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10 नवंबर को मनाया जाएगा छठ पर्व...जानें नहाय, खाय और खरना की तारीखें... नोट कर लें पूजन सामग्री लिस्ट और विधि

10 नवंबर को मनाया जाएगा छठ पर्व...जानें नहाय, खाय और खरना की तारीखें... नोट कर लें पूजन सामग्री लिस्ट और विधि
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By NPG News

नईदिल्ली 6 नवम्बर 2021। कार्तिक महीने में शुक्ल पक्ष की षष्ठी यानी छठी तिथि से छठ पूजा की शुरुआत हो जाती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में छठ का महापर्व बड़े ही धूम- धाम से मनाया जाता है। यह पर्व 4 दिनों तक मनाया जाता है। छठ के दौरान महिलाएं लगभग 36 घंटे का व्रत रखती हैं। छठ के दौरान छठी मईया और सूर्यदेव की पूजा- अर्चना की जाती है। छठी मईया सूर्य देव की मानस बहन हैं।

अंग्रेजी कैलेंडर के मुताबिक, इस बार छठ पूजा 10 नवंबर को मनाया जाएगा। ऐसे में दिवाली खत्‍म होते ही घाटों को साफ करने और सजाने का काम भी शुरू हो गया है। सबसे कठिन व्रतों में से एक छठ को लेकर मान्यता है कि छठी मइया का व्रत रखने वाले व विधि-विधान से पूजा करने वाले दम्पति को संतान सुख की प्राप्ति होती है और परिवार में सुख समृद्धि आती है। सूर्य देव और उनकी बहन छठी मइया को समर्पित इस महापर्व की तैयारी (Preparation) शुरू हो चुकी है. मुख्यरूप से तीन दिनों को पर्व को सादगी और पवित्रता के साथ मनाया जाता है। दिवाली के बाद की षष्टी तिथि को सूर्य षष्ठी भी कहा जाता है। तो आइए जानते हैं कि छठ पूजा 2021 के पूरे कार्यक्रम का शुभ मुहूर्त कब है।

छठ पूजा 2021 कैलेंडर

08 नवंबर 2021, सोमवार: नहाय खाय से छठ पूजा का आरंभ होगा.

09 नवंबर 2021, मंगलवार: इस दिन छठ पर्व खरना.

10 नंवबर 2021, बुधवार: छठ पूजा, इस दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है.

11 नवंबर 2021, गुरुवार: इस दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और छठ पूजा समापन.

नहाय खाय- छठ पूजा की शुरुआत नहाय खाय के साथ होती है. बता दें कि इस वर्ष नहाय खाय 08 नवंबर को होगा.

खरना- छठ पूजा का दूसरा दिन होता है खरना. 9 नवंबर के दिन खरना होगा, जो कि छठ पूजा का महत्वपूर्ण दिन होता है. इसे लोहंडा भी कहा जाता है. इस दिन व्रत रखा जाता और रात में खीर खाकर फिर 36 घंटे का कठिन व्रत रखा जाता है. इस दिन छठ पूजा के प्रसाद की तैयारी की जाती है और प्रसाद बनाया जाता है.

छठ पूजा- खरना के अगले दिन छठ पूजा का मुख्य दिन होता है. इस दिन छठी मैया और सूर्य देव की पूजा की जाती है. इस साल छठ पूजा 10 नवंबर को है. बता दें कि छठ पूजा के दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है.

छठ पूजा समापन- छठ पूजा से अगले दिन छठ पूजा का समापन होता है. इस दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. 36 घंटे का कठिन व्रत पारण के बाद पूर्ण किया जाता है.

पूजा- विधि-

छठ का महापर्व 4 दिनों तक मनाया जाता है। नहाय- खाय से छठ पूजा की शुरुआत होती है।

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नहाय- खाय

8 नवंबर 2021 को नहाय- खाय किया जाएगा। नहाय खाय के दिन पूरे घर की साफ- सफाई की जाती है और स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। इस दिन चना दाल, कद्दू की सब्जी और चावल का प्रसाद ग्रहण किया जाता है। अगले दिन खरना से व्रत की शुरुआत होती है।

खरना

खरना 9 नवंबर 2021 से किया जाएगा। इस दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाती हैं और फिर सूर्य देव की पूजा करने के बाद यह प्रसाद ग्रहण किया जाता है। इसके बाद व्रत का पारणा छठ के समापन के बाद ही किया जाता है।

खरना के अगले दिन सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है

खरना के अगले दिन शाम के समय महिलाएं नदी या तालाब में खड़ी होकर सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं। इस साल 10 नवंबर 2021 को शाम को सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।

छठ पर्व का समापन

खरना के अगले दिन छठ का समापन किया जाता है। इस साल 11 नवंबर को इस महापर्व का समापन किया जाएगा। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले ही नदी या तालाब के पानी में उतर जाती हैं और सूर्यदेव से प्रार्थना करती हैं। इसके बाद उगते सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पूजा का समापन कर व्रत का पारणा किया जाता है।

छठ पूजा सामग्री लिस्ट-

प्रसाद रखने के लिए बांस की दो तीन बड़ी टोकरी, बांस या पीतल के बने तीन सूप, लोटा, थाली, दूध और जल के लिए ग्लास, नए वस्त्र साड़ी-कुर्ता पजामा, चावल, लाल सिंदूर, धूप और बड़ा दीपक, पानी वाला नारियल, गन्ना जिसमें पत्ता लगा हो, सुथनी और शकरकंदी, हल्दी और अदरक का पौधा हरा हो तो अच्छा, नाशपाती और बड़ा वाला मीठा नींबू, जिसे टाब भी कहते हैं, शहद की डिब्बी, पान और साबुत सुपारी, कैराव, कपूर, कुमकुम, चन्दन, मिठाई।

क्‍या है नहाय खाय

नहाय खाय के दिन घर की विस्‍तार से सफाई की जाती है और पूजा सामग्री को पवित्र स्थान पर रखा जाता है. इस दिन से सभी घर के सदस्‍या सात्विक आहार करते हैं.


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