Begin typing your search above and press return to search.

स्वास्थ्य सेवाओं की बदलती तस्वीर

जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के 'हमर लैब' में 120 तरह की जांच फ्री

स्वास्थ्य सेवाओं की बदलती तस्वीर
X
By NPG News

रायपुर 19 जनवरी 2023 I छत्तीसगढ़ के जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बन रहे 'हमर लैब' देश भर में नजीर बन गए हैं। छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार की ओर से शुरु किए गए 'हमर लैब' ने स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदल दी है। गरीबी अब मरीजों के इलाज और जांच में बाधा नहीं बन रही है। खून व हार्मोन समेत 120 तरह की निशुल्क जांच से मरीजों के हजारों रुपये बच रहे हैं। समय पर मिल रही रिपोर्ट से इलाज भी आसान हो गया है। लोगों को स्वास्थ्य की जांच का लाभ तो मिल रहा है। साथ ही अन्य राज्यों से अधिकारी और डॉक्टर भी अपने राज्यों में इस तरह का लैब स्थापित करने यहां अध्ययन करने आने लगे हैं। राजस्थान और कर्नाटक के डॉक्टरों एवं अधिकारियों के दल ने राज्य के 'हमर लैब' का दौरा कर इनके काम करने के तरीके की जानकारी ली। एनएचएसआरसी नई दिल्ली और असम के डॉक्टरों और अधिकारियों की टीम ने भी 'हमर लैब' का निरीक्षण कर इसके काम करने का तरीका देखा और बहुत प्रभावित हुए। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रही सीडीसी, जपाईगो, पाथ और क्लिंटन फाउंडेशन जैसी संस्थाओं ने भी 'हमर लैब' का भ्रमण कर इसकी प्रशंसा की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि 'हमर लैब' में जांच की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। रायपुर जिला अस्पताल के 'हमर लैब' के सफल संचालन और इसके अच्छे परिणामों को देखते हुए अन्य जिला अस्पतालों में भी इसे स्थापित किया जा रहा है। राज्य के नौ जिला अस्पतालों दुर्ग, बालोद, बलौदाबाजार, कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, बीजापुर और बलरामपुर तथा तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों मानपुर, पाटन और पलारी में 'हमर लैब' की स्थापना की जा चुकी है। एफआरयू सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में भी इसकी स्थापना प्रक्रियाधीन है।


देश का पहला लोक स्वास्थ्य इकाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में

विकासखंड स्तर पर देश का पहला ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पाटन में स्थापित किया गया है। वहां 'हमर लैब' के माध्यम से मरीजों को सभी तरह की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिला चिकित्सालयों के 'हमर लैब' में 120 प्रकार के और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के लैब में 50 तरह की जांच की सुविधा है। इन लैबों का संचालन स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के द्वारा किया जा रहा है।

120 तरह की हो रही जांच

जिला चिकित्सालयों की हमर लैब में 120 प्रकार की और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की लैब में 50 तरह की जांच की सुविधा है। हमर लैब में ब्लड ग्रुप, डायबिटीज, लिवर, किडनी, यूरीन के अलावा जापानी इंसेफेलाइटिस, हेपेटाइटिस ए, बी व सी, हिमेटोलॉजी, बायो केमेस्ट्री, माइक्रो बायोलॉजी, सेरोलॉजी की जांच हो रही है। छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सरकारी अस्पतालों को ज्यादा से ज्यादा साधन संपन्न बनाने सुविधाएं मुहैया करा रहा है। इसलिए जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सस्ते दरों पर विभिन्न तरह की जांच की सुविधा प्रदान की जा रही है। 'हमर लैब' का सबसे ज्यादा लाभ कोरोना काल में मिला। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत छत्तीसगढ़ सरकार हर जिला अस्पताल और सामुदायिक केंद्र पर 'हमर लैब' स्थापित कर रही है। स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह के मुताबिक साल 2023 में सभी जिला चिकित्सालयों के लैब में जांच की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। डे-केयर कीमोथेरेपी एवं सीसीयू सुविधा का सभी जिला अस्पतालों तक विस्तार किया जाएगा। सभी 22 जिलों में डे-केयर कीमोथेरेपी शुरू होगी। हृदय रोग, हृदयाघात और स्ट्रोक से होने वाली असमय मौत को रोकने के लिए प्रदेश के रायपुर, जशपुर, धमतरी, दुर्ग, कोरबा, कांकेर और बलौदाबाजार-भाटापारा के जिला अस्पताल में कार्डियक केयर यूनिट की स्थापना की जा रही है।


एक साल में 57 लाख से ज्यादा टेस्ट

रायपुर जिला अस्पताल से शुरू हुए हमर लैब का विस्तार राज्य के नौ जिला अस्पताल और चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में हो चुका है। रायपुर जिला अस्पताल के हमर लैब में हर साल चार लाख से अधिक जांचें हो रही हैं। यहां निजी लैब में इन जांच सुविधाओं के लिए 10 हजार रुपये से अधिक राशि खर्च करनी पड़ती है। लाखों मरीजों को यह सुविधाएं फ्री मिल रही हैं। जिला अस्पताल में 120 और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 50 तरह की निश्शुल्क जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने वाले 'हमर लैब में साल 2022 में 57 लाख से अधिक जांच हुए हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के हजारों रुपये बचे।

अप्रैल से नवंबर 2022 तक जिला अस्पतालों में जांच

रायपुर - 4,19,471

बालोद - 3,07,177

बस्तर - 4,09,419

बलौदाबाजार - 175916

बीजापुर - 398235

दुर्ग - 3,17,547

कोंडागांव - 63,485

कांकेर - 4,52,166

बलरामपुर - 97095

अप्रैल से नवंबर 2022 तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में टेस्ट

सीएचसी - जिला - जांच

पलारी - बलौदाबाजार - 39,842

पाटन - दुर्ग - 1,23,242

मानपुर - राजनांदगांव - 68,456

खरसिया - रायगढ़ - 7,295

साल दर साल बढ़े टेस्ट

वर्ष - जांच

2018 - 2,38,096

2019 - 2,76,379

2020 - 2,78,014

2021 - 4,20,540

2022 - 4,69,592

'हमर लैब' जैसी सुविधा कहीं नहीं: डॉ. गोयल

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल ने पिछले महीने रायपुर जिला अस्पताल में संचालित 'हमर लैब' का अवलोकन किया। इसकी सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश के कई बड़े सरकारी अस्पतालों में भी इस तरह का लैब नहीं है। उन्हें 'हमर लैब' के संचालन की पूरी प्रक्रिया और मरीजों हेतु उपलब्ध जांच की सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अभी प्रदेश के दस जिला अस्पतालों और चार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 'हमर लैब' का संचालन किया जा रहा है। जिला अस्पतालों के 'हमर लैब' में 120 तरह के और सीएचसी के 'हमर लैब' में 50 तरह की जांच की सुविधा उपलब्ध है। 'हमर लैब' के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पैथोलॉजी जाँच की सुविधा मरीजों को मुहैया कराई जा रही है। जाँच के बाद रिपोर्ट भी दिए गए मोबाइल नंबर और मेल आईडी पर भेजे जा रहे हैं। इसके साथ ही देश का पहला विकासखंड स्तर का पब्लिक हेल्थ इकाई एवं हमर लैब के इंटीग्रेटेड मॉडल की स्थापना प्रदेश के दुर्ग जिले के पाटन में की गई है।

Next Story