अनुपूरक बजट पर बोले डॉ रमन सिंह “प्रदेश की अर्थव्यवस्था पहले वेंटिलेटर में थी अब कोमा की ओर जा रही है..अनुपूरक बजट की शुरुआत में ही क़र्ज़ के ब्याज के भुगतान का प्रावधान”

रायपुर,27 अगस्त 2020। अनुपूरक बजट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आँकड़ों के ब्यौरे के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वित्तीय कुप्रंबंधन का नमूना बताया है। डॉ रमन सिंह ने वित्तीय घाटा जीएसडीपी का 5.8 प्रतिशत होने का ज़िक्र करते हुए इसे निर्धारित सीमाओं का उल्लंघन बताया है।
डॉ रमन सिंह ने कहा
“ नवंबर 2003 की स्थिति में 5 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का क़र्ज़ मिला कर 30 नवंबर 2018 को राज्य पर 41 हज़ार करोड़ का क़र्ज़ था।याने पंद्रह वर्षों के कार्यकाल में हमने हर क्षेत्रों विकसित अधोसंरचना के लिए औसतन 2 हज़ार चार सौ करोड़ प्रति वर्ष क़र्ज़ लिया, मौजुदा सरकार ने डेढ़ वर्षों के कार्यकाल में ही 24 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का क़र्ज़ ले चुकी है..”
डॉ रमन सिंह ने आगे कहा
“प्रदेश की अर्थव्यवस्था पहले वेंटिलेटर में थी अब कोमा में जाने वाली है.. मुझे आशंका है कि बिना भारी कर्जे के मुख्य बजट का सत्तर फ़ीसदी भी खर्चा कर पाएंगे.. आज की स्थिति में राज्य पर 65 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का क़र्ज़ हो गया है और आपकी सरकार का कार्यकाल पूरा होते तक ये एक लाख करोड़ हो जाएगा इसमें संदेह नहीं है”
