Begin typing your search above and press return to search.

कलेक्टर मेरा जूनियरः शिक्षक से जुगाड़ लगाकर प्रोटोकॉल अधिकारी बन गए मास्टर साब...अब राजधानी के कलेक्टर को बोल रहे जूनियर, सुनिये जरा इनका वायरल ऑडियो

कलेक्टर मेरा जूनियरः शिक्षक से जुगाड़ लगाकर प्रोटोकॉल अधिकारी बन गए मास्टर साब...अब राजधानी के कलेक्टर को बोल रहे जूनियर, सुनिये जरा इनका वायरल ऑडियो
X
By NPG News

रायपुर, 6 दिसंबर 2021। शिक्षक से जुगाड़ में प्रोटोकॉल अधिकारी की पोस्टिंग पा गए अरबिंद सिह का एक गजब का ऑडियो वायरल हुआ है। वे रायपुर कलेक्टर सौरव कुमार को बोल रहे हैं, वह मेरा जूनियर है...मैं जूनियर से बात नहीं करता।

उनसे दिल्ली से अजय सिंह नाम का आदमी फोन करता है....अरबिंद जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई प्रह्लाद मोदीजी के विजिट और उनके लिए प्रोटोकॉल से गाड़ी की बात करता है तो अरबिंद सिंह बोल रहे, आप कलेक्टर से बात कीजिए....मैं डिप्टी सिकरेट्री हूं। सामने से जवाब आता है...कलेक्टर से बात नहीं हो पा रही, आप बोल दीजिए, इस पर अरबिंद सिंह कहते हैं, मैं डिप्टी सिकरेट्री, कलेक्टर मेरा जूनियर है....मैं जूनियर से बात नहीं करता।

इस आडियो के वायरल होने के बाद एनपीजी न्यूज ने अरबिंद सिंह से मोबाइल पर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि दो दिन पहले बात हुई थी। लेकिन, वो सामान्य बात थी। मैंने कहा, मैं स्टेट प्रोटोकॉल देखता हूं इसलिए मैंने कहा कि आप कलेक्टर साब से बात कर लीजिए, वे जिले का प्रोटोकॉल देखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मेरी तबियत ठीक नहीं थी, जब दिल्ली से उस व्यक्ति का फोन आया तो मैं डाक्टर के पास था। उनसे डिप्टी सिकरेट्री के पदनाम के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि स्टेट प्रोटोकॉल अधिकारी डिप्टी सिकरेट्री के समकक्ष होता है। इस सवाल कि आप आडियो में कलेक्टर को जूनियर बता बात करने से इंकार कर रहे, वे इसका कोई जवाब नहीं दिए।

अरबिंद से यह भी सवाल हुआ कि वायरल पोस्ट में आपको शिक्षक से प्रोटोकॉल में ओएसडी, फिर गृह मंत्री तामं्रध्वज साहू का ओएसडी और फिर स्टेट प्रोटोकाल आफिसर...इतनी तरक्की आपने कैसे हासिल की, उन्होंनं कहा, ये आज जीएडी से पूछिए।

ज्ञातव्य है, अरंिबद सिंह पेशे से शिक्षक हैं, लेकिन, पिछले 18 साल से मंत्रालय में हैं। रमन सरकार में लंबे समय तक प्रोटोकॉल में वाहन शाखा देखते रहे। सरकार बदली तो फिर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू के ओएसडी बन गए और अब स्टेट प्रोटोकॉल अधिकारी।

Next Story