प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर प्रभावी अमल हो… पर्यावरण मंत्री ने दूषित जल उपचार संयंत्र स्थापना की प्रगति की समीक्षा की

रायपुर, 26 मई 2020। वन आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर उद्योगों में दूषित जल उपचार संयंत्र की स्थापना और नदियों में मिलने वाले नालों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर प्रभावी अमल के लिए सख्त निर्देश दिए। साथ ही जरूरत के मुताबिक नदियों में मिलने वाले नालों में दूषित जल उपचार संयंत्रों के अधिक से अधिक स्थापना की कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया।

बैठक में पर्यावरण विभाग द्वारा बताया गया कि राज्य में वर्तमान में जल प्रदूषणकारी उद्योगों में से दूषित जल उपचार संयंत्र स्थापित नहीं करने वाले 107 विभिन्न उद्योगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई है। इसके तहत पर्यावरण विभाग द्वारा इन सभी उद्योगों को जल अधिनियम की धारा के तहत उत्पादन बंद कराया गया है। इनमें से क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के अंतर्गत 65 उद्योग, भिलाई के अंतर्गत 2, रायगढ़ के अंतर्गत 8 और बिलासपुर के अंतर्गत 32 उद्योग शामिल है। इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण विभाग की सचिव सुश्री संगीता पी., छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के सदस्य सचिव श्री आर.पी. तिवारी सहित समस्त क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण संरक्षण मंडल उपस्थित थे।

रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय के सीमा क्षेत्र के अंतर्गत खारून नदी में 21 नाले मिलते हैं इनमें रायपुर शहर के अंतर्गत निमोरा, भाटागांव, चंदनीडीह तथा कारा में 4 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन है और धमतरी में एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित हैै। रायपुर के मुख्य नाला छोकरा नाला तथा अछोली नाला एवं 9 अन्य नाले उरकुरा, दलदल सिवनी, आमासिवनी, तेलीबांधा, सड्डू, लाभांडी, जोरा, फुन्डहर तथा अमलीडीह नाला सहित कुल 11 नालों के लिए निमोरा में 90 एमएलडी क्षमता, भाटागांव के पास 6 एमएलडी क्षमता, ग्राम चंदनीडीह में 75 एमएलडी क्षमता और कारा में 35 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन है। इनके निर्माण कार्य पूर्ण होने का समय मार्च 2021 निर्धारित है। इसके अलावा धमतरी में एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित है।

इसी तरह महानदी में 16 नाले मिलते हैं इनमें गोबरा नवापारा और राजिम में एक-एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित है। इसके अलावा शिवनाथ नदी में 2 नाले मिलते हैं इनमें सिमगा में एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित है। भिलाई क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत राजनांदगांव के ग्राम मोहड़ में 6.2 एमएलडी के एस.टी.पी. निर्माणाधीन है तथा दुर्ग शहर और कवर्धा के लिए एस.टी.पी. प्रस्तावित है। जगदलपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत बालीकोंटा में 76 करोड़ रूपए की राशि से 25 एमएलडी क्षमता का एस.टी.पी. निर्माणाधीन है। इसका वर्तमान में लगभग 20 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। साथ ही कांकेर तथा दंतेवाड़ा में भी एस.टी.पी. का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अलावा क्षेत्रीय कार्यालय रायगढ़ के अंतर्गत रायगढ़ शहर के पास बाजीनपाली में 25 एमएलडी तथा बड़ेअतरमुड़ा में 7 एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन है।

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