Begin typing your search above and press return to search.

सेहत के लिए संजीदा सरकार... ढाई साल में भूपेश सरकार ने स्वास्थ्य के लिए लांच की दर्जन भर योजनाएं

0 धान और किसान के बाद स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार के सार्थक काम

सेहत के लिए संजीदा सरकार... ढाई साल में भूपेश सरकार ने स्वास्थ्य के लिए लांच की दर्जन भर योजनाएं
X
By NPG News


रायपुर 30 अक्टूबर 2021। धान और किसान के बाद भूपेश बघेल सरकार की प्राथमिकता में कोई है, तो वो है लोगों की सेहत। हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी पूरे दो साल बाकी हैं। लेकिन धान के समर्थन मूल्य, न्याय योजना, गोबर खरीदी योजना से किसानों का दिल जीतने वाली सरकार ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसा काम किया है, जो उसका ट्रंप कार्ड साबित हो सकता है। शुरुआत में जब स्वास्थ्य विभाग की इन योजनाओं की रुपरेखा बनी, तो लोगों ने इसे दिल्ली का केजरीवाल मॉडल कहा। लेकिन जब योजनाएं लागू होने लगी हैं, तो पता चल रहा है कि ऐसी योजनाएं लागू करने वाला छत्तीसगढ़ सरकार देश की पहली प्रदेश सरकार है। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों की सेहत को लेकर काफी संजीदा है। पिछले ढाई साल में भूपेश सरकार ने सबसे ज्यादा किसी क्षेत्र में काम किया है, तो वो स्वास्थ्य है। कोरोना काल में उपजे हालातों ने सरकार को इस बात के लिए और भी मजबूत कर दिया कि स्वास्थ्य के लिए वो जो कदम उठाने जा रही है, वो सही है। हर आम और खास तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने और जरूरतमंदों को निःशुल्क जांच, उपचार एवं दवाइयां मुहैया कराने अनेक नई पहल ढाई साल के दौरान की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना, मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना और मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं तक लोगों की निःशुल्क पहुंच सुनिश्चित की गई है। मेडिकल कॉलेज अस्पतालों, जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं एवं संसाधनों के लगातार उन्नयन से स्थानीय स्तर पर ही जरूरतमंदों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल रहा है। इसी दिशा में छत्तीसगढ सरकार ने़ स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करते हुए अक्टूबर महीने की 20 तारीख से श्री धन्वंतरी दवा योजना शुरु की है। 85 श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर्स की शुरूआत प्रदेश भर में की गई है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से जिस तरह से चिकित्सकों की टीम वार्डों और स्लम बस्तियों में जाकर लोगों का निःशुल्क उपचार उनके घर के आसपास कर रही है, ठीक वैसे ही श्री धन्वंतरी दवा योजना के माध्यम से सस्ती दवाइयां घर तक पहुंचाने के लिए भी तैयारियां की जा रही है। आने वाले दिनों में जरूरत के हिसाब से जरूरी दवाइयां घर तक भी पहुंचाई जाएगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व मे स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई नई योजनाएं शुरू की गई हैं। इन योजनाओं का बेहतर ढंग से क्रियान्वयन भी किया जा रहा है, जिसका लाभ राज्य के सभी लोग उठा रहे हैं। ग्रामीण स्वास्थ्य को बेहतर करने हाट बाजार क्लीनिक योजना तथा शहरी क्षेत्र में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन योजनाओं से लोगों को स्वास्थ्य सुविधायें आसानी से मिल रही हैं जिससे लोग बेहद खुश हैं। इन योजनाओं से राज्य में ग्रामीण एवं शहरी दोनों ही क्षेत्रों में लेागों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। श्री धन्वंतरी मेडिकल स्टोर राज्य में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा को मजबूत करने की कड़ी में यह एक और नया कदम है। इस योजना का उद्देश्य लोगों को सस्ती दवाईयां उपलब्ध कराना है। 'सब्बो स्वस्थ्य-जम्मों सुघ्घर' अर्थात सभी स्वस्थ्य रहे और सभी ठीक रहे, कुछ इन्हीं परिकल्पनाओं के साथ प्रदेशवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने छत्तीसगढ़ की सरकार की फिर एक नई पहल अमल में लाई जा रही है।

11 महीने में 9 लाख से ज्यादा का इलाज

गरीबों को उनके घरों के आसपास निःशुल्क इलाज देने औैर जीवन को स्वस्थ बनाने के लिए मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की शुरूआत की गई। 1 नवंबर 2020 को प्रदेश के 14 नगर पालिक निगमों में शुरू हुई इस योजना से अभी तक 9 लाख 32 हजार से अधिक मरीजों को उपचार हो चुका है। योजना के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट गरीब बस्तियों में एक अस्पताल के रूप में पहचान बनाती जा रही है। स्लम बस्तियों में एमएमयू की बढ़ती आमद और समय पर लगने वाले कैम्प ने यहां रहने वाले गरीबों और जरूरतमंद परिवारों को अपने शरीर को स्वच्छ रखने और बीमार होने पर तुरंत इलाज कराने के लिए भी प्रेरित करने का काम किया है। पैसा नहीं होने या फिर अस्पताल दूर होने की बात सोचकर जो बीमार व्यक्ति अस्पताल नहीं जा पाते थे। आज उन्हें अपनी गली मोहल्ले में ही डॉक्टरों की टीम के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट के रूप में अस्पताल मिल गया है।

गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए 20 लाख रुपए तक की मदद

मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना के तहत बजट में 50 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। इस विशेष योजना के तहत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए जरूरतमंदों को 20 लाख रुपए तक की मदद दी जा रही है। वहीं डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 550 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके तहत बीपीएल परिवार को 5 लाख और एपीएल को 50 हजार तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिल रही है। खास बात यह है कि इसका फायदा 65 लाख परिवारों को सिर्फ राशनकार्ड से मिल रहा है।

पांच लाख रुपए तक स्वास्थ्य बीमा सुविधा

डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में शामिल परिवार के साथ ही नई योजना में सभी प्राथमिकता एवं अंत्योदय राशन कार्डधारी परिवारों को शामिल किया गया है। इनकी संख्या लगभग 56 लाख परिवार है। इन्हें 5 लाख रुपए तक स्वास्थ्य बीमा सुविधा मिल रही है। अन्य राशन कार्डधारी परिवारों को 50 हजार रुपए तक इलाज की सुविधा मिल रही है।

मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना

छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने इसी तरह संजीवनी सहायता कोष का विस्तार करते हुए दुर्लभ बीमारियों के इलाज हेतु मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना शुरू की है। इसमें प्रकरण अनुसार एवं मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद अधिकतम 20 लाख रुपए तक के इलाज की सुविधा मिल रही है। छत्तीसगढ़ देश में ऐसा पहला राज्य है जो इतनी बड़ी राशि अपने नागरिकों के इलाज के लिए दे रहा है।

बेहतर स्वास्थ्य प्रबंधन से करीब 10 लाख ने दी कोरोना को मात

छत्तीसगढ़ सरकार ने समय रहते हुए उचित प्रबंधन से कोरोना का काबू में करने और इसके जांच और आवश्यक इलाज हेतु तैयारी की। प्रदेश में 9 लाख 91 हजार से अधिक लोग कोरोना को मात दे चुके हैं। राज्य सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए जो रणनीति तय की है, उसमें प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर, प्रत्येक जिला चिकित्सालय में सभी ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर सहित आईसीयू बेड, शिशु वेंटिलेटर, ऑक्सीजन के लिए पीएसए प्लांट, लिक्विड ऑक्सीजन टैंक एवं ऑक्सीजन पाइप लाइन तथा मैनिफोल्ड, प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन बेड, जंबो सिलेंडर और आईसीयू बेड, प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में वेंटिलेटर सहित आईसीयू बेड, शिशु वेंटिलेटर जैसे सभी संसाधन होंगे। ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता के लिए प्रदेश में 100 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 23 पूर्ण हो चुके हैं और 77 निर्माणाधीन हैं। प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों के बेड्स में पाइप लाइन की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है।

(*) 1 नवम्बर 2020 को प्रदेश के 14 नगर पालिक निगम में शुरू हुई 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से 15 हजार 166 शिविर लगाई जा चुकी है।

(*) मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत मोबाइल मेडिकल यूनिट से 9 लाख 32 हजार 253 से अधिक मरीजों का उपचार किया जा चुका है।

(*) मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत 11 माह में 7 लाख 86 हजार 334 मरीजों को दवाओं को वितरण किया गया है।

(*) मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से 15166 कैंपों में लगभग 1 लाख 91 हजार 293 मरीजों का लैब टेस्ट भी किया गया है।

(*) मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना अंतर्गत प्रति मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से 67 महिलाओं को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है।

(*) दाई-दीदी क्लीनिक में 749 कैंपों में 50358 महिलाएं हुई लाभान्वित हुई हैं।

(*) छत्तीसगढ़ के कुल 14 नगर पालिक निगम क्षेत्रों में 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित की जा रही है।

(*) रायपुर में सबसे अधिक 3639 शिविर में 2 लाख 13 हजार 307 मरीज लाभान्वित हुए हैं और 193825 मरीजों को दवा का वितरण किया गया है।

(*) प्रदेश के 967 शासकीय और 435 निजी अस्पतालों में डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत जरूरतमंदों को इलाज की सुविधा मिल रही है।

Next Story