Bharat ka sabse purana shiksha Board: भारत का सबसे पुराना शिक्षा बोर्ड कौन सा है? CBSE और ICSE से भी है 40 साल पुराना!
Bharat ka sabse purana shiksha Board: क्या आपको पता है शिक्षा के क्षेत्र में सबसे पुराना बोर्ड किसे कहा जाता है। आइए जानते है भारत के सबसे पुराने शिक्षा बोर्ड के बारे में।

Bharat ka sabse purana shiksha Board: क्या आपको पता है शिक्षा के क्षेत्र में सबसे पुराना बोर्ड किसे कहा जाता है। भारत में अधिकतर छात्रों की जनसंख्या सरकारी स्कूलों में ही नजर आती है। कई ऐसे भी होते हैं जो अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर कम होने की वजह से सीबीएसई (CBSE) या आईसीएसई(ICSE) बोर्ड में भर्ती कर देते है और यही लोग इन बोर्ड्स को सबसे पुराना और विश्वसनीय मानते है लेकिन यह सच नहीं है। आइए जानते है भारत के सबसे पुराने शिक्षा बोर्ड के बारे में।
ये है भारत का सबसे पहला स्कूल बोर्ड
हम जिस बोर्ड की बात कर रहे हैं वह है यूपी बोर्ड। यह भारत का सबसे पुराना और पहला स्कूल बोर्ड है, जो उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) के नाम से जाना जाता है। इसकी स्थापना सन 1921 में संयुक्त प्रांत विधान परिषद यानी यूनाइटेड प्रोविंसेज लेजिस्लेटिव काउंसिल के तहत की गई थी। इसका मुख्यालय प्रयागराज में स्थित है। यह भारत का पहला ऐसा बोर्ड था जिसने 1923 में पहली बार हाई स्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षाएं आयोजित करवाई थी।
अंग्रेजों ने किया था यूपी बोर्ड की स्थापना
भारत में अंग्रेजों के आगमन से ही स्कूली शिक्षा का विकास हुआ था। उन्होंने अपने धर्म के प्रचार प्रसार और शिक्षित कामगार कर्मचारी बनाने के लिए इस बोर्ड को बनाया था। यूपी बोर्ड की स्थापना के समय इसने 10 + 2 सिस्टम अपनाया गया था। इस पद्धति में पहली परीक्षा 10वीं तक के शिक्षा के लिए होती थी और दूसरी परीक्षा दो साल बाद यानी 12वी कक्षा के उपरांत होती थी।
दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल बोर्ड
दुनिया का सबसे पुराना बोर्ड यूपी बोर्ड को माना जाता है, क्योंकि यह 1921 में आया था जबकि आईसीएसई बोर्ड की स्थापना 1958 में हुई और सीबीएसई बोर्ड 1962 में अस्तित्व में आया। कुछ आंकड़ों के मुताबिक यूपी बोर्ड में परीक्षा देने के लिए 60 लाख के आसपास अभ्यर्थी शामिल होते है, इसलिए यूपी बोर्ड को भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया का सबसे बड़ा परीक्षा बोर्ड में माना जाता है। यूपी बोर्ड द्वारा तैयार किया गया सिलेबस, परीक्षा पैटर्न और मूल्यांकन प्रणाली देश के अन्य शिक्षा बोर्ड के लिए एक आदर्श बन गया था, इसलिए इसके बाद बने सभी बोर्ड्स में इसके कुछ पैटर्न जरूर नजर आते है।
