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EPFO ने 6 लाख नियोक्ताओं को EPF भुगतान में दी राहत, 15 मई तक पैसा जमा करने की छूट..

EPFO ने 6 लाख नियोक्ताओं को EPF भुगतान में दी राहत, 15 मई तक पैसा जमा करने की छूट..
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By NPG News

नई दिल्ली 16 अप्रैल 2020। लॉकडाउन की वजह से आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रही कंपनियों को भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने एक बार फिर से राहत दी है। EPFO ने कोरोना वायरस महामारी के तहत राहत देते हुए कंपनियों को EPF का भुगतान करने की डेडलाइन बढ़ाकर 15 मई तक कर दी है। इसी कड़ी में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने देश की छह लाख कंपनियों को राहत प्रदान की है। ईपीएफओ द्वारा दी गई इस राहत के अनुसार अब नियोक्ता मार्च महीने के ईपीएफ का भुगतान 15 मई तक कर सकते हैं।

श्रम मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, ‘वैश्विक महामारी कोरोना वायरस और देशव्यापी लॉकडाउन को देखते हुए मार्च महीने का इलेक्ट्रॉनिक चालान सह रिटर्न (ECR) जमा करने की तारीख को आगे बढ़ाया जा रहा है। यह तारीख अब 15 अप्रैल की जगह 15 मई की जा रही है। जिन नियोक्ताओं ने अपने कर्मचारियों को मार्च महीने की सैलरी दे दी है, यह राहत उन्हीं नियोक्ताओं के लिए है।’

यह राहत कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध कानून,1952 के अंतर्गत आने वाली संभी कंपनियों या संस्थाओं के लिए होगी। ये नियोक्ता अब इस साल के मार्च महीने की ईपीएफ योगदान राशि व प्रशासनिक शुल्क को नियत समय यानी 15 अप्रैल से 30 दिन बाद तक जमा करा सकते हैं।

आपको बता दें कि लॉकडाउन राहत पैकेज के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पीएफ खाताधारकों और कंपनी दोनों को राहत दी है। वित्त मंत्री ने नौकरीपेशा लोगों को राहत देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए ईपीएफओ के रेगुलेशन में बदलाव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार अगले तीन माह तक एंप्लॉयर और एम्प्लॉई दोनों की ओर से ईपीएफ कॉन्ट्रीब्यूशन का भुगतान करेगी। कर्मचारियों को अगले तीन महीने तक पीएफ नहीं भरना होगा

सरकार के इस कदम से नियोक्ताओं को कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा, क्योंकि राहत सिर्फ उन्हीं नियोक्ताओं के लिए है, जिन्होंने कर्मचारियों को मार्च महीने का वेतन दे दिया है। इस तरह नियोक्ताओं को ब्याज और जुर्माने से भी राहत मिली है। ईपीएफ बकाया का भुगतान 15 मई या उससे पहले जमा करने वाले नियोक्ताओं को ब्याज और जुर्माना नहीं देना होगा।

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