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CG Promotion-Pension: डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी से मिला टीचर्स एसोसिएशन, जानिए किन मांगो पर हुई चर्चा

CG Promotion-Pension: शिक्षकों के पेंशन-पदोन्नति को लेकर टीचर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी से मिला। इस दौरान एसोसिएशन ने विभिन्न मांगों को लेकर डीपीआई से विस्तार से चर्चा की।

CG Promotion-Pension: डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी से मिला टीचर्स एसोसिएशन, जानिए किन मांगो पर हुई चर्चा
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By Sandeep Kumar

CG Promotion-Pension: रायपुर। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर डीपीआई से मिला। इस दौरान पेंशन पूर्व सेवा को लेकर नीति बनाने, प्राचार्य, व्याख्याता, प्रधान पाठक, शिक्षक पदोन्नति पर चर्चा की गई।

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने DPI से चर्चा में कहा कि 30 हजार सहायक शिक्षक पदोन्नति व क्रमोन्नति से वंचित है, पदोन्नति हेतु एसोसिएशन की थीम पर 5 वर्ष के अनुभव को एक बार (वन टाइम रिलैक्सेशन) शिथिल करते हुए 3 वर्ष किया गया था। इसी तरह क्रमोन्नति/समयमान हेतु निर्धारित 10 वर्ष की सेवा को एक बार (वन टाइम रिलैक्सेशन) शिथिल करते हुए 5 वर्ष किया जाए।

डीपीआई ऋतुराज रघुवंशी ने प्रतिनिधिमंडल को चर्चा में कहा कि प्राचार्य प्रतीक्षा सूची पदोन्नति की प्रक्रिया शासन स्तर पर जारी है, यह शीघ्र होगा। व्याख्याता टी संवर्ग की पदोन्नति हेतु काउंसिलिंग शीघ्र करेंगे।

व्याख्याता ई संवर्ग एवं प्रधान पाठक पूर्व माध्यमिक शाला पदोन्नति हेतु न्यायालयीन बाधा दूर करने विस्तार से चर्चा करते हुए पक्ष रखा गया व सहायक शिक्षक से शिक्षक पदोन्नति हेतु चर्चा की गई।

सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई कि पेंशन एक कल्याणकारी योजना है तथा यह सेवाओं के बदले दिया जाने वाला स्थगित पारिश्रमिक है। साथ ही न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि संविलियन से पूर्व याचिकाकर्ताओं द्वारा दी गई दीर्घकालीन सेवाओं को अप्रासंगिक मानकर नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। इसके अतिरिक्त उच्च न्यायालय ने यह निर्देश भी दिया कि सेवा की निरंतरता, किए गए कर्तव्यों की प्रकृति, वेतन का स्रोत, प्रशासनिक नियंत्रण तथा संविधान के अनुच्छेद 14 एवं 16 के अंतर्गत समानता के संवैधानिक सिद्धांतों को अनिवार्य रूप से ध्यान में रखा जाना चाहिए।

ज्ञापन में मांग की गई कि केंद्र सरकार, उत्तरप्रदेश सरकार व उत्तराखंड सरकार की तरह छत्तीसगढ़ राज्य में भी पेंशन निर्धारण के लिए 33 वर्ष अर्हकारी सेवा के स्थान पर 20 वर्ष अर्हकारी सेवा होने पर 50 % पेंशन निर्धारण का प्रावधान किया जाये।

न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि पर पेंशन निर्धारण का प्रावधान है, इससे एल बी संवर्ग के अनेकों शिक्षक बिना पेंशन के सेवानिवृत हो रहे है, अतः न्यूनतम 5 वर्ष की सेवा अवधि पर पेंशन निर्धारण का प्रावधान किया जाये।

30 हजार सहायक शिक्षक पदोन्नति व क्रमोन्नति से वंचित है, पदोन्नति हेतु दिए गए वन टाईम रिलेक्सेशन की तरह क्रमोन्नति के लिए 10 वर्ष की सेवा को एक बार (वन टाइम रिलेक्सेशन) के लिए शिथिल करते हुए 5 वर्ष में क्रमोन्नति का लाभ देने प्रावधान किया जाये।

शेष रिक्त प्राचार्य के पदों पर शीघ्र पदोन्नति दी जाए।

प्राचार्य के 10 % पदों पर विभागीय परीक्षा आयोजित किया जाए।

व्याख्याता ई संवर्ग के पदों पर पदोन्नति लंबित है, रिक्त पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया अविलम्ब पूर्ण की जाए।

प्रधान पाठक (पूर्व माध्यमिक), शिक्षक तथा प्रधान पाठक (प्राथमिक शाला) के सभी जिले के रिक्त पदों पर कलेंडर तय कर पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने निर्देश जारी की जाए।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी, प्रदेश पदाधिकारी योगेश सिंह ठाकुर, जितेंद्र मिश्रा, बिलासपुर जिलाध्यक्ष संतोष सिंह, धमतरी जिलाध्यक्ष डॉ भूषण चंद्राकर, महासमुंद जिलाध्यक्ष नारायण चौधरी, बालोद जिलाध्यक्ष दिलीप साहू, आशीष गुप्ता, दिनेश साहू, शेखर प्रसाद साव, सहित पदाधिकारी शामिल थे।

Sandeep Kumar

संदीप कुमार कडुकार: रायपुर के छत्तीसगढ़ कॉलेज से बीकॉम और पंडित रवि शंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी से MA पॉलिटिकल साइंस में पीजी करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं। पिछले 10 सालों से विभिन्न रीजनल चैनल में काम करने के बाद पिछले सात सालों से NPG.NEWS में रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

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