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मनरेगा का काम JCB से: लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण ने सब इंजीनियर समेत दो पर लगाया अर्थदंड, हाईकोर्ट ने लगाई रोक

मनरेगा का काम JCB से: लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण ने सब इंजीनियर समेत दो पर लगाया अर्थदंड, हाईकोर्ट ने लगाई रोक
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By NPG News

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बिलासपुर। मनरेगा का काम मजदूरों की बजाय जेसीबी से कराने पर लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण ने तकनीकी सहायक और सब इंजीनियर के खिलाफ एक एक हजार का अर्थदंड के साथ ही विभागीय जांच का आदेश दिया था। हाई कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है।

तकनीकी सहायक जनपद पंचायत धमतरी अंकिता ठाकुर तथा सब इंजीनियर ललित चंद्राकर ने लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण द्वारा पारित अवार्ड 10 नवंबर 2022 को अंकिता ठाकुर और ललिता चंद्राकर के विरुद्ध मनरेगा कार्य में नियम शर्तों के विपरीत मजदूरी भुगतान में लापरवाही किए जाने के विरुद्ध ₹1000 की अर्थदंड से दंडित करने एवं विभागीय कार्यवाही किए जाने की अनुशंसा का आदेश पारित किया गया जिसके विरुद्ध यह याचिका दायर की गई।

मामला इस प्रकार है, अंकिता और ललित ने छत्तीसगढ़ शासन की मनरेगा योजना के तहत ग्राम हंकारा चरागाह निर्माण हेतु जेसीबी मशीन से कार्य कराया गया था ना कि मजदूरों से ऐसी शिकायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमतरी में हुई। जिसकी जांच रिपोर्ट ललिता चंद्राकर द्वारा प्रस्तुत किया गया। जिसमें यह पाया गया कि सरपंच द्वारा जेसीबी मशीन से कार्य कराया गया है जिसकी जांच 5 लोगों की कमेटी द्वारा कराई गई।जिसमें पाया गया कि जेसीबी मशीन से ही कार्य कराया गया है। यह मनरेगा के नियम का उल्लंघन है जिसके तहत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमतरी द्वारा एक लिखित शिकायत लोकपाल कार्यालय जिला पंचायत धमतरी में किया गया था।जिस पर सुनवाई करते हुए अवार्ड पारित किया गया कि कार्य एजेंसी द्वारा ग्राम रोजगार सहायक के सहयोग से चारागाह मैदान में नियमों के विपरीत अवैध रूप से मशीन चला कर 55 मजदूरों को नियोजित कर बिना कार्य किए मजदूरों की हाजिरी डालकर शासन को आर्थिक शक्ति पहुंचाएं हैं। जिसके लिए ग्राम रोजगार सहायक सरपंच और सचिव से वसूली करने की अनुशंसा किया जाता है तथा कार्यक्रम अधिकारी द्वारा अपने कर्तव्यों का पालन ना कर अवैध रूप से मशीन चलाने चलाने वालों को सहयोग प्रदान करने से शासन को हुई हानि तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी की निष्क्रियता एवं अपराधिक कृत्य करने वालों को दिए जाने वाले संरक्षण से शासन को हुई आर्थिक हानि की वसूली के जाने की अनुशंसा किया जाता है। जिसके विरुद्ध सरपंच सचिव रोजगार सहायक और कार्यक्रम अधिकारी तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा एक अपील लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण रायपुर में प्रस्तुत की गई। जिस पर सुनवाई करते हुए अपीलीय प्राधिकरण में यह पाया कि ग्राम हंकारा मैं चारागाह निर्माण का कार्य मजदूरों मजदूरों द्वारा हुआ है जिसके कारण उनके वेतन को अंकिता ठाकुर द्वारा रोक दिया गया था। जिसके कारण अंकिता ठाकुर को ₹1000 की अर्थदंड से दंडित करने एवं विभागीय कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा किया जाता है तथा ललिता चंद्राकर सब इंजीनियर द्वारा गलत जांच रिपोर्ट पेश करने के आधार पर ₹1000 की अर्थदंड से दंडित करने एवं विभागीय कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा की जाती है का आदेश पारित किया गया। अंकिता ठाकुर और ललिता चंद्राकर द्वारा हाई कोर्ट अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी और नरेंद्र मेहेर के माध्यम से याचिका दायर किया गया। जिसकी सुनवाई जस्टिस पी पी साहू के यहां 9 दिसंबर 2022 को हुई, याचिका में यह आधार लिया गया कि लोकपाल जिला पंचायत धमतरी द्वारा पारित अवार्ड में याचिकाकर्ताओं का नाम शामिल नहीं था किंतु लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण मैं इनको उत्तर वादी बनाकर इनके विरुद्ध आदेश पारित किया गया वह गलत है तथा मनरेगा नियम के तहत अपील के लिए 15 दिन की समय सीमा निर्धारित है किंतु लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण रायपुर के यहां अपील 24 दिन मैं अपील का निराकरण किया गया तथा लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण द्वारा मामले को दो माह के भीतर निराकरण करने की समय सीमा निर्धारित है। किंतु अपीलीय प्राधिकरण द्वारा 4 माह में अवार्ड पारित किया गया है उपरोक्त आधारों पर न्यायालय ने याचिकाकर्ताओ के विरुद्ध पारित अवार्ड दिनांक 10/11 /2022 को रोक लगाते हुए सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग लोकपाल अपीलीय प्राधिकरण मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धमतरी और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमतरी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।

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