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Tu Meri Main Tera Review : क्या कार्तिक-अनन्या की जोड़ी ने कर दिया कमाल? फिल्म देखने जाने से पहले ये 1 बात जरूर जान लें

Tu Meri Main Tera Review : कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की बहुप्रतीक्षित फिल्म तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी रिलीज हो गई है। अगर आप सोच रहे हैं कि इस फिल्म पर अपना समय और पैसा खर्च किया जाए या नहीं, तो यह विस्तृत रिव्यू आपको सही फैसला लेने में मदद करेगा।

Tu Meri Main Tera Review : क्या कार्तिक-अनन्या की जोड़ी ने कर दिया कमाल? फिल्म देखने जाने से पहले ये 1 बात जरूर जान लें
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Tu Meri Main Tera Review : क्या कार्तिक-अनन्या की जोड़ी ने कर दिया कमाल? फिल्म देखने जाने से पहले ये 1 बात जरूर जान लें

By Uma Verma

Tu Meri Main Tera Movie Review : क्रिसमस की छुट्टियों और लंबे वीकेंड के मौके पर सिनेमाघरों में प्यार और भावनाओं की एक नई लहर दस्तक दे चुकी है। कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की बहुप्रतीक्षित फिल्म तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी रिलीज हो गई है। अगर आप सोच रहे हैं कि इस फिल्म पर अपना समय और पैसा खर्च किया जाए या नहीं, तो यह विस्तृत रिव्यू आपको सही फैसला लेने में मदद करेगा।

Tu Meri Main Tera Movie Review : फिल्म की रोचक कहानी

फिल्म की कहानी रे (कार्तिक आर्यन) और रूमी (अनन्या पांडे) के इर्द-गिर्द बुनी गई है। रे एक बेफिक्र, हंसमुख और अपनी मां (नीना गुप्ता) का दुलारा बेटा है। वह जिंदगी को अपनी शर्तों पर जीता है और गंभीर जिम्मेदारियों से बचता है। दूसरी तरफ रूमी एक ऐसी लड़की है जो स्वभाव से भावुक है और अपने पिता (जैकी श्रॉफ) के बहुत करीब है।

Tu Meri Main Tera Movie Review : दोनों की मुलाकात होती है और एक प्यारी सी प्रेम कहानी शुरू होती है। फिल्म का पहला हिस्सा आपको दिल्ली और खूबसूरत लोकेशन्स की सैर कराते हुए इन दोनों के प्यार में पड़ने के सफर को दिखाता है। लेकिन असली ट्विस्ट तब आता है जब करियर और भविष्य के फैसले सामने आते हैं। फिल्म उस दौर की बात करती है जहाँ प्यार और सपनों के बीच जंग शुरू होती है। क्या एक-दूसरे के लिए उनका समर्पण उनके बिखरते रिश्तों और पारिवारिक जिम्मेदारियों को संभाल पाएगा? यही इस फिल्म का मुख्य आधार है।

कैसा है निर्देशन और लेखन?

नेशनल अवॉर्ड विनर डायरेक्टर समीर विद्वांस ने ‘सत्यप्रेम की कथा’ के बाद एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह भावनाओं को पर्दे पर उतारने के जादूगर हैं। इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह एक 'मसाला फिल्म' की तरह शुरू होती है, लेकिन धीरे-धीरे एक गंभीर सामाजिक मुद्दे की ओर मुड़ जाती है।

समीर का निर्देशन बहुत ही सुलझा हुआ है। उन्होंने कहानी को कहीं भी बोझिल नहीं होने दिया। फिल्म की राइटिंग नैचुरल है, संवाद ऐसे हैं जो आज के दौर के युवाओं और उनके माता-पिता के बीच होने वाली बातचीत से मेल खाते हैं। हालांकि, फिल्म की शुरुआत थोड़ी धीमी लग सकती है, लेकिन इंटरवल के बाद कहानी जिस तरह से रफ्तार पकड़ती है और जज्बातों का जो सैलाब आता है, वह दर्शकों को कुर्सी से बांधे रखता है।

कलाकारों का अभिनय: किसने जीता दिल?

कार्तिक आर्यन: चॉकलेट बॉय की छवि से निकलकर अब कार्तिक एक मैच्योर एक्टर के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने 'रे' के किरदार में अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को खूब हंसाया है, लेकिन फिल्म के क्लाइमेक्स और इमोशनल दृश्यों में उन्होंने अपनी आंखों से जो अदाकारी की है, वह काबिले तारीफ है।

अनन्या पांडे: रूमी के किरदार में अनन्या पांडे ने अब तक का अपना सबसे बेहतरीन काम किया है। उन्होंने एक ऐसी लड़की का दर्द बहुत खूबसूरती से पर्दे पर उतारा है, जो अपने प्यार और अपने बुजुर्ग पिता की जिम्मेदारी के बीच फंसी हुई है। कार्तिक और अनन्या की केमिस्ट्री बिल्कुल ताजी और एफर्टलेस लगती है।

सपोर्टिंग कास्ट: नीना गुप्ता ने हमेशा की तरह अपनी भूमिका के साथ पूरा न्याय किया है। एक लाड़ली मां के रूप में उनकी सादगी दिल जीत लेती है। वहीं, जैकी श्रॉफ ने एक रिटायर्ड कर्नल और इमोशनल पिता के किरदार में जान फूंक दी है। टीकू तलसानिया के छोटे-छोटे कॉमेडी सीन्स फिल्म के माहौल को हल्का-फुल्का बनाए रखते हैं।

फिल्म का संगीत

विशाल-शेखर का संगीत फिल्म की जान है। गानों को कहानी के साथ इस तरह पिरोया गया है कि वे कहानी का हिस्सा लगते हैं। खासकर फिल्म में सात समंदर पार का रीमेक वर्जन थिएटर में एक अलग ही ऊर्जा भर देता है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी शानदार है, हर फ्रेम देखने में खूबसूरत और रंगीन लगता है, जो क्रिसमस के त्योहार के मूड को पूरी तरह सूट करता है।

एक गहरा और जरूरी मेसेज

यह फिल्म सिर्फ एक रोमांटिक लव स्टोरी नहीं है, बल्कि यह समाज से एक बहुत ही जरूरी सवाल पूछती है। फिल्म का मुख्य संदेश यह है कि शादी के बाद हमेशा लड़की को ही अपना घर क्यों छोड़ना पड़े? फिल्म उस मानसिक दबाव पर बात करती है जिससे आज की लड़कियां गुजरती हैं जब उन्हें अपने माता-पिता की देखभाल और अपने करियर/ससुराल के बीच किसी एक को चुनना होता है। यह फिल्म सिखाती है कि प्यार का मतलब सिर्फ साथ रहना नहीं, बल्कि एक-दूसरे की जिम्मेदारियों को साझा करना भी है।

फिल्म देखें या न देखें?

तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी एक बढ़िया फिल्म है। इसमें ड्रामा है, रोमांस है, बेहतरीन संगीत है और सबसे जरूरी बात—इसमें दिल है। हालांकि, फिल्म की कहानी में कुछ मोड़ ऐसे हैं जो आपको पुराने बॉलीवुड ड्रामा की याद दिला सकते हैं और नयापन थोड़ा कम लग सकता है, लेकिन इसका ट्रीटमेंट और मैसेज बहुत फ्रेश है। अगर आप इस वीकेंड अपने परिवार के साथ बैठकर कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो आपको मुस्कुराने की वजह दे और साथ ही कुछ सोचने पर मजबूर करे, तो यह फिल्म आपके लिए है। यह एक साफ-सुथरी और दिल को छू लेने वाली मूवी हैं

Uma Verma

Uma Verma is a postgraduate media professional holding MA, PGDCA, and MSc IT degrees from PTRSU. She has gained newsroom experience with prominent media organizations including Dabang Duniya Press, Channel India, Jandhara, and Asian News. Currently she is working with NPG News as acontent writer.

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