Bipasha Basu Ki Beti: इस गभीर बीमारी से जन्मी थी बिपाशा बसु की बेटी, 6 से 7 घंटे तक चली सर्जरी, तीन महीने की देवी लड़ रही थी जिंदगी और मौत की जंग...

Bipasha Basu Ki Beti: मुंबई। क्या आप जानतें है कि एक माता-पिता के लिए सबसे मुश्किल क्या होता है आप यही कहेंगे की उनके बच्चे। जी हां, अगर माता-पिता अपने बच्चे को कभी तकलीफ में नहीं देख सकती और जब बात एक न्यू बॉर्न बेबी की हो तो उसके माता-पिता को अपने नन्हें से बच्चे को तकलीफ में देखना पड़े तो इस दर्द का अंदाजा शायद ही कोई और लगा सकता है। दरअसल, बॉलीवुड कपल बिपाशा बसु और करण सिंह ग्रोवर ने पिछले साल 12 नवंबर को अपने पहले बच्चे का स्वागत किया था। बिपाशा ने बेटी को जन्म दिया था जिसका नाम कपल ने देवी रखा। अब हाल ही में बिपाशा ने एक्ट्रेस नेहा धूपिया संग अपने इंस्टाग्राम लाइव में अपनी बेटी देवी की हेल्थ कंडीशन को लेकर चौंका देने वाले खुलासे किये, जिसे सुनकर हर किसी के होश उड़ गए है।
मिली जानकारी के मुताबिक, एक्ट्रेस ने नेहा धूपिया के साथ लाइव चैट के दौरान इस बात का खुलासा किया है कि उनकी बेटी देवी के दिल में दो छेद थे। वह जन्म से ही वेंट्रिकुलर सेप्टल डिफेक्ट (वीएसडी) से पीड़ित थीं। तीन महीने बाद देवी की सर्जरी हुई थी। अभिनेत्री ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, "हमारी जर्नी नॉर्मल पैरेंट्स से बिल्कुल अलग रही। यह उस मुस्कान से कहीं अधिक कठिन है, जो अभी मेरे चेहरे पर है। मैं नहीं चाहूंगी कि किसी मां के साथ ऐसा हो। मुझे बेटी के जन्म के तीसरे दिन पता चला था कि उसके दिल में दो छेद हैं। मैंने सोचा था कि मैं इसे शेयर नहीं करूंगी, लेकिन मैं इसे बता रही हूं, क्योंकि मुझे लगता है कि बहुत सारी मांएं हैं, जिन्होंने इस यात्रा में मेरी मदद की।" देखें ये वीडियो...
बिपाशा बसु ने आगे बताया कि जैसे ही उन्हें और करण को इस बारे में पता चला, दोनों को काफी गहरा शॉक लगा था। उन्होंने कहा कि हमने इस बारे में अपनी फैमली को नहीं बताया था। एक्ट्रेस ने कहा "हमें समझ नहीं आ रहा था कि वीएसडी क्या है। यह वेंट्रिकुलर सेप्टल दोष है। हम एक बहुत बुरे फेज से गुजरे। हमने इस बारे में अपनी फैमिली से डिस्कस नहीं किया। हम दोनों ही बिल्कुल ब्लैंक हो गए थे। हम सेलिब्रेट करना चाहते थे, लेकिन हम सुन्न थे। शुरुआती पांच महीने हमारे लिए बहुत कठिन रहे, लेकिन देवी पहले दिन से शानदार रही।" ये भी देखें वीडियो...
एक्ट्रेस ने आगे बताया कि छेद बड़ा होने की वजह से देवी की तीन महीने के भीतर सर्जरी करनी पड़ी। उन्होंने कहा, "हमें बताया गया कि हर महीने हमें यह जानने के लिए स्कैन कराना होगा कि यह अपने आप ठीक हो रहा है या नहीं, लेकिन छेद बड़ा होने की वजह से हमें बताया गया कि सर्जरी करानी जरूरी है और सर्जरी तब करना सबसे अच्छा होता है, जब बच्चा तीन महीने का हो जाए।
आप एक बच्ची का ओपन हार्ट सर्जरी कैसे कर सकते हैं? ये सोचकर आप बहुत दुखी और बोझिल महसूस करते हैं।" बिपाशा ने अपना दर्द बयां करते हुए आगे बताया कि मैंने और करण ने बच्ची के नेचुरल ठीक होने का इंतजार किया। मगर पहले और दूसरे महीने में हमें इसका कोई रिजल्ट नहीं मिला, जिसके बाद बिपाशा ने मन बना लिया कि वह अपनी बेटी की सर्जरी करवाएंगी, लेकिन उनके पति करण इसके लिए तैयार नहीं थे। मगर अंत में करण ने इसके लिए हामी भरी और देवी की सर्जरी 6 घंटे चली। सर्जरी कामयाब साबित हुई और अब बिपाशा की नन्ही परी ठीक हैं।

गोपाल राव: रायपुर में ग्रेजुएशन करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। विभिन्न मीडिया संस्थानों में डेस्क रिपोर्टिंग करने के बाद पिछले 11 सालों से NPG.NEWS से जुड़े हुए हैं। मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं।
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