Ex CM रमन बोले: 15 साल पारदर्शिता से काम किया, अब 18 महीने वाली सरकार काम करे

रायपुर, 7 जुलाई, 2020। भूपेश सरकार के मंत्री रविंद्र चौबे और मोहम्मद अकबर के आरोपों पर पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उन्होंने 15 साल तक पूरी पारदर्शिता के साथ काम किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनी।
कांग्रेस की 18 महीने की उन्होंने कहा कि सरकार को अब प्रश्न करने का अधिकार नहीं है। विपक्ष प्रश्न करेगा। सरकार काे कार्यवाही करनी है। भ्रष्टाचार के आरोपों पर रमन ने कहा कि सरकार को इतनी चिंता थी तो अनियमितताओं की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करते। पूर्व सीएम ने मार्गदर्शक मंडल में भेजे जाने और छत्तीसगढ़ पर केंद्रित राजनीति करने के सवाल पर कहा कि कांग्रेस सरकार और मंत्री इतना खौफ क्यों खाते हैं। वे 15 साल सीएम रहे हैं। छत्तीसगढ़ के शोषण, यहां के लोगों को समस्याओं को लेकर वे हमेशा आवाज उठाते रहेंगे। रमन ने कहा कि 2002 से 2003 तक विधायकों के खरीद-फरोख्त की सरकार थी। सड़क, बिजली और अर्थव्यवस्था नहीं थी। 2003 में भाजपा ने काम शुरू किया।

पांच हजार करोड़ के बजट को एक लाख करोड़ तक भाजपा ने पहुंचाया। एक लाख पांच हजार शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति की। कांग्रेस ने 80 से 1200 रुपए देकर शिक्षाकर्मी बनाया था। सारे शिक्षक बीजेपी सरकार में बने। 60 हजार पुलिस की भर्ती की। पीएससी के जरिए हजारों पद भरे गए। बस्तर-सरगुजा में जिला कैडर बनाकर 8 हजार पदों पर भर्ती की। धान खरीदी की व्यवस्था की। 13480 करोड़ का बोनस दिया। 14 फीसदी ब्याज दर में लोन लेने वाले किसानों को एक प्रतिशत ब्याज पर लोन मिला। 75 हजार से बढ़ाकर 5 लाख पंप कनेक्शन, 51 हजार कनेक्शन सौर सुजला में दिया गया। खाद्यान्न पोषण सुरक्षा कानून बनाकर 60 लाख लोगों को अधिकार दिया गया। 16 जिलों को 27 जिला बना दिया।

750 करोड़ की बोनस राशि नहीं
पूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 750 करोड़ बोनस की राशि तेंदूपत्ता संग्राहकों को नहीं दी है। रेलवे लाइन का काम रोक दिया गया है। लोग जानना चाहते हैं कि शराबबंदी के वादे का क्या हुआ? राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को पुराने दिनों की ओर लेकर जा रही है। जन घोषणा पत्र को लेकर पांच साल तक घूमते रहेंगे, लेकिन कोई काम नहीं होगा। रमन ने कहा कि वन नेशन वन टैक्स लागू होने के बाद अब बैरियर शुरू करने की जरूरत नहीं है।

क्या हाईकोर्ट ने कहा संसदीय सचिव बनाएं
रमन ने कांग्रेस सरकार द्वारा संसदीय सचिवों की नियुक्ति पर कहा कि क्या हाईकोर्ट ने सरकार को नियुक्ति करने कहा है। कांग्रेस अपनी मर्जी से संसदीय सचिवों की नियुक्ति कर रही और हाईकोर्ट पर थोप रही है। वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय के बयान पर रमन ने कहा कि ओजस्वी नेतृत्व की जरूरत हमेशा रहती है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुलाकात की वायरल वीडियो पर पूर्व सीएम ने कहा कि अनौपचारिक मुलाकात होती रहती है, इसे तूल नहीं देना चाहिए।

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