Begin typing your search above and press return to search.

राज्योत्सव के मंच पर मीठी नोकझोंकः नेता प्रतिपक्ष का सियासी तंज -"बिसाहू दास महंत के नाम पुरस्कार, विधानसभा अध्यक्ष के होत हे तिरस्कार" CM बघेल का पलटवार-"परंपरा नई टूटिस नेताजी..छत्तीसगढ़ बन गए रहिस छत्तीसगढ़िया लगते नई रहिस"

राज्योत्सव के मंच पर मीठी नोकझोंकः नेता प्रतिपक्ष का सियासी तंज -बिसाहू दास महंत के नाम पुरस्कार, विधानसभा अध्यक्ष के होत हे तिरस्कार CM बघेल का पलटवार-परंपरा नई टूटिस नेताजी..छत्तीसगढ़ बन गए रहिस छत्तीसगढ़िया लगते नई रहिस
X
By NPG News

रायपुर,1 नवंबर 2021। राज्योत्सव के मंच पर सियासी तंज के साथ ही सही पर मीठी नोंकझोंक दिखी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने विधानसभा अध्यक्ष की अनुपस्थिति का ज़िक्र किया और अधिकारियों को लक्ष्य करते हुए कहा "परंपरा टूटिस हे.. अधिकारी मन ला देखना चाही.. विधानसभा अध्यक्ष रहत रहिस..आज नि दिखत हे.. बिसाहू दास महंत के नाम पुरस्कार अउ विधानसभा अध्यक्ष के होत हे तिरस्कार"

इसके ठीक बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोलने पहुँचे और उन्होंने इस सियासी तंज का जवाब दिया। उन्होंने याद दिलाया "नेताजी, परंपरा टूटे के चिंता करत रहिस.. त ओला बता दों जईसे आज माई पहुना राज्यपाल जी है, वईसे नृत्य महोत्सव मा विधानसभा अध्यक्ष जी पहुना रहिस अउ मंत्री रविंद्र चौबे जी अध्यक्ष रहिस"

उसके बाद मुस्कुराते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा- "छत्तीसगढ़ बन गे रहिस..छत्तीसगढ़िया लगत नई रहिस..तीज त्यौहार बोली भाखा बढ़ाए के काम तो हमन करेन.. तुमन तो राजगीत तक नई बनाए पाए रहे..राजगमछा भी हमन बनाएन"

सीएम बघेल ने आगे याद दिलाया- "किसान तो किसान मज़दूर ला समृद्ध करें के काम सरकार करिस..कोरोना काल मा छ सौ करोड़ रुपिया खाता मा सरकार पहुंचाईस..आय मा कइसे वृद्धि होए ये काम करेन.. सबके सेवा करथन.. गउ माता के सेवा सरकार करत हे..सात हज़ार से अधिक गौठान बन गिस"

उद्बोधन के शुरुआती दौर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य का स्वप्न देखने वाले पुरखों, छत्तीसगढ की कला संस्कृति को रचने वाले साहित्यकारों को याद किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- "पुरखा मन के याद करें के दिन हे..इन्होंने स्वाभिमान को जगाया.."

सीएम बघेल के उद्बोधन में छत्तीसगढ के निर्माण के दौर में अहम भुमिका निबाहने वाले का ज़िक्र था। उन्होंने कहा- "अटल जी,सोनिया जी,दिग्विजय सिंह जी को याद करता हूँ, रविंद्र चौबे जी ने वह शासकीय प्रस्ताव पेश किया था, चौबे जी को वह सौभाग्य मिला था..राजेंद्र प्रसाद शुक्ल को याद करता हूँ.. सबको नमन"

Next Story