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सेक्स के दौरान कंडोम हटना पड़ेगा भारी: दर्ज होगा मामला, होगी कानूनी कार्रवाई, मिलेगी कड़ी सजा...

सेक्स के दौरान कंडोम हटना पड़ेगा भारी:  दर्ज होगा मामला, होगी कानूनी कार्रवाई, मिलेगी कड़ी सजा...
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नईदिल्ली 13 अक्टूबर 2021। कैलिफोर्निया (अमेरिका) ने सेक्स के दौरान साथी की सहमति के बिना कंडोम उतारने को अवैध घोषित कर दिया है। कैलिफोर्निया ऐसा करने वाला अमेरिका का पहला राज्य बन गया है। इसको लेकर बनाए गए बिल पर गुरुवार को राज्यपाल गेविन न्यूजोम ने हस्ताक्षर किए। स कानून में इस बात का स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि सेक्स करने के दौरान अगर महिला की सहमति के बिना कंडोम हटाया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कानून को बनाने वाला कैलिफोर्निया सिर्फ अमेरिका का ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का पहला राज्य बन गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस कानून के लिए लंबे समय से लड़ाई करने वाली क्रिस्टीना गार्सिया ने विधानसभा में इस बिल को पेश करते हुए कहा, 'हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि स्टील्थिंग न केवल अनैतिक है, बल्कि अवैध भी है.' डेमोक्रेटिक असेंबली की गार्सिया 2017 से इस तरह के कानून पर जोर दे रही थीं. गार्सिया लगातार इसे अपराध करार देते हुए अपराधियों को जेल भेजने की मांग कर रही थीं. लंबे समय के संघर्ष के बाद आखिरकार अब गार्सिया के बिल को मंजूरी मिल गई है. इस कानून को बिना विरोध पारित कर दिया गया.इस प्रस्ताव के अनुसार, बिना सहमति कंडोम निकालने वाले आरोपी पर सिविल कोड के तहत मामला दर्ज किया जा सकेगा. इसमें पीड़ित अपने हर्जाने के लिए आरोपी के खिलाफ मुकदमा दायर कर सकता है लेकिन इसके आगे अपराधी को और किसी तरह की सजा नहीं दी जा सकती है. गार्सिया ने बीबीसी से कहा , 'मुझे अभी भी लगता है कि इस कानून को दंड संहिता में होना चाहिए. अगर कोई बिना सहमति के कंडोम हटाता है तो क्या ये बलात्कार या यौन अपराध की श्रेणी में नहीं आता है?'

गार्सिया के मुताबिक स्टील्थिंग की वजह से महिलाओं में सेक्स ट्रांसमिटेड डिजीज और प्रेग्नेंसी का खतरा बना रहता है. हालांकि कानून पारित होने से पहले कुछ जानकार इस पर सवाल भी उठाते रहे हैं. इनका कहना है कि इस कानून के तहत मुकदमा दर्ज कराने में कई तरह की अड़चनें आ सकती हैं. जैसे कि पीड़ित को ये साबित करने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है कि आरोपी ने सेक्स के दौरान जानबूझ कर कंडोम हटाया या फिर वो गलती से निकल गया.

गार्सिया के बिल का आकलन करने वाली समिति ने अपने विश्लेषण में स्टील्थिंग को निराशाजनक रूप से सामान्य बताया है. इसके लिए कई तरह की स्टडीज का हवाला भी दिया गया है. नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में 2019 की एक स्टडी में पाया गया कि 21 से 30 साल की 12% महिलाओं ने स्टील्थिंग का अनुभव किया. 2019 के ही एक अन्य स्टडी में पाया गया कि लगभग 10% पुरुषों ने बिना पार्टनर की सहमति के सेक्स के दौरान चुपके से कंडोम हटाया. गार्सिया ने कहा, 'मुझे गर्व है कि कैलिफोर्निया देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां स्टील्थिंग को गैरकानूनी बना दिया गया है, लेकिन मैं अन्य राज्यों चुनौती दे रही हूं कि वो भी अपने राज्य में जल्द से जल्द इस तरह का कानून ले आएं. अभी ये एक राज्य में हुआ है और 49 जगहों पर इस गैर कानूनी घोषित करना बाकी है.'

भारत जैसे देश में तो शायद इस पर वर्षों तक चर्चा न हो, लेकिन महिलाओं के इस तरह की परेशानियों से दो-चार होना पड़ता है। कैलिफोर्निया ने इसे एक यौन हिंसा करार दिया है। यानि यदि व्यक्ति अपने पार्टनर की सहमति के बिना कंडोम उतारता है तो उसे पार्टनर पर यौन हमला समझा जाएगा और वही धाराएं लगाई जाएंगी जो यौन हिंसा में लागू होती हैं। कैलिफोर्निया के अलावा जर्मनी और यूके में भी बिना सहमति के कंडोम उतारना अपराध की श्रेणी में गिना जाता है।

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