Begin typing your search above and press return to search.

नोनी बाढ़थे, छत्तीसगढ़ गढ़थे: बेटियों के भविष्य को लेकर प्रतिबद्ध है छत्तीसगढ़ सरकार

योजना के तहत अब तक 76 हजार से अधिक बेटियां हुई पंजीकृत

नोनी बाढ़थे, छत्तीसगढ़ गढ़थे: बेटियों के भविष्य को लेकर प्रतिबद्ध है छत्तीसगढ़ सरकार
X
By NPG News

रायपुर 24 मार्च 2023 I छत्तीसगढ़ में गरीब परिवार में जन्म लेने वाली बेटियों के लिए नोनी सुरक्षा योजना बड़ा सहारा बन रही है। इससे परिवार की बेटियों के भविष्य को लेकर चिंता दूर हुई है। योजना के तहत गरीब परिवार की बेटियों को 18 वर्ष पूरा होने और 12वीं उत्तीर्ण होने पर एक लाख रूपए प्रदान किए जाते हैं। इसके लिए जीवन बीमा निगम एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के मध्य अनुबंध किया गया है। नोनी सुरक्षा योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा गरीब परिवारों की पंजीकृत बालिका के नाम पर भारतीय जीवन बीमा निगम में 05 वर्ष तक प्रति वर्ष 5 हजार रूपये अर्थात कुल 25 हजार रूपये जमा किए जाते हैं। योजना के तहत अब तक 76 हजार 477 बच्चियों का पंजीयन किया गया है। वर्ष 2021-22 में 11 हजार 765 बेटियों को योजना का लाभ दिया गया है। जनगणना वर्ष 2001 के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में बाल लिंगानुपात प्रति हजार 975 था जो कि जनगणना वर्ष 2011 में घटकर एक हजार के अनुपात में 969 हो गया। इस प्रकार राज्य में घटते बाल लिंगानुपात तथा बालिकाओं के प्रति समाज में सकारात्मक सोच बढ़ाने के लिए 01 अप्रैल 2014 से ''नोनी सुरक्षा योजना'' लागू की गई। योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में बालिकाओं की शैक्षणिक तथा स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार लाना, बालिकाओं के अच्छे भविष्य की आधारशिला रखना, बालिका भ्रूण हत्या रोकना और बालिकाओं के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच लाना और बाल विवाह की रोकथाम करना है।

सूरजपुर के 1032 बच्चियों को एलआईसी बॉण्ड

छत्तीसगढ़ नोनी सुरक्षा योजना के तहत 01 अप्रैल 2014 के बाद जन्मी बिटिया को राज्य सरकार के द्वारा 1 लाख रूपये का बॉण्ड दी जा रही है। महिला विकास एवं बाल विकास के द्वारा 1 अप्रैल 2014 के बाद जन्म लेने वाली गरीबी रेखा के नीचे की दो बालिकाओं के जन्म पर प्रत्येक बालिका को 18 वर्ष पूर्ण होने एवं 12 वीं उत्तीर्ण करने पर नोनी सुरक्षा योजना के अंतर्गत एक लाख रूपए की धनराशि प्रदान की जा रही है। सूरजपुर जिले में अभी तक 4193 बच्चियों को पहचान कर ऑनलाईन एंट्री कर दी गई है। इनमें से 1032 बच्चियों को एलआईसी के द्वारा जारी बॉण्ड दिया गया है। यह योजना भ्रूण हत्या रोकने तथा बेटियों व महिलाओं को समाज में उचित सम्मान दिलाने के लिए शुरू की गई थी।


कम हुए बाल विवाह और कन्या भ्रूण हत्या के केस

छत्तीसगढ़ सरकार की पहल नोनी सुरक्षा योजना के लॉच किये जाने से बाल विवाह और कन्या भ्रूण हत्या की घटनाओ में कमी आ रही है। इस योजना के लिए केवल छत्तीसगढ़ की स्थायी निवासी माता एवं पिता अथवा अभिभावक होने की स्थिति में ही लाभ मिल सकता है। इस योजना के तहत 1 अप्रैल 2014 के बाद पैदा हुई बालिका को ही लाभ दिया जा रहा है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे बीपीएल श्रेणी के आवेदकों को ही इस योजना का लाभ दिया जायेगा। एक परिवार की दो लड़कियों के द्वारा छत्तीसगढ़ नोनी सुरक्षा योजना 2022 के तहत लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

ये है नोनी सुरक्षा योजना

छत्तीसगढ़ राज्य के मूल निवासी तथा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की 01 अप्रैल 2014 के बाद जन्मी अधिकतम दो बालिकाओं को योजना के तहत लाभ मिलता है। योजना के शुरू होने से शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों के साथ दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में बसे परिवारों में भी बेटियों के भविष्य की चिंता दूर हुई है। योजना का लाभ लेने के लिए जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी और विकासखण्ड स्तर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

कॉलेज की पढ़ाई कर रहीं मजदूर की बेटियां

नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना के तहत महासंमुद जिले के 356 पंजीकृत हितग्राहियों की पुत्रियों के बैंक खाते में 20-20 हजार रूपए के हिसाब से कुल राशि रूपए 71 लाख 20 हजार का भुगतान एक मुश्त किया गया है। महासमुंद गुड़रूपारा निवासी छगन बाई की बिटिया कु. नेहा और ग्राम बेमचा निवासी भारती निर्मलकर की पुत्री कु. भूमिका ने बताया कि इस योजना की राशि उनके बैंक खाते में आ गयी है। उन्होंने यह राशि अपनी आगे की पढ़ाई के लिए सहेज कर रखी है। दोनों बेटियों ने हाईस्कूल पास किया है वो खुश हैं कि उन्हें कॉलेज की पढ़ाई के लिए पैसों की दिक्कत नहीं होगी। लिमदरहा निवासी श्री भरतलाल ने भी जानकारी दी है कि उनकी पुत्री योगेश्वरी के बैंक खातें में भी 20 हजार रुपए जमा हुए हैं। योगेश्वरी पिरदा कॉलेज में पढ़ाई कर रही है। यह राशि पाकर वह भी काफी प्रसन्न है।

356 बेटियों को 20-20 हजार की सहायता

महासमुंद जिला श्रम अधिकारी डी.के. राजपूत के मुताबिक महासमुंद जिले में श्रम विभाग के अंतर्गत सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में 01 लाख 20 हजार श्रमिक पंजीकृत है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना के तहत अब तक 356 पात्र हितग्राहियों की पुत्रियों के लिए 20-20 हजार रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डाली गई है। इस योजना के कारण श्रमिकों की बेटियां अब सशक्त एवं आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी। इस योजना में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में पंजीकृत श्रमिक ही पात्र है। श्रमिक, मजदूर परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से काफी कमजोर होता है। जिससे परिवार के बच्चों खास तौर पर बेटियों को अपनी पढ़ाई-लिखाई बीच में ही छोड़ देनी पड़ती है। जिससे उनके आर्थिक व सामाजिक रूप से शोषण की संभावना बनी रहती है। श्रमिक परिवार की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से तथा उन्हें शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार तथा उनके विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना के तहत पात्र श्रमिक परिवार की प्रथम दो बेटियों जिनकी उम्र न्यूनतम 18 वर्ष और 21 वर्ष से अधिक न हो तथा वह अविवाहित हो उन्हें आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए 20-20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में डाली जाती है।

Next Story