कलेक्टर कॉंफ़्रेंस पर भिड़े भाजपा कांग्रेस: पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह का करारा तंज - "पहले कलेक्टर का मतलब कलेक्टिंग एजेंट, भूपेश सरकार ने इसे सच साबित किया" कांग्रेस के आर पी सिंह ने किया तीखा पलटवार-"पंद्रह बरसों तक कमीशनखोरी करने वाले क्या जानें कलेक्टर कॉंफ़्रेंस क्या होती है"

रायपुर,21 अक्टूबर 2021। कलेक्टर कॉंफ़्रेंस के मसले पर भाजपा और कांग्रेस आमने सामने हो गए हैं। भाजपा ने पूरे प्रशासन को फेल बताते हुए इस कॉंफ़्रेंस पर ही सवाल उठाया है तो कांग्रेस ने डॉ रमन सिंह के कार्यकाल को कमीशनखोरी का पर्याय बताते हुए डॉ रमन सिंह पर आरोप जड़ा है कि वे कठपुतली थे।
दरअसल राजधानी में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कलेक्टर कॉंफ़्रेंस कर रहे हैं। राज्य के सभी कलेक्टर से वन टू वन संवाद करते हुए मुख्यमंत्री बघेल योजनाओं की जानकारी लेते हुए समीक्षा कर रहे है।
इसी कॉंफ़्रेंस को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने निशाना साधा और कहा
"बीजेपी के 15 बरस की समीक्षा कर लें, आँख खूल जाएगी वह स्वर्णिम युग था,पहले कलेक्टर का मतलब कलेक्टिंग एजेंट था, भूपेश सरकार ने उसे सच साबित किया है, प्रशासन नाम की चीज छत्तीसगढ में नहीं है, सरकार पूरी तरह पंगू हो चुकी है, ट्रांसफ़र पोस्टिंग का खेल खेला जा रहा है"
डॉ रमन सिंह के इस बेहद तीखे तंज पर कांग्रेस ने करारा पलटवार किया है। कांग्रेस प्रवक्ता आर पी सिंह ने डॉ रमन सिंह के आरोप पर कहा है
"पंद्रह बरसों तक डॉ रमन सिंह,पूरी भाजपा और उनकी सरकार कमीशनखोरी के समुद्र में डूब कर नहाते रहे हैं, डॉ रमन सिंह यह क्यों भूल जाते हैं कि वे पंद्रह वर्षों के कार्यकाल में केवल कठपुतली थे,एक संविदा अधिकारी सूपर सीएम था, इसलिए उन्हें पता ही नहीं है कि अधिकारियों की कॉंफ़्रेंस क्या होती है, भ्रष्टाचार ऐसा था कि खुद डॉ रमन सिंह को सलाह देनी पड़ी थी कि,सिर्फ़ एक साल कमीशन लेना बंद कर दो आने वाले बीस साल तक सत्ता में बने रहेंगे।जहां तक कलेक्टरों को कलेक्शन के लिए बैठाते थे या नहीं यह जानकारी किसी और को हो ना हो, रमन सिंह को जरुर होनी चाहिए, क्योंकि अंग्रेजों के मुखबिरों के वंशज नहीं जानेंगे तो कौन जानेगा"
इस आरोप प्रत्यारोप के बीच स्थानीय सर्किट हाउस के सभाकक्ष में कलेक्टर कॉंफ़्रेंस अपने अंतिम चरण की ओर है।
