूलों के शामिल हो जाने से दंतेवाड़ा के बच्चों के हित में सरकार का एक बड़ा कदम होगा...इससे दंतेवाड़ा में पढ़ाई नया माहौल निर्मित होगा।
