मछली बाज़ार और निपोरचंद पर उबला सदन.. विपक्ष माफ़ी की बात पर गर्भगृह में अड़ा.. भाजपा विधायक निलंबित

Chhatisgarh Vidhansabha Budget session 2025
रायपुर,14 मार्च 2022। सहकारी समिति नवागढ़ में धान ख़रीदी में गड़बड़ी के मसले पर कांग्रेस विधायक आशीष छाबडा के ध्यानाकर्षण पर बहस के दौरान मंत्री अमरजीत भगत के द्वारा विपक्ष के हंगामे के बाद की गई टिप्पणी पर बवाल मच गया। हालात तब और हंगामाखेज हो गया जबकि कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने बेहद तीखे तेवरों के साथ मंत्री अमरजीत भगत की टिप्पणियों की आलोचना कर दी। वहीं ध्यानाकर्षण लाने वाले कांग्रेस विधायक आशीष छाबड़ा ने भी ध्यानाकर्षण के जवाब ना मिलने पर लगातार प्रश्न कर व्यवस्था माँगी।
कांग्रेस विधायक आशीष छाबड़ा के ध्यानाकर्षण के जवाब में मंत्री अमरजीत भगत ने सदन को जानकारी देते हुए स्वीकारा कि गड़बड़ी पाई गई, लेकिन अपने जवाब में मंत्री अमरजीत भगत ने दोषियों पर कार्यवाही के विषय में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया और सरकार पर भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का आरोप लगा दिया। कार्यवाही की माँग आशीष छाबड़ा ने भी रखी। इस पर मंत्री अमरजीत भगत ने हंगामा कर रहे विपक्ष पर टिप्पणी की -
"क्या मछली बाज़ार बनाए हो.." इस टिप्पणी पर विपक्ष उबल गया, और आसंदी से व्यवस्था माँगते हुए नारेबाज़ी करने लगा। इस बीच जबकि हंगामा जारी था, मंत्री अमरजीत भगत ने दूसरी टिप्पणी कर दी -
"निपोरचंद हैं ये" इस पर हंगामा और बढ़ गया, हंगामा बढ़ते देख विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी।लेकिन भाजपा विधायक दल नारेबाज़ी करते हुए गर्भगृह पहुँच गए,और लगातार बने रहे। दस मिनट के बाद जबकि कार्यवाही शुरु हुई तो सबको चकित करते हुए विधायक बृहस्पति सिंह ने तीखे तेवरों से मंत्री अमरजीत भगत की टिप्पणियों की आलोचना की। इस पर आसंदी ने विधायक बृहस्पति सिंह की टिप्पणियों को विलोपित करने का निर्देश दिया, लेकिन बृहस्पति सिंह शांत नहीं हुए, वे लगातार इस व्यवहार और टिप्पणी की आलोचना करते रहे। कांग्रेस विधायक आशीष छाबड़ा भी लगातार खड़े रहकर कार्यवाही की माँग करते रहे। कांग्रेस विधायक आशीष छाबड़ा ने सदन में कहा
"गड़बड़ी हुई है, और यह प्रमाणित गड़बड़ी है.. मैं सत्ता पक्ष का विधायक हूँ और उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है" इस हंगामे के बीच जबकि टिप्पणियों को लेकर व्यवस्था की माँग हुई तो आसंदी से सभापति सत्यनारायण शर्मा ने कहा "मछली बाज़ार शब्द विलोपित किया गया है.. जहां तक खेद प्रकट किए जाने का मसला है तो वह मंत्री के विवेक पर है" हालाँकि सदन की कार्यवाही फिर से शुरु हो गई लेकिन हंगामा बदस्तूर जारी है।
