Tet News: टीईटी मामले का होगा आसान समाधान, टीचर्स एसोसिएशन ने कहा, हमारे शिक्षा मंत्री शिक्षकों का नुकसान नहीं होने देना चाहते...
Tet News: एसोसिएशन ने कहा कि वर्तमान में 80000 से भी अधिक शिक्षकों ने छत्तीसगढ़ में टेट की परीक्षा दी है यह स्पष्ट करता है कि शिक्षक टेट परीक्षा उत्तीर्ण करना चाहते हैं। शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के पूर्व एवं छत्तीसगढ़ के भर्ती व पदोन्नति नियम 2012 के पूर्व टेट उत्तीर्ण होना शिक्षक चयन हेतु आवश्यक शर्त नहीं था...

Tet News: रायपुर। शिक्षकों ने परीक्षा में बैठकर स्वयं यह प्रमाणित किया कि वह टेट उत्तीर्ण कर इस विषय को समाप्त करना चाहते हैं उनके इसी आग्रह को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने टेट विषय पर एक आसान व सरल समाधान का प्रयास किया है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा है कि एनसीटीई के प्रामाणिक पारिभाषिक स्वरूप के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने टेट आवश्यक करने का निर्णय प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक शालाओं की शिक्षकों के लिए दिया है। इस मामले पर देश, प्रदेश के शिक्षक आशंकित हुए हैं, जिसके कारण ही वर्तमान में 80000 से भी अधिक शिक्षकों ने छत्तीसगढ़ में टेट की परीक्षा दी है यह स्पष्ट करता है कि शिक्षक टेट परीक्षा उत्तीर्ण करना चाहते हैं। शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के पूर्व एवं छत्तीसगढ़ के भर्ती व पदोन्नति नियम 2012 के पूर्व टेट उत्तीर्ण होना शिक्षक चयन हेतु आवश्यक शर्त नही था, ऐसे में टेट से छूट तो मिलना ही चाहिए किन्तु ऐसे तथ्य को सुप्रीम कोर्ट ने नकारते हुए टेट अनिवार्यता का निर्णय दिया है।
आवश्यकता आधारित शिक्षकों ने परीक्षा में बैठकर स्वयं यह प्रमाणित किया कि वह टेट उत्तीर्ण कर इस विषय को समाप्त करना चाहते हैं उनके इसी आग्रह को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने टेट विषय पर एक आसान व सरल समाधान का प्रयास किया है।
छत्तीसगढ़ सरकार में हमारे शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव व डीपीआई की ओर से सहायक शिक्षक व शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, निरन्तरता एवं पदोन्नति के लिए टेट किए जाने की अनिवार्यता पर किसी भी प्रकार से बयान या विभागीय पत्र जारी नहीं हुआ है इसके बाद भी इस विषय की प्रतिपूर्ति हो इसके लिए सहायक शिक्षक व शिक्षक संवर्ग निरंतर हमसे संवाद करते हैं जिसका व्यवहारिक व सरलतम समाधान की ओर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने पहल किया है और इस पहल को विभागीय मंत्री स्वीकार करते हैं।
टीचर्स एसोसिएशन ने बताया कि स्कूल शिक्षामंत्री ने कहा है कि सरकार इस मामले का रास्ता निकलेगी, शिक्षकों की मांग पर पूरी गंभीरता के साथ विचार हो रहा है। हम किसी का नुकसान नही होने देना चाहते, विभाग में इसे लेकर विचार - विमर्श हो रहा है।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहु, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेंद्र यदु, डॉक्टर कोमल वैष्णव, मुकेश मुदलियार, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेंद्र पारीक ने कहा है कि शिक्षामंत्री जी का बयान सकारात्मक है साथ ही विभाग के अधिकारियों से इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई है जिसे उन्होंने विभागीय मंत्री को ब्रीफ भी किया है तत्पश्चात इस संबंध में जिलेवार टेट की अनिवार्यता वाले सहायक शिक्षक, शिक्षकों की संख्या डीपीआई ने पत्र जारी कर प्राप्त किया है व अभी इस विषय पर सैद्धांतिक रूप से निर्णय लेने की आवश्यकता है क्योंकि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पुनर्विचार याचिका अभी तक नहीं लगाया गया है।
छत्तीसगढ़ में विभागीय डीएड परीक्षा का आयोजन पूर्व में सफलता पूर्वक सम्पन्न हो चुका है, जिसमे शत प्रतिशत शिक्षक संवर्ग लाभान्वित हुए है, सहायक शिक्षक से सीधे व्याख्याता संवर्ग में पदोन्नति हेतु विभागीय सीमित परीक्षा आयोजित हुआ है, जिसमे सफलता प्राप्त करते हुए सहायक शिक्षक व्याख्याता पद पर पदोन्नत हुए है, यह विभागीय परीक्षा का शिक्षकों के लिए बेहतर प्रयास तो है।
छत्तीसगढ़ में शिक्षकों को लाभ मिले इस हेतु एसोसिएशन द्वारा व्यवहारिक, सरलतम व सभी को विभागीय परीक्षा में पूर्ण उत्तीर्ण अंक मिले इस हेतु डीपी के अधिकारियों से चर्चा कर सुझाव दिया गया है जिसमें मुख्य रूप से सेवाकालीन शिक्षकों के लिए विभाग की सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने की चर्चा हुई है, परीक्षा में न्यूनतम उत्तीर्णक तय हो, अंक युक्तियुक्त संगत रखने, शिक्षक परीक्षा में अपात्र न हो, विभागीय सीमित पात्रता परीक्षा को शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, निरन्तरता व पदोन्नति में जोड़ा जाए, परीक्षा की प्रक्रिया अत्यंत सरल, पारदर्शी व विभागीय स्तर पर ही संचालित हो, प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक दोनों स्तरों के लिए टेट परीक्षा का आयोजन हो जिसमें समय अंतराल हो, प्राथमिक और माध्यमिक के स्तर पर अलग अलग परीक्षा हो, पाठ्यक्रम सामान्य शिक्षा एवं शैक्षणिक समझ की अवधारणाओं पर आधारित हो, शिक्षक पात्रता परीक्षा ऑफलाइन और ओएमआर सीट पर आधारित लिया जावे, कुल प्रश्नों की संख्या बहुविकल्पीय 100 प्रश्न संधारित हो, चूंकि सेवाकालीन शिक्षकों की पात्रता परीक्षा आयोजित होगी अतः उत्तीर्ण अंक न्यूनतम हो।
मुख्य रूप से इस परीक्षा के आयोजन हेतु नोडल डीपीआई को बनाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी व संकुल प्राचार्य के स्तर पर निकटतम दूरी में विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा संचालित हो।
