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ब्लैकमेल- शोषण किया गया, मिली धमकियां'...एक्ट्रेस ने इंडस्ट्री के खोले काले चिट्ठे राज...बोलीं- मुझे मानसिक रूप से...

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ब्लैकमेल- शोषण किया गया, मिली धमकियां...एक्ट्रेस ने इंडस्ट्री के खोले काले चिट्ठे राज...बोलीं- मुझे मानसिक रूप से...
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रौशनी श्रीवास्तव

By NPG News

मुंबई I एंटरटेनमेंट इंड्स्ट्री की एक्ट्रेस रौशनी श्रीवास्तव ने एक्टिंग के साथ सिंगिंग में भी अपना करियर बनाया. रौशनी को उनके शो 'रघुकुल रीत सदा चली आई' के लिए जाना जाता है. लेकिन रौशनी के लिए एंटरटेनमेंट वर्ल्ड में सर्वाइव करना इतना आसान नहीं था. उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है. रौशनी ने इंडस्ट्री के काले सच से लोगों को रूबरू कराया है.

मीडिया खबर के अनुसार, एक इंटरव्यू में रौशनी ने कहा कि एंटरटेनमेंट इंड्स्ट्री में सर्वाइव करना काफी मुश्किल है. यहां कास्टिंग काउच, ग्रुपिज्म है. एक एक्टर को कई बार फाइनेंशियल क्राइसिस, डिप्रेशन जैसी चीजों का भी सामना करना पड़ता है. रौशनी श्रीवास्तव ने कहा- करियर के शुरुआती दौर में मैंने काफी स्ट्रगल किया है. मैंने शोषण और धमकियों का सामना किया है. कई बार मुझे मानसिक रूप से परेशान किया गया और ब्लैकमेल किया गया, क्योंकि मैं सही लोगों से नहीं मिल रही थी. अगर कोई फिल्म इंडस्ट्री से नहीं है तो उसे इसका सामना करना पड़ता है. इसलिए जिन लोगों ने मुझे बिना किसी कंडीशन के काम दिया, मुझे सपोर्ट किया मैं उनकी शुक्रगुजार हूं. मुझे याद है कि मैंने जब 100 ऑडिशन दिए उनमें से सिर्फ 20 लोगों ने ही मुझे बिना किसी कंडीशन के अच्छा काम दिया. एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सबसे बड़ा स्ट्रगल है सही लोगों की पहचान करना, जो एक्टर्स के काम में यकीन रखते हों, उनपर किसी तरह की कंडीशन नहीं लगाते हों. यहां लोग अपना ही एक ग्रुप बना लेते हैं और ग्रुप के लोगों के साथ ही काम करते हैं. हर किसी को ये पहचान होनी चाहिए कि वो किस तरह के ग्रुप का हिस्सा हैं. एक बड़ा और अच्छा रोल निभाने के लिए यहां किसी ग्रुप का हिस्सा होना पड़ता है. यहां लक भी काम करता है, मैं इस बात से इनकार नहीं करती हूं. लक आपको सही लोगों तक ले जाता है और आपका सही माइंडसेट आपको काम तक ले जाता है.फाइनेंशियल क्राइसिस के बारे में बात करते हुए मुझे लगता है कि एक एक्टर की जिंदगी में हमेशा कई परेशानियां होती है. चाहे आर्थिक हों या फिर मानसिक. मेरी बात करें तो मैं काफी अच्छे लोगों से मिली, जिन्होंने मुझे काम और पैसा दोनों दिए.

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