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राज्य सरकार की नीतियों से बदल रही ट्रांसजेंडर की जिंदगी, सरकार ने हाशियें से निकालकर दी अलग पहचान...

राज्य सरकार की नीतियों से बदल रही ट्रांसजेंडर की जिंदगी, सरकार ने हाशियें से निकालकर दी अलग पहचान...
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By Gopal Rao

रायपुर 18 जून 2023। समाज में सदियों से ट्रांसजेंडर के साथ भेदभाव आम बात रही। लेकिन आज़ादी के 75 साल बाद सही में ट्रांसजेंडर समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जहां ट्रांसजेंडर को पुलिस की भर्ती समेत तमाम सरकारी नौकरियों में मौके दिए जा रहे हैं। बस्तर फाइटर में ट्रांसजेंडर की भर्ती कर नवोदित राज्य होने के बावजूद पुराने राज्य के लिए नजीर बन रहा है। छत्तीसगढ़ में ट्रांसजेंडर्स को दी जा रही मदद और सहूलियतों का परिणाम है कि रायपुर के सरोना में बनाए गए प्रशिक्षण केन्द्र से निकले 89 ट्रांसजेंडर्स अलग-अलग विभागों में नौकरी कर रहे हैं। बताया गया है कि थर्ड जेंडर के लिए सरोना में आवासीय प्रशिक्षण केन्द्र तैयार किया गया है। पिछले दो साल में यहां आने वाले ट्रांसजेंडर्स को अलग-अलग विधाओं की ट्रेनिंग दी गई। प्रतियोगी परीक्षा, स्किल डेवलमेंट के अलावा अन्य विषयों की जानकारी भी दी गई। इसके कारण जिन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया उन्हें अलग-अलग विभागों में रोजगार मिल गया है। इनमें पुलिस विभाग में 13, बस्तर फाइटर्स में 9, बालको में 18 ट्रांसजेंडर्स काम कर रहे हैं। यहां पर छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों और अलग-अलग राज्यों के लोग प्रशिक्षण ले रहे हैं। ट्रांसजेंडर्स समुदाय की विद्या राजपूत ने बताया कि प्रशिक्षण केन्द्र के माध्यम से सभी को उनका हक और अधिकार देने की लगातार कोशिश की जा रही है। उनके समुदाय के लोग इसमें काफी हद तक सफल हो रहे हैं।

3060 ट्रांसजेंडर्स को मिली पहचान

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उभयलिंगी समुदाय के सामाजिक और आर्थिक पुनर्वास के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। अब तक राज्य में 3060 उभयलिंगी चिन्हांकित किए गए हैं, जिन्हें पहचान पत्र जारी किया जा रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में उभयलिंगी समुदाय के लिए सामुदायिक भवनों के निर्माण के लिए भूमि का चिन्हांकन भी किया जा रहा है।


उभयलिंगी कल्याण बोर्ड का गठन

सरकार की ओर से अंतर्विभागीय समन्वय कर उभयलिंगी व्यक्तियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उददेश्य से समाज कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में उभयलिंगी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। सभी जिलों में जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। उभयलिंगी व्यक्तियों की गतिविधियों तथा नवाचार को बढ़ावा देने के उददेश्य से टॉस्क फोर्स का गठन भी किया गया है।


15 राज्यों ट्रांसजेंडर्स की कार्यशाला

समाज कल्याण विभाग छत्तीसगढ़ शासन की ओर से रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में ट्रांसजेंडर्स के कल्याण के लिए केन्द्रित राष्ट्रीय कार्यशाला सह सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यशाला में 15 राज्यों से इस समुदाय के लोगों को बुलाया गया था। जिसमें राजस्थान, ओडिशा, केरल, बिहार, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, दिल्ली सहित छत्तीसगढ़ के ट्रांसजेंडर्स समुदाय के लगभग एक हजार प्रतिनिधि और प्रतिभागी शामिल हुए। कार्यक्रम में उभयलिंगी व्यक्तियों के स्वास्थ्य, शिक्षा, पुनर्वास और सामाजिक स्थिति संबंधी विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय रायपुर के विद्यार्थियों ने गीतों की सुमधुर प्रस्तुति दी। इस अवसर पर उभयलिंगी समुदाय के पुलिस और बस्तर फाईटर्स में नियुक्त आरक्षकों ने राज्य सरकार का उनके सहयोग के लिए आभार प्रदर्शित किया। सांस्कृतिक समारोह में 15 राज्यों से आए कलाकारों ने समां बांध दिया। ट्रांसजेंडर्स ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में मोहक प्रस्तुति दी।

आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर

ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों को आपातकालीन स्थिति में जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नई हेल्पलाइन नम्बर 155326 और टोल फ्री नम्बर- 1800-233-8989 सुविधा शुरू की गई है। इस नई सुविधा से महतारी एक्सप्रेस-102 और मेडिकल हेल्पलाइन 104 को भी जोड़ दिया गया है. इससे तृतीयलिंग समुदाय के लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी। इस सुविधा के जरिये मेडिकल सहायता, पेंशन के साथ ही विभिन्न योजनाओं में आ रही दिक्कतों का तत्काल समाधान किया जाएगा। महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने इस नई सेवा का करीब 6 महीने पहले ही शुभारंभ किया है, जिसे समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है।

नक्सल मोर्चे पर लड़ेंने ट्रांसजेंडर को मौका

छत्तीसगढ़ सरकार ने पहल करते हुए ट्रंसजेंडेर की भर्ती का रास्ता आसान किया है। नक्सलियों से लड़ने के लिये बानी बस्तर फाइटर फ़ोर्स का गठन किया गया है, जिसमें पहली ही बार बस्तर संभाग से 9 ट्रांसजेंडर की आरक्षक के रूप में भर्ती की गई। कांकेर जिले की दिव्या निषाद जिसने फिजिकल टेस्ट में 100 में 100 पाए। सीमा प्रधान और हिमांशी जैसी अन्य ट्रांसजेंडर का जज्बा भी चयन प्रक्रिया में शानदार रहा। नक्सल मोर्चे के साथ पुलिस के अन्य मोर्चो में बेहतर काम करने के लिए उत्साहित हैं। बस्तर फाइटर के लिए अंदरुनी स्तर पर लोगों को चयन की जानकारी और प्रशिक्षण दिया गया।

अपनों से लड़ा, अब नक्सलियों से लड़ेंगी

पुलिस की वर्दी पहनने से पहले ट्रांसजेंडर्स ने परिवार और समाज का खूब तिरस्कार झेला। वे बताती हैं कि जब उनका स्वभाव लड़कियों की तरह होने लगा तब पापा भाई डांटते थे। मारपीट भी करते, घर छोड़कर जाने कहने लगे तो तंग आकर घर छोड़ कर रायपुर के शेल्टर होम में रहने लगे। कई ने भीख मांगकर जीवन यापन शुरू किया। लेकिन जब उन्हें जानकारी मिली कि बस्तर फाइटर में भर्ती हो रही है उसमें आवेदन किया। कड़ी मेहनत से आरक्षक में चयन हुआ अब नक्सलियों से लड़ेंगे।

निर्वाचन प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने की पहल

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय और राज्य शासन के समाज कल्याण विभाग की ओर से निर्वाचन प्रक्रिया में थर्ड जेंडर समूह के नागरिकों की भागीदारी बढ़ाए जाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में उनसे संवाद के लिए कार्यशाला का आयोजन किया जाता है। थर्ड जेंडर के कल्याण के लिए काम करने वाले एनजीओ, समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों तथा थर्ड जेंडर समुदाय के प्रतिनिधियों की इस कार्यशाला में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी रीना बाबा साहेब कंगाले ने थर्ड जेंडर के लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी।

सेक्स रिएसाइनमेन्ट सर्जरी के लिए नीति

उभयलिंगी व्यक्तियों की सेक्स रिएसाइनमेन्ट सर्जरी के सम्बन्ध में राज्य नीति का निर्माण किया गया है। जिसे जल्द ही लागू किया जायेगा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर में निःशुल्क एसआरएस की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसी तरह प्रत्येक गुरुवार को एक घण्टा ओपीडी की सुविधा भी प्रारंभ की गई है।

Gopal Rao

गोपाल राव: रायपुर में ग्रेजुएशन करने के बाद पत्रकारिता को पेशा बनाया। विभिन्न मीडिया संस्थानों में डेस्क रिपोर्टिंग करने के बाद पिछले 11 सालों से NPG.NEWS से जुड़े हुए हैं। मूलतः रायपुर के रहने वाले हैं।

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