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शावक की मौत के बाद उसे खोजने निकले बाघ बाघिन की दहाडो से गूँजा अचानकमार, जंगल से लगे आस पास के गांवो में सतर्कता बरतने वन विभाग ने की मुनादी

शावक की मौत के बाद उसे खोजने निकले बाघ बाघिन की दहाडो से गूँजा अचानकमार, जंगल से लगे आस पास के गांवो में सतर्कता बरतने वन विभाग ने की मुनादी
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बिलासपुर 3 दिसम्बर 2021। अचानक मार्ग के टिंगीपुर वन परिक्षेत्र में पिछले दिनों बाघ के शावक की मौत के बाद उसे ढूढ़ने के लिये निकले बाघ बाघिन की दहाडो से अचानकमार्ग के जंगल गूँज रहे हैं। पिछले दिनों अचानकमार्ग के टिंगीपुर वन परिक्षेत्र में बाघ के शावक की दो तीन दिनों पुरानी शव मिली थी। शव मिलने के बाद हड़बड़ाये वन विभाग के उच्चाधिकारी सीसीएफ,समेत कई डीएफओ घटना स्थल पहुँच गए थे। शव के नाखून ,स्किन,दांत आदि सभी सुरक्षित थे जिससे शिकार की आशंका नही जतायी जा रही थी। शावक के शरीर पर तेंदुए के पंजे जैसे निशान थे जिससे तेंदुए के द्वारा मारे जाने की प्रारम्भिक आशंका थी। शव को पोस्टमार्टम के लिये भिजवाया गया हैं जिससे मौत के सही कारणों का व शावक के नर या मादा होने का पता चल सकें।

शावक की मौत के बाद अचानकमार्ग के जंगलों में उसे खोजने निकले बाघ व बाघिन कि दहाडो से जंगल के आस पास के गांव गूँज रहें हैं। बाघ व बाघिन के कदमों के निशान भी वन विभाग के अधिकारियों ने ट्रेप किये हैं। गुस्से मे कही ग्रामीणों को बाघ बाघिन नुकसान न पहुँचा दे इसलिए वन विभाग ने जंगल से सटे गांवों में मुनादी करवा कर सतर्क रहने की हिदायत गाँव वालों को दी हैं। इसके अतिरिक्त वन विभाग के कर्मचारियों को भी सतर्कता बरतने व अकेले जंगल मे न जाने को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं।

सत्यदेव शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर एटीआर ने कहा- "बाघ,बाघिन की दहाडो की आवाज सुन कर व उनके कदमों के निशान ट्रेप होने पर गांव वालों को सुरक्षित रहने की मुनादी करवाई गई थीं। साथ ही वन अमले को भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। फिलहाल दहाडो की आवाज आनी बन्द हो गयी हैं, जिससे लग रहा कि बाघ,बाघिन का मूवमेंट दूसरी तरफ हो गया हैं। पर फिर भी सावधानी वश सतर्कता बरती जा रहीं हैं।"

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