Nurse Kaise Bane: 12वीं के बाद नर्स कैसे बनें? आर्ट्स और कॉमर्स वाले भी कर सकते हैं ये कोर्स, देखें 2026 की नई गाइडलाइन, प्रोसेस और बेस्ट कोर्स
Nursing Career in India: 12वीं के बाद मेडिकल फील्ड में करियर बनाना है? जानें B.Sc Nursing, GNM, और ANM कोर्स की पूरी डिटेल्स, एलिजिबिलिटी और रजिस्ट्रेशन का प्रोसेस।

फोटो: AI
Nurse Kaise Bane: अगर आप हेल्थकेयर (Healthcare) सेक्टर में अपना करियर बनाना चाहते हैं और दूसरों की सेवा करने का पैशन रखते हैं तो नर्सिंग (Nursing) आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। भारत में छात्रों के लिए नर्सिंग में ढेरों कोर्सेज मौजूद हैं जो अलग-अलग एजुकेशनल बैकग्राउंड और करियर गोल्स के हिसाब से डिजाइन किए गए हैं।
साइंस स्टूडेंट्स के लिए टॉप चॉइस
बीएससी नर्सिंग (B.Sc Nursing) चार साल का ग्रेजुएशन डिग्री प्रोग्राम है। इस कोर्स में एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, फार्माकोलॉजी और नर्सिंग मैनेजमेंट जैसे अहम सब्जेक्ट्स पढ़ाए जाते हैं।
- एलिजिबिलिटी: 12वीं (Science स्ट्रीम) में कम से कम 45 परसेंट मार्क्स होना अनिवार्य है।
- एडमिशन प्रोसेस: देश के टॉप कॉलेजों में एडमिशन के लिए AIIMS नर्सिंग एंट्रेंस और NEET (UG) जैसे स्टेट और नेशनल लेवल के एंट्रेंस एग्जाम्स क्लियर करने होते हैं।
GNM और ANM: हर स्ट्रीम के लिए खुला है रास्ता
अगर आपके पास 12वीं में साइंस नहीं था तब भी आप नर्सिंग में अपना शानदार करियर बना सकते हैं:
GNM (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी)
यह साढ़े तीन साल का डिप्लोमा कोर्स है जो मरीजों की बेसिक नर्सिंग केयर पर फोकस करता है। किसी भी स्ट्रीम से 12वीं पास (न्यूनतम 40 परसेंट मार्क्स) स्टूडेंट्स इसमें एडमिशन ले सकते हैं।
ANM (ऑक्सिलरी नर्सिंग मिडवाइफरी)
यह दो साल का बेसिक डिप्लोमा कोर्स है। यह मुख्य रूप से कम्युनिटी हेल्थ और नवजात शिशु देखभाल (Neonatal Care) की ट्रेनिंग देता है। इसके लिए भी किसी भी स्ट्रीम से 12वीं (न्यूनतम 40 परसेंट मार्क्स) पास होना जरूरी है।
Midwifery और हायर एजुकेशन ऑप्शंस
प्रेग्नेंसी, डिलीवरी और पोस्टपार्टम के दौरान महिलाओं की खास देखभाल के लिए 'मिडवाइफरी कोर्स' (Midwifery) कराया जाता है जिसके लिए 12वीं साइंस (न्यूनतम 40 परसेंट) की जरूरत होती है। इसके अलावा जो लोग नर्सिंग में एडवांस पढ़ाई करना चाहते हैं, उनके लिए ये ऑप्शंस हैं:
- Post Basic B.Sc Nursing: GNM डिप्लोमा होल्डर्स के लिए 2 साल का डिग्री कोर्स।
- M.Sc Nursing: एडवांस प्रैक्टिस के लिए 2 साल की पोस्ट-ग्रेजुएशन डिग्री।
- M.Phil / Ph.D Nursing: रिसर्च वर्क और डॉक्टरेट के लिए बेहतरीन विकल्प।
प्रैक्टिस के लिए रजिस्ट्रेशन है अनिवार्य (Mandatory)
नर्सिंग कोर्स पूरा करने के बाद सबसे जरूरी स्टेप रजिस्ट्रेशन का होता है। भारत में एक लीगल और सर्टिफाइड नर्स के रूप में प्रैक्टिस करने के लिए स्टेट नर्सिंग काउंसिल (SNC) या नेशनल नर्सिंग काउंसिल (INC) में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य (Mandatory) है।
