आज फिर से होगा आफताब का पालीग्राफी टेस्ट, तिहाड़ में सीसीटीवी की निगरानी में चैन से सोया आफताब...

एनपीजी डेस्क 28 नवंबर 2022। पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले श्रद्धा हत्याकांड का आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को जज ने अस्पताल में ही अदालत लगाकर 13 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वह तिहाड़ जेल में है। जहां सीसीटीवी में चैन से सोते हुए वह रिकार्ड हुआ है। आज फिर से तीसरी बार उसका पॉलीग्राफी टेस्ट किया जाएगा।
दिल्ली के महरौली इलाके में अपनी प्रेमिका श्रद्धा वालकर की हत्या कर शव के 35 टुकड़े करने के मामले में पुलिस ने आफताब को गिरफ्तार किया था। गला दबा कर हत्या के बाद आफताब ने शव के 35 टुकड़े कर 18 दिनों तक महरौली के जंगलों समेत अलग अलग जगहों पर फेंकता रहा। शव के टुकड़ो को घर मे रखने के लिए 300 लीटर का फ्रिज खरीद कर घर मे आफताब ने रखा था। पुलिस ने जब उसके फ्लैट की तलाशी ली तब वहां किचन की टाइल्स में खून के छीटें मिले थे। वह श्रद्धा के पिता के खून के डीएनए से मैच कर गया है। आफताब इतना शातिर है कि मर्डर के बाद श्रद्धा व उसके दोस्तों को यह यकीन दिलाता रहा कि श्रद्धा उसे छोड़ कर चली गयी है। रोहिणी में स्थित फारेंसिक साइंस लेबोरेट्री (एसएफएल) में उसका दो चरणों का पॉलीग्राफी टेस्ट हो चुका है। एसएफल टीम ने बुधवार को 9 घण्टे तक चली पॉलीग्राफी टेस्ट में आफताब से 40 सवाल पूछे थे। पर शातिर आफताब पूछताछ के दौरान झींकता रहा और हिंदी में पूछे गए सवालों के जवाब जानबूझकर अंग्रेजी में देता रहा। फिर बुखार की शिकायत पर आफताब को अस्पताल में भर्ती किया गया। दूसरे चरण का टेस्ट शुक्रवार को 3 घण्टे तक चला। फिर वीडियो कांफ्रेंसिंग से अदालत में पेश कर आफताब को तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
दूसरे चरण के टेस्ट में भी आफताब कई सवालों के जवाब में चुप रहा,कई में मुस्कुरा कर रह गया और कई के आधे अधूरे जवाब दिये फिर बुखार की शिकायत करने लगा। जिसके चलते दूसरे चरण में भी पॉलीग्राफी टेस्ट पूरा नही हो सका। जिसके चलते अब आज सोमवार को तीसरे चरण का पॉलीग्राफी टेस्ट कर अधूरे सवालों के जवाब जानने का प्रयास किया जाएगा। दूसरी तरफ श्रद्धा की हड्डियों को आरी से काटे जाने के निशान मिले हैं। श्रद्धा के शव की फारेंसिक जांच में भी इस बात के साक्ष्य मिले हैं। आफताब जब लॉकअप में था तब भी ज्यादातर टाइम वह बेफिक्र होकर सोता रहता था। यही सिलसिला तिहाड़ में भी जारी रहा। तिहाड़ लाये जाने से पहले ही हाईलाइटेड केस के आरोपी की सुरक्षा के लिए एहतियातन जेल प्रशासन ने तैयारिया कर रखी थी। यहां उसे जेल में अलग सेल में रखा गया है जिसमे उसके अलावा अन्य कोई भी कैदी नही है। सेल के बाहर हर वक्त एक प्रहरी तैनात रहता है। उसे खाना देने पहले उसकी जांच की जाती है और 24 घण्टे आफताब पर सीसीटीवी से नजर रखी जाती है। ज्ञातव्य है कि जज ने पुलिस की गुजारिश पर अस्पताल में ही स्पेशल कोर्ट लगा आफताब को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए थे।
