करिश्माई नेता वीरभद्र सिंह को याद कर भावुक हुए डॉ प्रेमसाय सिंह .. बोले “पहली बार विधायक बना था मैं.. दिल्ली में हुई थी पहली मुलाकात.. सबक सीखाया कि कैसे सेवक बने रहना है”

रायपुर,9 जुलाई 2021। हिमाचल प्रदेश के छ बार मुख्यमंत्री रह चुके और सांसद के साथ साथ केंद्रीय मंत्री का प्रभार सम्हाल चुके स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के बेहद नज़दीकी रिश्ते सरगुजा से रहे हैं। स्वर्गीय वीरभद्र सिंह पंचायत और स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव के मौसा थे। सियासत हों या छात्र जीवन वे सिंहदेव और उनके सियासती क़रीबियों के हमेशा मार्गदर्शक बने रहे। मंत्री सिंहदेव के तो स्कुलिंग के दौर में वे स्थानीय अभिभावक रहे। सरगुजा से नज़दीकी रिश्ता ही मौजुदा स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह और स्व. वीरभद्र सिंह को क़रीब ले आया था। सन् 1980 में पहली बार विधायक बने डॉ प्रेमसाय सिंह से वीरभद्र की पहली मुलाक़ात दिल्ली में 1981 में हुई थी। वो मुलाक़ात और उसके बाद की कई मुलाक़ातों की गहराई ऐसी थी कि, मंत्री प्रेमसाय सिंह बेहद भावुक हैं, वे देर तक अपने कक्ष में रहे और आंसू पोंछते रहे।
शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह ने स्व.वीरभद्र सिंह की स्मृतियों को कुरेदते हुए याद किया
“81 में पहली मुलाक़ात हुई थी, उन्होंने मुझसे देर तक बातें की,हम लोग उन्हीं के पास रुके थे.. हिमांचल से बड़ी संख्या में लोग आए थे.. वे उनके साथ बेहद समरस थे.. उनके लोगों ने इसरार किया था किसी लोकपर्व का अवसर था.. वे उन सब के साथ देर तक नाचते रहे..हर शख़्स को नाम से जानते थे..चकित करने वाला रिश्ता रखते थे”
मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह ने कहा
“उन्होंने मुझे कहा था.. हमेशा ज़मीन से जूड़ कर रहना.. चुनाव में हार जीत लगी रहती है.. हार जाओ तब भी और उससे ज़्यादा लोगों से तब और संपर्क में रहना जब चुनाव जीते रहो.. याद रखना लोगों ने अपना सेवक बनाया है मालिक नही..”
