CG कर्मचारी न्यूज़: प्रदेशभर में कर्मचारियों का उबाल, डीए एरियर्स और नियमितीकरण को लेकर प्रदर्शन, मांगें पूरी नहीं हुई तो उग्र होगा आंदोलन
CG Employee News: फेडरेशन द्वारा घोषित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की जमीन तैयार हो चुकी है। सरकार यदि मांगों के संबंध में उचित नहीं लेती तो फेडरेशन उग्र करने के लिए बाध्य होगा।

CG Employee News: रायपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा प्रदेशभर में कर्मचारियों के हितों से जुड़ी मांगों को लेकर किए गए आंदोलन का आज व्यापक असर देखने को मिला। फेडरेशन की भोजनावकाश के दौरान जोरदार इंद्रावती भवन से जिला एवं ब्लॉक मुख्यालयों में जंगी प्रदर्शन किया गया।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा एवं संभाग प्रभारी एवं महासचिव चंद्रशेखर तिवारी के मार्गदर्शन में रायपुर एवं नवा रायपुर में आयोजित आंदोलन में बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी शामिल हुए। प्रांतीय प्रवक्ता पंकज पांडेय एवं राकेश शर्मा,जिला संयोजक पीतांबर पटेल, नवा रायपुर विभागाध्यक्ष कार्यालय के अध्यक्ष जयकुमार साहू, प्रांतीय सचिव संजय सिंह एवं नवा रायपुर संयोजक संतोष कुमार वर्मा के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर 11 सूत्रीय मांगों के समर्थन में नारा लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। महासमुंद, धमतरी, गरियाबंद और बलौदाबाजार में भी संबंधित जिला संयोजकों टेकराम सेन, चंदूलाल चंद्राकर, एम. आर. खान और एल. एस. ध्रुव के नेतृत्व में “अब नई सहिबो, मोदी के गारंटी लेकर रहीबो” जैसे नारों के साथ जोरदार प्रदर्शन किया गया। आंदोलन में सभी जिलों के कर्मचारियों और शिक्षकों ने प्रदर्शन कर सरकार के प्रति रोष व्यक्त किया।
इसी तरह दुर्ग संभाग में संभाग प्रभारी राजेश चटर्जी के मार्गदर्शन में और जिला संयोजक विजय लहरे के नेतृत्व में आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला। राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम और मानपुर–मोहला में क्रमशः जिला संयोजक सतीश व्यौहारे, लोकेश साहू, अश्वनी बनर्जी, अर्जुन चंद्रवंशी और ओ. पी. माहला के नेतृत्व में रैलियां निकाली गईं और कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए।
बिलासपुर संभाग में संभाग प्रभारी जी. आर. चंद्रा, पवन शर्मा एवं रोहित तिवारी के मार्गदर्शन में तथा जिला संयोजक डॉ. बी. पी. सोनी के नेतृत्व में हुए आंदोलन में कर्मचारियों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। जांजगीर–चांपा, कोरबा, मुंगेली, गौरेला–पेंड्रा–मरवाही, रायगढ़ एवं सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिलों में भी जिला संयोजकों विश्वनाथ परिहार, जे. पी. खरे, जे. एस. ध्रुव, डॉ. संजय शर्मा, आशीष रंगारी एवं फकीरा यादव के नेतृत्व में उग्र प्रदर्शन हुए, जिनमें बड़ी संख्या में कर्मचारियों एवं शिक्षकों ने भाग लिया।
बस्तर संभाग में संभाग प्रभारी कैलाश चौहान और टार्जन गुप्ता के मार्गदर्शन में तथा जिला संयोजक गजेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में जगदलपुर में जबरदस्त उत्साह के साथ आंदोलन हुआ। कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में भी जिला संयोजकों प्रमोद तिवारी, शिवराज सिंह ठाकुर, डॉ. दीपेश रावटे, के. डी. राय, अरविंद यादव और विनायक साहू के नेतृत्व में जंगी प्रदर्शन किया गया।
इसी प्रकार सरगुजा संभाग में संभाग प्रभारी ओंकार सिंह और नृपेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में अंबिकापुर के जिला संयोजक कमलेश सोनी के नेतृत्व में कर्मचारियों का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। सूरजपुर, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर और मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर जिलों में भी संबंधित जिला संयोजकों डॉ. आर. एस. सिंह, डॉ. आर. एस. चांदे, डॉ. दीपेश रावटे, संतोष कुमार तांडे और डॉ विनीत भारद्वाज के नेतृत्व में कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपे और नारे लगाए।
फेडरेशन द्वारा घोषित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की जमीन तैयार हो चुकी है। सरकार यदि मांगों के संबंध में उचित नहीं लेती तो फेडरेशन उग्र करने के लिए बाध्य होगा।
फेडरेशन की प्रमुख मांगों में मोदी की गारंटी के अनुसार जुलाई 2016 से लंबित महंगाई भत्ता एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित करने, प्रदेश में चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान क्रमशः 8, 16, 24 एवं 32 वर्ष में प्रदान करने, तथा मध्यप्रदेश की भांति अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
इसके साथ ही फेडरेशन ने लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने हेतु पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, शिक्षकों की प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर समस्त सेवा लाभ देने, तथा सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान प्रदान करने की मांग भी उठाई है।
फेडरेशन ने अनुकंपा नियुक्ति को निःशर्त लागू करने, 10 प्रतिशत की वर्तमान सीमा समाप्त कर सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति देने, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण करने, तथा नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन और समयबद्ध पदोन्नति देने की भी मांग की है।
इसके अतिरिक्त विभागों में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने, कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी, अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करने, तथा आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली एवं सेवानिवृत्ति उपरांत संविदा नियुक्ति तत्काल बंद करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। साथ ही विभागों में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की अनुमति देने की मांग शामिल हैं।
प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि प्रदेश के सभी जिला संयोजकों एवं कर्मचारियों का मनोबल ऊंचा है और आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन संवाद और समाधान चाहता है, लेकिन यदि सरकार चुप्पी साधे रहती है, तो कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन और अधिक तीव्र किया जाएगा।
