कार्यालय की गलती की सजा भुगत रही शिक्षाकर्मी….. ढाई महीने बाद भी नहीं मिल सका संविलियन का लाभ….. DPI तक पहुंची शिकायत, तो तुरंत सुधार कराने को लेकर किया आश्वस्त

रायपुर 21 जनवरी 2021। किसी कार्यालय से हुई लिपिकीय त्रुटि को सुधारने के लिए आखिर कितने समय की जरूरत होगी? 1 दिन, 10 दिन या फिर एक महीना लेकिन यदि बात स्कूल शिक्षा विभाग में ढाई महीने बाद भी शिक्षिका के नाम की लिस्ट सुधर नहीं पायी। कई दफा अलग-अलग कार्यालय से पत्राचार के बाद भी जब शिक्षिका के संविलियन सूची में सुधार नहीं हुई तो सर्व शिक्षक संघ ने ये गुहार सीधे डीपीआई जितेंद्र शुक्ला से लगायी, जिसके बाद अब डीपीआई ने सुधार कर पूर्व निर्धारित तिथि से ही संविलियन की बात कही है।

सूची में त्रुटि की वजह से शिक्षक का 1 नवंबर 2020 को होने वाला संविलियन आज ढाई महीने बाद भी नहीं हो पाया है और वजह सिर्फ एक की आदेश जारी करते समय महिला शिक्षाकर्मी का नाम गलत लिख दिया गया है।  मामला कबीरधाम जिला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सहसपुर लोहारा में पदस्थ संगीता कौशिक का, जो वाणिज्य विषय की व्याख्याता है। पंचायत विभाग द्वारा राज्य कार्यालय को सूची भेजते समय इसमें त्रुटि कर दी गई जिसके कारण विभाग द्वारा संविलियन आदेश जारी करते समय उनके नाम के स्थान पर जयप्रकाश का नाम लिख दिया गया है जो कि शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सहसपुर लोहारा में पदस्थ ही नहीं है और वहां कार्यरत संगीता कौशिक का नाम सूची से गायब हो गया है ।

संविलियन आदेश जारी होते ही उन्होंने अपने जिला पंचायत कार्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को इस बात से कई बार अवगत कराया और इसकी जांच करके जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से भी दिसंबर माह में ही संचालक लोक शिक्षण संचालनालय को त्रुटि सुधार हेतु पत्र लिखा गया है और साथ ही प्रारूप भी भेजा गया है किंतु आज पर्यंत तक राज्य कार्यालय से संगीता कौशिक का आदेश जारी नहीं हो सका है जिसके चलते जहां सभी शिक्षाकर्मियों को वेतन भुगतान हो रहा है वही संगीता कौशिक आर्थिक और मानसिक परेशानी से जूझ रही है लगातार आवेदन देने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है तो उन्होंने खुद के न्याय के लिए मीडिया और शिक्षाकर्मी संघ से गुहार लगाई है ।

जल्द सुधार कर संविलियन का लाभ दिया जायेगा- डीपीआई

इस मामले में जब एनपीजी ने डीपीआई जितेंद्र शुक्ला ने बात की तो उन्होंने इस पर तुरंत संज्ञान लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि त्रुटि की वजह से अगल शिक्षिका का संविलियन नहीं हो पाया है तो इसे तुरंत सुधारा जायेगा। साथ महिला शिक्षक को पूर्व निर्धारित संविलियन तिथि से ही संविलियन का लाभ भी दिया जायेगा। उन्होंने इस मामले में जल्द ही विभाग की तरफ से कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया है।

मामले से राज्य कार्यालय को कराया है अवगत – विवेक दुबे

जिला पंचायत द्वारा हेतु पात्र शिक्षाकर्मियों की सूची भेजते समय गड़बड़ी की गई है जिसके चलते राज्य कार्यालय से आदेश जारी करते समय शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सहसपुर लोहारा में जयप्रकाश नामक व्याख्याता को इस पद पर पदस्थ दिखाया गया है और संगीता कौशिक का नाम गायब है जिससे उन्होंने स्थानीय कार्यालय को अवगत कराया है और स्थानीय कार्यालय से त्रुटि सुधार हेतु राज्य कार्यालय भी पत्र गया है , हमने भी संचालक को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया है ताकि शिक्षक साथी के साथ न्याय हो सके , हमें उम्मीद है कि कार्यालय तत्काल इस पर एक्शन लेगा और जो लेटलतीफी हुई है वह आगे नहीं होगी ।

 

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