संविलियन का मिला उपहार तो शिक्षाकर्मियों ने कहा – धन्यवाद सरकार, बड़े-बड़े होर्डिंग्स से माहौल बना संविलियनमय… विधायकों से मिलकर थैंक यू कहने का सिलसिला भी है जारी

रायपुर 20 मार्च 2020। आमतौर पर यह देखने को मिलता है कि कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर तो मुखर रहते हैं लेकिन मांग पूरी होने के बाद सरकार या शासन को धन्यवाद देना भूल जाते हैं शिक्षाकर्मी अब इसी परिपाटी को बदल रहे हैं पिछली सरकार को भी शिक्षाकर्मियों ने धन्यवाद अदा किया था और इस बार भी यह सिलसिला जारी है। प्रदेश में संविलियन से वंचित शिक्षाकर्मियों ने संविलियन अधिकार मंच के बैनर तले बिना आंदोलन का सहारा लिए 1 लंबी लड़ाई लड़ी जिसमें सोशल मीडिया, टि्वटर, फेसबुक और व्हाट्सएप उनके पहले चरण में हथियार बने और सरकार तक बात पहुंचने की शुरुआत हुई उसके बाद शिक्षाकर्मियों ने अपने संगठन के लेटर पैड में प्रदेश के सभी विधायकों को संविलियन की एकमात्र मांग को लेकर ज्ञापन सौंपने का सिलसिला शुरू किया और उन से निवेदन किया कि वह मुख्यमंत्री तक उनके ज्ञापन को अपने अनुशंसा पत्र के साथ भेजें ।

प्रदेश के अधिकांश विधायकों ने शिक्षाकर्मियों की इस मुहिम का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री को अनुशंसा पत्र लिखा इसके बाद बजट के ठीक पहले दूसरे चरण में भी सत्ता पक्ष के सभी विधायकों को फिर से संविलियन की मांग याद दिलाते हुए ऐसा ही अभियान चलाया गया परिणाम स्वरूप सरकार ने शिक्षाकर्मियों की बहुप्रतीक्षित मांग संपूर्ण संविलियन को पूरा कर दिया । अब संविलियन अधिकार मंच प्रदेश के सभी विधायकों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री को धन्यवाद अदा करने में लगा हुआ है ।

बड़े-बड़े होर्डिंग से शिक्षाकर्मी बना रहे हैं माहौल को संविलियनमय

प्रदेश में जैसे ही संविलियन की घोषणा हुई शिक्षाकर्मियों ने विधानसभा पहुंचकर मुख्यमंत्री समेत तमाम मंत्रियों और विधायकों को धन्यवाद दिया और उसके बाद से लगातार मंत्रियों/विधायकों के निवास पर जाकर बुके, किताब, कलम और शाल के माध्यम से उनका सम्मान करते हुए मिठाई खिलाकर संविलियन की खुशी बांटने का सिलसिला जारी है । आमतौर पर मांग पूरी हो जाने के बाद धन्यवाद का सिलसिला इतना लंबा नहीं चलता है ऐसे में जब एक-एक विधायकों को शिक्षाकर्मी जाकर धन्यवाद अदा कर रहे हैं तो उन्हें भी अच्छा लग रहा है और वह भविष्य में भी साथ देने की बात कह रहे हैं । इधर बस्तर से लेकर सरगुजा तक बड़े-बड़े होर्डिंग के माध्यम से भी संविलियन के लिए शिक्षाकर्मी सरकार का आभार प्रकट कर रहे हैं । सरगुजा, कांकेर, बस्तर, महासमुंद बलौदाबाजार, कवर्धा, मुंगेली समेत अनेक जिलों में बड़े-बड़े होर्डिंग लगे हुए हैं जिसमें संविलियन के उपहार के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया जा रहा है और यह होर्डिंग संविलियन अधिकार मंच ने लगवाया है।

क्या कहना है संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक का

इस मुद्दे को लेकर संविलियन अधिकार मंच के प्रदेश संयोजक विवेक दुबे का कहना है ” संविलियन हमारे लिए अनमोल तोहफा है जो हमने एक लंबे संघर्ष के बाद हासिल किया है । 8 वर्ष की लंबी जद्दोजहद के बाद जो संविलियन शिक्षाकर्मियों को मिलता वह अब केवल 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होते ही मिलेगा जिसे अधिकांश शिक्षाकर्मी पूर्ण कर चुके हैं और 1 जुलाई 2020 को 16000 शिक्षाकर्मी शिक्षा विभाग के कर्मचारी हो जाएंगे और उन्हें वह तमाम सुविधाएं मिलने लगेगी जो नियमित कर्मचारियों को मिलती है ऐसे में जिनके पास हम लगातार अपनी मांगों को पूरा करने की गुहार लगा रहे थे उनके द्वारा हमारी मांग पर मुहर लगाने के बाद धन्यवाद अदा करना तो बनता ही है और हम वही कर रहे हैं हम सरकार और जनप्रतिनिधियों के आभारी हैं और यह बात कहने में हमें कहीं कोई संकोच नहीं है। पहले हम बॉर्डर के उस पार फंसे हुए थे और आज हम बॉर्डर के इस पार है ऐसे में इसकी कीमत हमसे बेहतर कोई नहीं जान सकता ।

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