इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने कहा- टीम इंडिया से बहुत कुछ सीखने की जरूरत…

नईदिल्ली 17 फरवरी 2021.  इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने दूसरे टेस्ट मैच में भारत से करारी शिकस्त मिलने के बाद मंगलवार को यहां कहा कि उनकी टीम के लिए यह किसी ‘सबक की तरह था’ और उन्हें विरोधी टीम से सीखने की जरूरत है. अक्षर पटेल और रविचंद्रन अश्विन की फिरकी गेंदबाजी के इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिये और चार मैचों की श्रृंखला के दूसरे टेस्ट को 317 रन से गंवा दिया.

इस शानदार जीत से भारतीय टीम श्रृंखला 1-1 से बराबरा करने में सफल रही और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखा. उन्होंने कहा, ‘हमारे लिए यह किसी शिक्षा की तरह था। हमें जल्दी से सीखना होगा क्योंकि कई बार आपको ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है.’

रूट हालांकि यह मानने को तैयार नहीं थे कि इंग्लैंड की टीम अब श्रृंखला में वापसी नहीं कर पायेगी. उन्होंने उम्मीद जतायी की टीम अपने पिछले प्रदर्शनों से सीख लेगी. इंग्लैंड के कप्तान ने कहा, ‘जैसा कि मैंने पिछले मैच के बाद कहा था कि यह जरूरी है कि हमारे पांव जमीं पर रहे. जब हम जीतते हैं तो हमें ज्यादा खुश होने की जरूरत नहीं, इसी तरह जब हारते है तो हमें ज्यादा निराश होने की जरूरत नहीं है.’

रूट ने कहा, ‘हमने पहले भी काफी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और विदेशों में अच्छा क्रिकेट खेला है. हम इमानदारी से यह मानते है कि इस मैच में तीनों विभागों में भारत से पिछड़ गये.’ उन्होंने कहा, ‘हम यह देखेंगे कि उन्होंने स्पिनरों की मददगार पिच चीजों को कैसा किया. यहां हमने जितना सोचा था गेंद को उससे ज्यादा उछाल मिल रही थी. हम हालांकि इसे सीखने के नजरिये देखेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि अगली बार बेहतर प्रदर्शन करें.’

चेपॉक मैदान की इस पिच को लेकर काफी चर्चा हुई. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वान ने इसकी आलोचना की तो ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज लेग स्पिनर शेन वार्न ने इसका बचाव करते हुए उन्हें जवाब दिया. रूट ने कहा, ‘यह चुनौतीपूर्ण विकेट था. टॉस जीतना जरूरी था लेकिन वह भी जीत की गारंटी नहीं देता.’ उन्होंने कहा, ‘भारत ने यह दिखाया कि इस पिच पर रन बनाये जा सकते हैं और उससे निपटने का तरीका निकाला जा सकता है. हमें भारत से सीखने की जरूरत है.

रूट ने कहा कि उनके गेंदबाजों को बल्लेबाजों पर दबाव बनाये रखना होगा. उन्होंने कहा, ‘एक गेंदबाजी इकाई के तौर पर हमने लगातार दबाव बनाये रखने के बारे में बात की थी. हम उसे बेहतर तरीके से कर सकते थे. यह ऐसी चीज है जिसे हम इस दौरे के बाकी मैचों में कर सकते है.’ उन्होंने कहा, ‘हमारे बल्लेबाजों को ऐसी चुनौतीपूर्ण पिच पर रन चुरा कर दूसरे छोर पर जाने के बारे में सोचना होगा.’

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