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CG: KBC में जीत चुकी डिप्टी कलेक्टर का रिश्वत मांगने का वीडियो हुआ वायरल, वीडियो के बेस पर पटवारी को गिरफ्तार करने वाले ACB अफसर अब उलझन में...

CG: KBC में जीत चुकी डिप्टी कलेक्टर का रिश्वत मांगने का वीडियो हुआ वायरल, वीडियो के बेस पर पटवारी को गिरफ्तार करने वाले ACB अफसर अब उलझन में...
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मुंगेली 18 मई 2022। कौन बनेगा करोड़पति के नौवें सीजन में साढ़े बारह लाख की रकम जीत चुकी डिप्टी कलेक्टर पर राशन कार्ड बनाने के नाम से रकम मांगने का वीडियो वायरल हुआ हैं। महिला डिप्टी कलेक्टर के मुंगेली जिले के लोरमी जनपद में पदस्थ रहने के दौरान का यह वीडियो बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में राशन कार्ड बनाने के नाम पर महिला जनपद उपाध्यक्ष से रकम की बात चीत सामने आई है। जिसे जनपद उपाध्यक्ष द्वारा रिकार्ड कर वायरल करने की बात सामने आई है।

मिली जानकारी के अनुसार मुंगेली में डिप्टी कलेक्टर अनुराधा अग्रवाल की पदस्थापना हैं। उनकी पोस्टिंग जनपद लोरमी में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में थी। फिलहाल वे 22 अप्रैल से मातृत्व अवकाश पर चल रहीं हैं। उनके पास प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की सचिव व जनपद उपाध्यक्ष खुशबु आदित्य वैष्णव राशन कार्ड बनवाने सम्बन्धित चर्चा के लिये गयी हुई थी। बताया जा रहा हैं कि उन्हें 18 राशन कार्ड बनवाने थे। वायरल वीडियो के अनुसार जनपद सीईओ के रूप में पदस्थ महिला डिप्टी कलेक्टर कह रहीँ हैं कि इसके लिये कुछ छुड़वा दिजियेगा। जिस पर महिला उपाध्यक्ष ने कहा कि राशन कार्ड के नाम पर कुछ लगता हैं यह मैं पहली बार सुन रही हूं। यह सुन कर महिला डिप्टी कलेक्टर ने जवाब दिया कि आप पहली बार सुन रही हैं यह सुन कर मुझे आश्चर्य हो रहा है। साथ ही महिला डिप्टी कलेक्टर कह रही हैं कि विधायक जी तो कुछ लेते नही पर उनके कार्यकर्ताओं का कुछ आ गया या सागर भैया का कुछ आ गया तो करना पड़ता हैं। इसके अलावा और भी बहुत से लोगो को मैनेज करना पड़ता हैं जिसके कारण हम लोगो को दिक्कत होती है। महिला डिप्टी कलेक्टर का कहने का मतलब बेगारी करने से था।

जनपद उपाध्यक्ष वीडियो में दुहाई देते हुए कह रही हैं कि मेरे द्वारा लाये गए फॉर्म में सभी औपचारिकताएं पूरी हो गयी हैं। यदि नही होगा तो कारण लिख कर दे दिजियेगा। महिला उपाध्यक्ष के कहने का तातपर्य था कि इन सब चीजो के लिए भी रकम लगती हैं यह मेरी समझ से परे हैं, जिस पर डिप्टी कलेक्टर अनुराधा अग्रवाल ने कहा आप तो इतनी समझदार है। इसके साथ ही डिप्टी कलेक्टर कह रही हैं कि हम लोग भी कई जगह खर्चा करते हैं। जो यहां प्रथा चला हैं उसके हिसाब से दीपावली में भी आप सभी के लिये भिजवाया। जिस पर महिला उपाध्यक्ष ने मना करते हुए कुछ भी लेने से इंकार किया तब डिप्टी कलेक्टर कहती हैं कि हम देते तो आप लोगो के नाम से ही है। हमारे ऊपर भी प्रेशर है अब हर काम ऑनेस्टी के साथ करो बोलोगे तो कैसे होगा। तब महिला जनपद उपाध्यक्ष कहती हैं कि हर काम के लिये नही पर सरकार का नियम हैं कि सारे कागजात पूरे होने पर कार्ड बनाने का नियम हैं और जनता गरीब हैं तभी तो राशन कार्ड बनवा रही हैं। डिप्टी कलेक्टर देखवा लेने की बात कहती हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद मुंगेली कलेक्टर गौरव सिंह ने जांच के बाद तथ्यों के आधार पर कार्यवाही की बात कही है। वही डिप्टी कलेक्टर अनुराधा अग्रवाल ने मीडिया को दिए बयान में छवि खराब करने के लिये तोड़ मरोड़ कर एडिटेड वीडियो वायरल करने का आरोप लगाया है। अनुराधा अग्रवाल के अनुसार महिला उपाध्यक्ष के द्वारा मुझ पर दबाव बना कर नियम विरुद्ध तरीके से करीबन डेढ़ दर्जन राशन कार्ड बनवाने का दबाव बनाया जा रहा था पर नियमतः कार्यवाही करने की बात कहने पर उनके द्वारा मेरी छवि खराब की जा रही हैं।

वही जनपद उपाध्यक्ष खुशबू वैष्णव का कहना हैं कि मैं जनता का काम लेकर अनुराधा अग्रवाल के पास गई थी जिस पर उन्होंने मुझसे खुद के रकम की मांग की। उनके बारे में पहले भी सुनने में आता रहता है कि वो जनता से काम के एवज में पैसों की मांग करती हैं। मुझसे उन्होंने स्पष्ट ही कोई निश्चित रकम की मांग तो नही की थी पर प्रति कार्ड दो हजार रुपये खर्च लग जाना कहा था और मैं उनके पास 18 कार्ड बनवाने गयी थी। जब मैं जनप्रतिनिधि हु तो मुझसे पैसो की मांग कर दी गयी तो जनता के साथ कैसा व्यवहार होता होगा। एसे अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की आवश्यकता है।

ज्ञातव्य है कि अनुराधा अग्रवाल 2016 बेच की डिप्टी कलेक्टर हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में केबीसी के सीजन 9 में हिस्सा लिया था। उनका शो 20 व 21 सितम्बर को ऑन एयर हुआ था जिसमे उन्होंने साढ़े 12 लाख रुपये जीते थे। अनुराधा अग्रवाल के मातृत्व अवकाश में जाने के कई दिनों बाद पुराना वीडियो वायरल होने से तरह तरह की चर्चाएँ हैं। वहीं, वायरल वीडियो के आधार पर पिछले हफ्ते पटवारी को गिरफ्तार करने वाले एसीबी अफसर अब पशोपेश में होंगे कि इस मामले में क्या एक्शन लिया जाए। एसीबी को अधिकार है कि वायरल वीडियो के आधार पर कार्रवाई कर सकती है।

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