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CM का धरम पर तंज: गुलदस्ता देने गए थे और इस्तीफा ले लिया गया... क्या उन्हें बनाने या हटाने में प्रक्रिया का पालन किया गया?

पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव पर सवाल उठाए थे, जिस पर सीएम भूपेश बघेल ने पलटवार किया है।

CM का धरम पर तंज: गुलदस्ता देने गए थे और इस्तीफा ले लिया गया... क्या उन्हें बनाने या हटाने में प्रक्रिया का पालन किया गया?
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By NPG News

रायपुर। कांग्रेस में अध्यक्ष के चुनाव के संबंध में पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के बयान पर सीएम भूपेश बघेल ने पलटवार किया है। सीएम ने तंज किया कि क्या कौशिक को जब नेता प्रतिपक्ष बनाया गया, तब प्रक्रिया का पालन किया गया या हटाने के समय विधायकों की सहमति ली गई। प्रदेश अध्यक्ष को हटाने के समय किस प्रक्रिया का पालन किया गया। खुद (कौशिक) गुलदस्ता देने गए थे और उनसे इस्तीफा ले लिया गया। सीएम ने कहा कि कौशिक पहले अपनी पार्टी को देख लें।

इससे पहले कौशिक ने लगातार कांग्रेस के सीनियर लीडर के पार्टी छोड़ने पर सवाल किया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र नहीं है। सीनियर लीडर कांग्रेस में अपमानित हो रहे हैं। मोदीजी की सरकार बनने के बाद चार सौ सीनियर लीडर पार्टी छोड़ चुके हैं। कांग्रेस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया। ऐन केन प्रकारेन अध्यक्ष बना भी दें, लेकिन जहां सीनियर लीडर को बोलने की आजादी नहीं है, वहां चुनाव महज नौटंकी है।

5 साल मौका मिला, तब क्यों चुटकी नहीं बजाई

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बयान पर सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 15 साल भाजपा को काम करने का अवसर मिला। इसमें 5 साल ऐसे थे, जब केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार थी। उसी समय नक्सलवाद चरम पर था। झीरम घाटी की घटना हुई, जिसमें कांग्रेस नेताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में जवान और लोग शहीद हो गए। जब पांच साल मौका मिला, तब क्यों चुटकी नहीं बजाई? कांग्रेस की सरकार में आज विकास, विश्वास और सुरक्षा की नीति से नक्सली पीछे हटे हैं। अपराध बढ़ने के संबंध में आरोप पर सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार में घटनाएं हुई हैं, लेकिन पुलिस को सफलता भी मिली है। भाजपा सरकार में जेल ब्रेक, बैंक लूट, चिटफंड के आरोपी नहीं पकड़े गए।

जनहित के मुद्दों पर क्यों नहीं बोलते भाजपा नेता

सीएम बघेल ने बालोद जाने से पहले मीडिया से बातचीत में कहा कि खाद की आपूर्ति, जीएसटी क्षतिपूर्ति की राशि, केरोसिन की आपूर्ति, पैसेंजर ट्रेन बंद करने के मुद्दे पर भाजपा के नेता और सांसद क्यों सवाल नहीं करते। भाजपा के कार्यकर्ताओं को अपने नेताओं से इन मुद्दों पर सवाल करना चाहिए। 2017 में जीएसटी लागू किया गया। उस समय पांच साल तक राज्यों को क्षतिपूर्ति देने की बात की गई थी, लेकिन जून 2022 में इसे बंद कर दिया गया। छत्तीसगढ़ को हर साल 5 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है।

केंद्र सरकार ने 35.80 लाख परिवारों को उज्जवला गैस कनेक्शन दिया, लेकिन अब स्थिति यह है कि आसमान छूती गैस सिलेंडर की कीमत के कारण आम गृहणियां गैस सिलेंडर का उपयोग करना बंद कर दी है। इस वजह से गैस सिलेंडर के उपयोग में 66 प्रतिशत की कमी आई है। पहले राज्य को 1.35 लाख किलोलीटर केरोसिन मिलता था, उसे घटाकर 48 हजार किलो लीटर कर दिया गया है। केरोसिन आपूर्ति में 66 प्रतिशत की कमी की गई है। 16 रुपए से रेट अब 70 रुपए कर दिया गया है। गैस सिलेंडर का भाव यूपीए सरकार के दस साल में 200 से 400 हुआ तो खूब हल्ला करते थे। भाजपा सरकार में 1100 हो गया है। केंद्र ने धान बोनस पर प्रतिबंध लगाया लेकिन भाजपा सांसद-नेता कुछ नहीं बोलते।

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