क्या एनकाउंटर में विकास को ढेर कर राजनेताओं और पुलिस ने बचा ली अपनी इज़्ज़त?….जिंदा रहता तो, कई नेता-मंत्री होते बेनकाब….पुलिस की वर्दी भी होती दागदार….गिरफ्तारी के बाद कल किये थे कई अहम खुलासे

कानपुर 9 जुलाई 2020। .…गैंगस्टर विकास दुबे गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर मार गिराया गया। उसके एनकाउंटर ने एक ओर जहां कई सारे सवालों को जन्म दिया है, तो कई सवालों को हमेशा-हमेशा के लिए दफ़न भी कर दिया है। सबसे बड़ी बात तो यही है कि विकास दुबे की मौत के बाद राजनीति और पुलिस से जुड़े उसके राज़ भी हमेशा-हमेशा के लिए खत्म हो गए। सियासत में उसके आका कौन थे, किसने उसे अपने हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया, किसने विकास को मोस्ट वांटेड गैंगस्टर बनाया, ऐसे कई और सवाल थे, जो विकास के जिंदा रहते सामने आ सकते थे, लेकिन एनकाउंटर ने सभी सवाल को हमेशा के लिए खामोश कर दिया। उसी तरह पुलिस का भी दामन इस एनकाउंटर से साफ रह गया। क्योंकि खबर तो ऐसी ही थी कि पुलिस जे भीतर भी उसकी गहरी पैठ थी और नीचे से ऊपर तक के अफसर इस गैंगस्टर की जी हुजूरी किया करते थे।

विकास गुरुवार को उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाहर गिरफ्तार हुआ था. जिसके बाद मध्य प्रदेश पुलिस ने विकास को यूपी एसटीएफ को सौंप दिया. माना जा रहा था कि विकास दुबे के पकड़े जाने से कई बड़े नामों का खुलासा हो सकता है. क्योंकि विकास के संबंध राजनेताओं और पुलिस के लोगों से भी था. लेकिन मुठभेड़ में उसके मारे जाने से अब कैसे होंगे ये खुलासे. कानपुर कांड से लेकर उसके सियासी लिंक और पुलिस से नेक्सस पर भी खुलासे हो सकते थे. लेकिन अब ये मुश्किल होगा.

*सभी राजनीतिक दलों के साथ थे कनेक्शन*

विकास दुबे 25 साल से प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ रहा था. 15 साल बसपा के, 5 साल बीजेपी के साथ और 5 साल सपा के साथ रहा था. पंचायत चुनाव के दौरान उसे बसपा से समर्थन मिला, जबकि उसकी पत्नी को सपा का समर्थन मिला था.

बसपा सरकार के दौरान ही विकास दुबे ने बिल्हौर, शिवराजपुर, रनियां, चौबेपुर के साथ ही कानपुर नगर में अपना रसूख कायम किया था. इस दौरान शातिर अपराधी विकास दुबे ने कई जमीनों पर अवैध कब्जे भी किए. जेल में बंद रहते हुए हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने शिवराजपुर से नगर पंचयात चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी.

*विकास दुबे के राजनीतिक गुरु*

मोस्टवांटेड विकास दुबे का 2006 का वीडियो सामने आया है. वीडियो में विकास दुबे कहता है कि उसे सियासत में लाने का श्रेय पूर्व विधानसभा अध्यक्ष हरिकिशन श्रीवास्तव का है और वही मेरे राजनीतिक गुरु हैं. विकास दुबे वीडियो में कहता है, ‘मैं अपराधी नहीं हूं, मेरी जंग राजनीतिक वर्चस्व की जंग है और ये मरते दम तक जारी रहेगी.’

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