Begin typing your search above and press return to search.

Dheeraj Kumar Movies: एक्टर-डायरेक्टर धीरज कुमार का निधन: 'रोटी कपड़ा और मकान’ जैसे फिल्मों में किया काम, जाने 'क्रिएटिव जादूगर' की कहानी

Dheeraj Kumar Ka Nidhan: सोमवार की रात फिल्म और टेलीविजन जगत के लिए दुखद रही, जब 79 वर्षीय धीरज कुमार (Dheeraj Kumar) ने मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में अंतिम सांस ली। एक्यूट निमोनिया से पीड़ित इस बहुमुखी प्रतिभा के धनी कलाकार ने सोमवार को ही इस्कॉन मंदिर में दर्शन किए थे और शाम होते-होते तबीयत बिगड़ गई। वेंटिलेटर पर रखे गए धीरज कुमार (Dheeraj Kumar) की हालत गंभीर बनी रही और अततः उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

एक्टर-डायरेक्टर धीरज कुमार का निधन: रोटी कपड़ा और मकान’ जैसे फिल्मों में किया काम, जाने क्रिएटिव जादूगर की कहानी
X
By Chitrsen Sahu

Dheeraj Kumar Ka Nidhan: सोमवार की रात फिल्म और टेलीविजन जगत के लिए दुखद रही, जब 79 वर्षीय धीरज कुमार (Dheeraj Kumar) ने मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में अंतिम सांस ली। एक्यूट निमोनिया से पीड़ित इस बहुमुखी प्रतिभा के धनी कलाकार ने सोमवार को ही इस्कॉन मंदिर में दर्शन किए थे और शाम होते-होते तबीयत बिगड़ गई। वेंटिलेटर पर रखे गए धीरज कुमार (Dheeraj Kumar) की हालत गंभीर बनी रही और अततः उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

एक कलाकार से रचनात्मक दुनिया के शिल्पकार तक का सफर

धीरज कुमार (Dheeraj Kumar) का जन्म 1 अक्टूबर 1944 को हुआ था। वे उन चंद कलाकारों में से थे, जिन्होंने सिनेमा की तीनों विधाओं, अभिनय, निर्देशन और निर्माण में अपनी छाप छोड़ी। अभिनय की शुरुआत 1970 के दशक में हुई और वे 'रोटी कपड़ा और मकान', 'सर्गम', 'क्रांति', 'मन भरों सजना' जैसी फिल्मों में नजर आए। उनकी उपस्थिति सिर्फ हिंदी फिल्मों तक ही सीमित नहीं रही। उन्होंने 21 से ज्यादा पंजाबी फिल्मों में भी अभिनय किया। इनमें 'सज्जन सिंह', 'इक संधू हुंदा सी' और 'वॉर्निंग 2' जैसी फिल्में शामिल है, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा।

डायरेक्टर की कुर्सी पर भी किया कमाल

निर्देशक के तौर पर धीरज कुमार (Dheeraj Kumar) का नजरिया अलग था। उन्होंने बच्चों के लिए जादू-तिलिस्म पर आधारित फिल्म 'आबरा का डाबरा' बनाई, जो आज भी अपने यूनिक कंटेंट के लिए याद की जाती है। इसके अलावा 'काशीः इन सर्च ऑफ गंगा' जैसी थ्रिलय फिल्म और कई प्रसिद्ध टीवी धारावाहिक जैसे 'ॐ नमः शिवाय', 'संस्कार', 'अदालत' , 'धूप छांव' और 'सिंहासन बत्तीसी' का निर्देशन किया।

'क्रिएटिव आई' के जरिये रचा टेलीविजन इतिहास

धीरज कुमार (Dheeraj Kumar) केवल कलाकार या निर्देशक नहीं थे वे एक दूरदर्शी निर्माता भी थे। उन्होंने 'क्रिएटिव आई लिमिटेड' नाम से एक प्रोडक्शन हाउस शुरु किया और धार्मिक सामाजिक विषयों पर 30 से ज्यादा धारावाहिक बनाए। उनके द्वारा निर्मित कार्यक्रमों में 'घर की लक्ष्मी बेटियां', 'इश्क सुभान अल्लाह' और 'ॐ नमः शिवाय' जैसे शो शामिल है, जो दर्शकों की भावनाओं से सीधे जुड़ते थे। उन्होंने उन कहानियों को परदे पर लाया जो भारतीय पारिवारिक और धार्मिक जीवन के केंद्र में रही है।

निर्माता अशोक पंडित ने दी श्रद्धांजलियां

धीरज कुमार (Dheeraj Kumar) के निधन की खबर से फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री (Television Industry) में शोक की लहर फैल गई। निर्माता अशोक पंडित ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजली दी और कहा कि 'धीरज जी न केवल एक अभिनेता थे, बल्कि वे कहानी कहने की मशीन थे। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। ॐ शांती।'


Chitrsen Sahu

मेरा नाम चित्रसेन साहू है, मै साल 2017 से जर्नलिज्म के फील्ड पर हूं। मैने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री (BJMC) के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन (M.SC EM) किया है। MY NEWS 36, JUST 36 NEWS, RPL NEWS, INH24x7 NEWS, TV24 NEWS के बाद NPG NEWS में डेस्क एडिटर्स पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे क्राइम-राजनीतिक और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों पर खास इंटरेस्ट है।

Read MoreRead Less

Next Story