राममय रामायण महोत्सव: थाईलैंड, बाली, इंडोनेशिया जैसे देशों के कलाकार रायगढ़ में करेंगे रामलीला...

रायपुर 18 मई 2023 I राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव की तर्ज पर रायगढ़ में 1 जून से 3 जून तक तीन दिवसीय राष्ट्रीय रामायण महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। संस्कृति विभाग द्वारा इस आयोजन जोर-शोर से तैयारियां की जा रही है। प्रदेश में पहली बार संस्कृति विभाग द्वारा राष्ट्रीय रामायण महोत्सव का आयोजन रायगढ़ के राम लीला मैदान में किया जाएगा। इस महोत्सव में मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, केरल, गोवा, असम, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के साथ ही लगभग 10 राज्यों के रामायण दल महोत्सव में शामिल होने वाले हैं। इस महोत्सव में शामिल होने वाली मानस मंडलियों के पुरस्कृत किया जाएगा। जिसमें प्रथम पुरस्कार 5 लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार 3 लाख रुपए और तृतीय पुरस्कार की राशि 2 लाख रुपए तय की गई है। आदिवासी नृत्य महोत्सव की तरह ही देश के विभिन्न राज्यों के कलाकारों सहित विदेशी कलाकारों को आमंत्रित किया जा रहा है। महोत्सव में विदेशों से आए विदेशी कलाकारों द्वारा भी आकर्षक स्वरूप में रामगाथा का मंचन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि दक्षिण एशियाई देशों में आज भी रामलीला के मंचन की परंपरा जीवित है। इस देशों के दाल भी राष्ट्रिय रामायण महोत्सव में शामिल होंगे। एशियन कंट्री जैसे थाईलैंड, बाली, इंडोनेशिया जैसे देशों की टीमों से बात चल रही है।
अरण्य काण्ड पर केंद्रित रामायण की प्रस्तुति होगी
सम्पूर्ण महोत्सव में विशेष रूप से अरण्य काण्ड पर केंद्रित रामायण की प्रस्तुति होगी। क्योंकि ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल के दौरान अधिकांश समय दंडकारण्य में बिताया था। इस महोत्सव में मैथिलि ठाकुर, कुमार विश्वास, बाबा हंसराज रघुवंशी, लखबीर सिंह लक्खा, शंमुख प्रिया और शरद शर्मा जैसे प्रसिद्द कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। रामायण की कथा अनेक भाषाओं में लिखी गई है और अनेक देशों में इनका मंचन होता है। छत्तीसगढ़ में तुलसीदास जी का रामचरित मानस जन-जन में व्याप्त है। अब रामायण महोत्सव के माध्यम से वाल्मीकि से लेकर भवभूति तक भगवान राम के आदर्शों की झलक देखने को मिलेगी। रामायण का विस्तार कम्बन के तमिल रामायण से लेकर कृतिवास के बंगला रामायण तक है। इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में भी इसके कई रूप प्रचलित है। रामायण महोत्सव के माध्यम से श्रीराम के चरित्र के इन सुंदर रूपों की झलक दर्शकों को मिल सकेगी।
कुमार विश्वास, मैथिली ठाकुर, लक्खा देंगे प्रस्तुति
इस तीन दिवसीय महोत्सव में प्रतिदिन देश के मशहूर कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। पहले दिन यानी 1 जून को इंडियन आइडल फेम शंमुख प्रिया और सारेगम फेम शरद शर्मा महोत्सव में पहुंचेंगे। तो वहीं दूसरे दिन यानी 02 जून को मशहूर गायक बाबा हंसराज रघुवंशी और लखबीर सिंह लक्खा अपनी प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम के अंतिम दिन यानी 3 जून को लोकप्रिय भजन गायिका मैथिली ठाकुर और मशहूर कवि कुमार विश्वास की प्रस्तुति होगी।
सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ भी होगा
संस्कृति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रामायण महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले मानस मंडली के कलाकार दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक और विदेशों से आने वाले मानस मंडली के द्वारा रात्रि 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक प्रस्तुति दी जाएगी। इस भव्य आयोजन में अरण्यकांड पर केंद्रित प्रसंगों पर विभिन्न राज्यों से आए मानस दलों के साथ ही विदेशी दलों के द्वारा रामायण की प्रस्तुति की जाएगी। राष्ट्रीय रामायण महोत्सव में सामूहिक हनुमान चालीसा एवं भव्य केलो आरती का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें हजारों की संख्या में दीपदान किया जाएगा।
दो दिन रायगढ़ में रहेगी सरकार
राष्ट्रीय रामायण महोत्सव का आयोजन रामलीला मैदान में किया जा रहा है। 1 से 3 जून तक चलने वाले आयोजन में 2 और 3 जून को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के शामिल होंगे और उनके साथ पूरा मंत्रिमंडल होगा। कार्यक्रम में 4 राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री या अफसरों का डेलीगेशन भी आ सकता है। इसे लेकर प्रशासन के साथ कांग्रेस कमेटी भी तैयारी में जुटा हुआ है। ऐसे में केलो नदी को साफ सफाई कराने का काम शुरु कर दिया है, इसके अलावा मरीन ड्राइव शनि मंदिर से सर्किट हाउस वाले जाने वाली सड़क का डामरीकरण कराने के साथ नदी के दोनों तरफ रंगरोगन कराए जाने के साथ लाइटिंग कराई जा रही है। मेयर जानकी काटजू ने बताया कि अलग-अलग राज्यों के डेलिगेशन के साथ छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन और सत्ता जुड़े लोग भी यहां आएगी। जिसकी पूरी तैयारियां की जा रही हैं।
महोत्सव के जरिये बताएंगे रामकथा: भूपेश बघेल
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर राज्य शासन द्वारा राम-वन-गमन पर्यटन परिपथ परियोजना के तहत भगवान श्री राम के वनवास काल के दौरान यात्रा से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित किया है। राष्ट्रीय रामायण महोत्सव के बारे में प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कहा है कि हमारी धरती माता कौशल्या की धरती है। भगवान राम को यहां भांजा माना जाता है। रायगढ़ के राम लीला मैदान में रामायण महोत्सव का आयोजन कर रहे हैं। इस कार्यक्रम में प्रदेश के साथ देश के अन्य राज्यों के रामायण दल आएंगे। विदेशों में भी राम कथा होती है। विदेशी दल भी आएंगे। राम कथा को महोत्सव के जरिए आयोजित करेंगे। रामायण के प्रसंगों की सुंदर व्याख्या होगी। राम कथा का व्यापक विस्तार होगा, जब हम दूरदर्शन पर टीवी में रामायण देखते थे तो मन की प्यास रामकथा सुनकर बुझती थी। आप सभी जरूर पधारें जय सिया राम।
