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आदिवासी नृत्य समारोह में महत्व न मिलने से ख़फ़ा संस्कृति विभाग के चर्चित डिप्टी डायरेक्टर ने सचिव को पत्र लिख काम करने से किया इंकार, सचिव अंबलगन बोले....

आदिवासी नृत्य समारोह में महत्व न मिलने से ख़फ़ा संस्कृति विभाग के चर्चित डिप्टी डायरेक्टर ने सचिव को पत्र लिख काम करने से किया इंकार, सचिव अंबलगन बोले....
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By NPG News

रायपुर,24 अक्टूबर 2021। संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के चर्चित डिप्टी डायरेक्टर जे आर भगत एक बार फिर चर्चाओं में है। डिप्टी डायरेक्टर भगत ने सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप में सीधे सचिव को संबोधित पत्र पोस्ट कर दिया है जिसमें उन्होंने लिखा है कि राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में उन्हें दिया गया दायित्व उनकी वरिष्ठता को बिना ध्यान में रखे दिया गया है वे अपमानित और असहज महसूस कर रहे हैं और राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में ड्यूटी करने में असमर्थ हैं।

विभागीय अनुशासन को सीधे चुनौती देते इस अंदाज पर पूरा अमला ख़ामोश है। वहीं विभागीय सचिव अबलंगन पी ने इस पत्र को लेकर अनभिज्ञता जताई है। हालाँकि वायरल पत्र के मज़मून को बताए जाने पर उन्होंने इसे विभागीय अनुशासन के प्रतिकूल माना है।अबलंगन पी ने कहा

"ऐसा कोई पत्र मुझ तक नहीं पहुँचा है, पर जिसे जो जवाबदेही दी जाती है उसे वो करना चाहिए.. जब लेटर आएगा तब हम देखेंगे क्या है क्या नहीं है"

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव को लेकर राज्य सरकार बेहद संवेदनशील है, इसे लेकर पूरा अमला उसी सतर्कता से जूटा हुआ है, ऐसे में अधिकारी के इस अंदाज ने सबको चकित कर रखा है।

संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के उपसंचालक जे आर भगत ने पत्र में लिखा है

"…साथ ही वर्ष 2019 में अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में भी आपके द्वारा मंचीय कार्यक्रम में मेरी ड्यूटी लगाई गई थी..वर्तमान में हो रहे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में मेरी वरिष्ठता को बिना ध्यान रखते हुए कार्य आबंटन किये जाने के फलस्वरूप मैं अपने को अपमानित एंव असहज महसूस कर रहा हूँ जिससे वर्तमान में हो रहे राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में ड्यूटी करने में असमर्थ हूँ"

यह पत्र और इसकी भाषा शासकीय अनुशासन के विपरीत माना जा रहा है लेकिन डिप्टी डायरेक्टर जे आर भगत ऐसा नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा

"हाँ मैंने पत्र लिखा है.. मंचीय व्यवस्था में मेरी ड्यूटी रहती थी.. मेरे से जुनियर को वहाँ लगा दिए हैं तो मैं लिखा हूँ.. पत्र को विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में भी डाल चुका हूँ.. सचिव हैं उस ग्रुप में"

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