Teacher News: DEO कार्यालय में फूटा बड़ा घोटाला: अुनुकंपा नियुक्ति और शिक्षकों के अटैचमेंट में लाखाें का खेला...
Teacher News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर डीईओ ऑफिस में लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर गुपचुप तरीके से फाइलों को सरकाने का काम चल रहा था। डीईओ कार्यालय में पदस्थ बाबू ने प्रमोशन से लेकर अनुकंपा नियुक्ति और अटैचमेंट में लाखों का खेला किया है। केंद्रीय राज्य मंत्री के निर्देश पर फर्जीवाड़ा से पर्दा उठने लगा है। पढ़िए क्या है पूरा मामला।

Teacher News: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर डीईओ ऑफिस में लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर गुपचुप तरीके से फाइलों को सरकाने का काम चल रहा था। डीईओ कार्यालय में पदस्थ बाबू ने प्रमोशन से लेकर अनुकंपा नियुक्ति और अटैचमेंट में लाखों का खेला किया है। केंद्रीय राज्य मंत्री के निर्देश पर फर्जीवाड़ा से पर्दा उठने लगा है।
दरअसल केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू को लिखित शिकायत की थी। शिकायत में डीईओ कार्यालय के बाबू पर सीधेतौर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अनुकंपा नियुक्ति में नियमों को ताक पर रखकर फाइल आगे सरकाने और नियुक्ति का खेला करने के अलावा अटैचमेंट और पदोन्नति में मनमाने तरीके से फाइलों को आगे सरकाया और इसी के एवज में लाखों रुपये का खेल भी किया। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कलेक्टर संजय अग्रवाल को मामले की जांच कराने और रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। कलेक्टर ने डीईओ को मामले की जांच कराने की हिदायत दी है। कलेक्टर के निर्देश पर डीईओ ने दो बीईओ को जांच अधिकारी बनाया है।
क्या है शिकायत में
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू को किए गए शिकायत में लिखा है वर्ष 2022 से स्थापना-4 खंड में पदस्थ बाबू सुनील यादव ने नियमों को ताक पर रखकर नियुक्तियां कराई है। मुख्य आरोप सौमिया जोहोआस की नियुक्ति को लेकर है। नियमों के अनुसार यदि माता-पिता दोनों में से कोई एक या फिर परिवार को कोई भी सदस्य शासकीय सेवा में हों तो आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता नहीं होती। नियमों का हवाला देते हुए शिक्षा विभाग ने आवेदन को अमान्य कर दिया था। मंत्री को की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि सुनील यादव ने रुपये लेकर शासन को गुमराह किया और फर्जी तरीके से सक्ती जिले में सौमिया को सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति दिलवा दी। सौमिया की दूसरी बहन को भी स्वास्थ्य विभाग में नियुक्ति दिलाने का आरोप है।
एक अन्य मामला शिवचरण यादव और उसकी पत्नी कमला यादव का है। यहां भी पति भुवन यादव और पत्नी जानकी यादव के शासकीय सेवा में होने के बावजूद फर्जी शपथ पत्र के आधार पर नियुक्ति करा दी गई। शिकायत में यह भी लिखा है कि लिपिक अधिकारियों से मिलीभगत कर 10 लाख रुपए लेकर एक अन्य मामले में दूसरी पत्नी के बेटे को अनुकंपा नियुक्ति दिलाया है।
बाबू पर शिक्षकों और भृत्यों से प्रति माह 2 से 10 हजार रुपए की अवैध वसूली करने और मनचाहे जगह पर अटैचमेंट करने का शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। बता दें कि DPI लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर द्वारा पूर्व में की गई जांच में सुनील यादव को दोषी पाया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
डीईओ विजय तांडे का कहना है किमामले की गंभीरता को देखते हुए दो बीईओ के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है। फिलहाल सुनील यादव को स्थापना खंड से हटा दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
