Sunjay Datt's Birthday Today: संजय दत्त 'खलनायक' बनते-बनते नायक बन गए, उनके जन्मदिन पर उनकी खास भूमिकाओं पर एक नज़र

Sunjay Datt's Birthday Today : मुंबई। स से 'संघर्ष' और स से 'संजय' ... ये रिश्ता जीवन भर चला। संजय दत्त, एक नामी-गिरामी परिवार के दो बहनों के बीच इकलौते भाई, शानदार करियर लेकिन दागदार जीवन...। माँ नरगिस दत्त जब कैंसर के इलाज के लिए न्यूयार्क जा रहीं थीं, तब बेटे को लेकर दहशत से भरी हुई थीं। उनके नाम एक पत्र लिख गईं थीं। माँ ने लिखा था कि 'अपने आप को संभालिए....अपनी नासमझियों से बाहर आइए.... मैं दूर रहकर भी आपके पास रहूंगी ' तब संजय बुरी संगत में फंसे हुए थे। वे ड्रग्स के भी आदी हो गए थे। उन्हें अवैध मादक पदार्थ रखने और बाद में 1993 के मुम्बई बम विस्फोट मामले में जेल भी हुई। लेकिन गिरते - संभलते वे खुद को संभालना सीख गए। माँ की दुआ कुबूल हुई शायद कि वे न केवल संभले बल्कि हीरो, विलेन और काॅमिक, सभी किरदारों को उन्होंने इतनी शिद्दत से जिया कि वाकई जिंदगी की दौड़ में 'खलनायक' बनते-बनते नायक बन गए। आज संजय दत्त अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस खास दिन पर उनके द्वारा निभाए खास किरदारों की याद ताज़ा करते हैं।
खलनायक:- इस फिल्म में उन्होंने जेल से भागे हुए कैदी बल्लू का किरदार निभाया था। गरीबी और धोखे की मार से वे अपराधी यानी' खलनायक' बन गए थे। इस विचित्र से व्यवहार वाले चरित्र को उन्होंने अपने अभिनय कौशल से बखूबी निभाया और दर्शकों का भरपूर प्यार पाया।
साजन:- साजन में चुपचाप रहने वाले कवि अमन की भूमिका भी संजय ने बहुत उम्दा तरीके से निभाई थी। एक पैर से लाचार कवि जिस लड़की से प्यार करता है, उसे उसका छोटा भाई भी चाहता है। वे अपने भाई के लिए प्यार का त्याग करने के लिए तैयार रहते हैं। साथ ही यह भी चाहते हैं कि लड़की को खुशियों में किसी तरह की कमी न जाए। इस रोमांटिक फिल्म में मूक प्यार को उन्होंने बखूबी पर्दे पर उतारा।
वास्तव:- वास्तव फिल्म और उसमें संजय दत्त के जानदार अभिनय को आज तक याद किया जाता है। इस फिल्म में उन्होंने एक अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर रघू का किरदार निभाया। चाॅल में रहने वाले एक सामान्य परिवार का युवा, जो बंदूक उठा लेता है। अपनी माँ का लाडला लेकिन पिता की नफरत को झेलता बेटा... इस फिल्म में उन्होंने अपनी भावभंगिमाओं से, अपनी डायलाॅग डिलीवरी से एक विलेन के किरदार को इतनी संजीदगी से निभाया कि वे लोगों के दिल में हीरो की तरह बस गए। वास्तव बाॅलीवुड की यादगार फिल्मों में से एक है।
अग्निपथ:- अमिताभ बच्चन की अग्निपथ के इस रीमेक में संजय दत्त ने एक खतरनाक विलेन का किरदार निभाया है। कांचा चीना के किरदार में वे बेहद क्रूर नज़र आए। इस चरित्र में जान फूंकने के लिए उन्होंने अपने बाल भी मुंडवाए थे। भारी-भरकम शरीक, मुंडे हुए बाल और आँखों से टपकती हैवानगी... संजय बस छा गए थे इस किरदार को निभाकर। फिल्म में वे एक बच्चे विजय (युवा के किरदार में रितिक रौशन) के पिता को गलत आरोप लगाकर सरेआम फांसी पर चढ़ा देते हैं। वह बच्चा बड़ा होकर इसका बदला लेता है।
मुन्ना भाई एमबीबीएस:- मुन्ना भाई एमबीबीएस संजय दत की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसे 'भाई' यानी गुंडे का रोल निभाया जो अपने पिता के अपमान का बदला लेने के लिए एक हाॅस्पिटल के डीन की नाक में दम कर देता है। दरअसल अपने पिता के सामने खुद को वैल सैट दिखाने के लिए 'मुन्ना भाई' एक 'एमबीबीएस डाॅक्टर' होने का दिखावा करता है। जिसे उनके पिता सुनील दत्त (असल जिंदगी में भी पिता) सच मान बेटे के रिश्ते की बात करने एक बड़े अस्पताल के डीन और अपने पुराने दोस 'बोमन इरानी' के घर चले जाते हैं। बोमन उन्हें बता देते हैं कि उनका बेटा डाॅक्टर नहीं बल्कि एक भाई - एक गुंडा है। इस फिल्म में संजय ने अपने किरदार को काॅमिक टच देते हुए बड़े ही शानदार तरीके से निभाया। प्यार में ही जीवन का सार है, ये बात वे अपने अभिनय से दिखा जाते हैं।
लगे रहो मुन्ना भाई:- मुन्ना भाई एमबीबीएस के इस सीक्वल में गलत रास्ते पर चल रहे मुन्नाभाई को नशे में 'गांधी जी' नज़र आते हैं। जो उन्हें सही राह पर चलने का तरीका बताते हैं। गांधी जी की प्रेरणा पाकर, उनके बताए रास्ते पर चलकर खुद सुधरने, अन्य किरदारों का जीवन संवारने और अपने गलत कामों के कारण खोया हुआ अपना प्यार वापस पाने का प्रयास करते 'भाई ' का रोल उन्होंने बखूबी निभाया। इस फिल्म में उनकी काॅमिक टाइमिंग और एक्सप्रेशन ज़बरदस्त थे।
