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एयर मार्शल मानवेन्द्र सिंह करेंगे हेलीकॉप्टर क्रेश जांच, जानिए कौन हैं ये?.... जानिए सदन में रक्षा मंत्री ने क्या कहा

एयर मार्शल मानवेन्द्र सिंह करेंगे हेलीकॉप्टर क्रेश जांच, जानिए कौन हैं ये?.... जानिए सदन में रक्षा मंत्री ने क्या कहा
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By NPG News

नईदिल्ली 9 दिसम्बर 2021। एयर मार्शल मानवेन्द्र सिंह करेंगे हेलीकॉप्टर क्रेश जांच,सदन में रक्षामंत्री ने दी जानकारी,लोकसभा में फहले दो मिनट का मौन रख दी गयी श्रद्धांजलि फिर जाने क्या क्या कहा रक्षा मंत्री ने,जाने एयर मार्शल मानवेन्द्र सिंह के बारे में भी कुन्नूर में बुधवार को हुए हेलिकॉप्टर क्रैश पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को संसद में बयान दिया। रक्षा मंत्री ने लोकसभा में बताया कि सीडीएस रावत अपने तय दौरे पर थे।

एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह को 29 दिसंबर 1982 को हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच में शामिल किया गया था। इसके बाद उन्हें कई अहम जिम्मेदारियां दी गई थीं। एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह ने इसी साल एक फरवरी को भारतीय वायु सेना की दक्षिणी वायु कमान के प्रमुख का कार्यभार संभाला था इसके बाद सितंबर में उन्हें एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ( ट्रेनिंग कमांड) की जिम्मेदारी दी गई थी। अब हेलीकॉप्टर हादसे की जांच सौंपी गई है।

एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह के नाम कई रिकॉर्ड भी हैं। इनमें से एक है 6600 घंटे से भी अधिक का उड़ान अनुभव। वहीं वे 1 नवंबर 2019 को वायुसेना मुख्यालय में महानिदेशक (निरीक्षण और सुरक्षा) पद का कार्यभार संभाला था। लगभग चालीस साल की सेवा में एयर ऑफिसर ने कई प्रकार के जटिल हेलिकॉप्टर और प्रशिक्षण विमान उड़ाए हैं। उन्होंने सियाचिन, उत्तर पूर्व उत्तराखंड, पश्चिमी मरूस्थल और कांगो लोकतांत्रिक गणतंत्र में उड़ान भरी है।

एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह एक शानदार फ्लाइंग इन्स्ट्रक्टर भी हैं। 40 साल के दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी जा चुकी है। उन्हें ऑपरेशनल हेलिकॉप्टर युनिट का कमांडिंग ऑफिसर भी बनाया जा चुका है।

हादसे को लेकर लोकसभा में कार्यवाही शुरू होने के तुरंत बाद, निचले सदन के सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखा। वहीं इस संबंध में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन को संबोधित करते हुए कहा भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने सैन्य हेलिकॉप्टर दुर्घटना की जांच का आदेश दिया है। जांच का नेतृत्व एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह करेंगे। जांच दल कल ही वेलिंगटन पहुंच गया और जांच शुरू कर दी। एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह भारतीय वायु के कमांडर हैं। चॉपर हादसे पर यह बयान राजनाथ सिंह ने संसद में दिया हैं।

मुख्य बातें:-

बुधवार को कुन्नूर में सीडीएस रावत को ले जाने वाला चॉपर हादसे का शिकार हो गयावायु सेना के इस एमआई-17 हेलिकॉप्टर में सीडीएस रावत सहित 14 लोग सवार थे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस चॉपर हादसे पर गुरुवार को संसद में बयान दिया।

रक्षा मंत्री ने सदन को बताया कि तमिलनाडु के कुन्नूर में बुधवार को हुए हेलिकॉप्टर हादसे में चीफ आफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) बिपिन रावत की मौत हो गई। वायु सेना के एमआई-17 हेलिकॉप्टर में सीडीएस रावत की पत्नी मधुलिका और सेना के अन्य 12 कर्मी सवार थे। इनमें से वायु सेना के एक अधिकारी को छोड़कर बाकी सभी 13 लोगों की मौत हो चुकी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को इस चॉपर हादसे पर आधिकारिक जानकारी संसद को दी। रक्षा मंत्री ने लोकसभा को बताया कि सीडीएस रावत का यह दौरा पहले से तय था। इस हादसे की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। रक्षा मंत्री ने कहा कि इस घटना की जांच एयर मार्शल मानवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में तीनों सेनाओं का एक दल कर रहा है।

राजनाथ सिंह ने लोकसभा को बताया-

सीडीएस जनरल रावत अपने तय दौरे पर थे

रावत के हेलिकॉप्टर ने 11-48 बजे सुलूर से उड़ान भरी

दिन के 12.08 बजे चॉपर का संपर्क टूट गया

इस हेलिकॉप्टर को 12.15 बजे वेलिंग्टन में लैंड करना था

इस चापर में रावत, उनकी पत्नी सहित 14 लोग सवार थे

हादसे में एक को छोड़कर बाकी 13 लोगों की मौत हुई

दुर्घटना की सूचना मिलने पर बचाव दल मौके पर पहुंचा

आज दिल्ली लाए जाएंगे पार्थिव शरीर

हादसे की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है

हादसे की जांच कल से शुरू हो गई है

जांच दल का नेतृत्व एयर मार्शल मानवेन्द्र सिंह करेंगे।

जाने एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह के बारे में:-

एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह भारतीय वायुसेना के ट्रेनिंग कमांड के कमांडर हैं और हेलीकॉप्टर पायलट हैं। उन्‍हें 29 दिसंबर 1982 को हेलीकॉप्टर पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना की फ्लाइंग ब्रांच में शामिल किया गया था। उन्‍होंने इसी साल एक फरवरी को भारतीय वायु सेना की दक्षिणी वायु कमान के प्रमुख का कार्यभार संभाला था। सितंबर में उन्हें एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ( ट्रेनिंग कमांड) की जिम्मेदारी दी गई।

एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह के पास लगभग 6,600 घंटे से भी अधिक का उड़ान अनुभव। लगभग चालीस साल की सेवा में एयर ऑफिसर अब तक कई तरह हेलिकॉप्टर उड़ा चुके हैं। सियाचिन, उत्तर पूर्व उत्तराखंड, पश्चिमी मरूस्थल और कांगो लोकतांत्रिक गणतंत्र में भी उड़ान भर चुके हैं। वे अति विशिष्ट सेवा मेडल, वीर चक्र औऱ विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किए जा चुके हैं।

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