Begin typing your search above and press return to search.

DG पर महिला IPS ने लगाया यौन शोषण का आरोप…..CM के कार्यक्रम के दौरान किया कार में सेक्सुअल हरासमेंट……IAS की अगुवाई में 3 IPS वाली 6 सदस्यीय कमेटी बनी, डीजीपी का हुआ तबादला

DG पर महिला IPS ने लगाया यौन शोषण का आरोप…..CM के कार्यक्रम के दौरान किया कार में सेक्सुअल हरासमेंट……IAS की अगुवाई में 3 IPS वाली 6 सदस्यीय कमेटी बनी, डीजीपी का हुआ तबादला
X
By NPG News

चेन्नई 26 फरवरी 2021। महिला IPS ने डीजी पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। IPS के इस आरोप के बाद ब्यूरोक्रेसी में हड़कंप मच गया है। इधर होम डिपार्टमेंट में इस मामले में एक जांच कमेटी बना दी है। स्पेशल डीजी का नाम राजेश दास है, जो फिलहाल डीजी लॉ एंड ऑर्डर पदस्थ हैं। महिला IPS के मुताबिक कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री इडापल्ली पलानीस्वामी सेंट्रल तमिलनाडु के कुछ ज़िलों के दौरे पर थे। सीएम के कार्यक्रम में महिला IPS अधिकारी की भी ड्यूटी लगी थी. इसी दौरान स्पेशल DG राजेश दास ने अपनी कार के अंदर महिला अधिकारी का यौन शोषण किया।

इस घटना के बाद महिला ने पुलिस विभाग में DGP के खिलाफ शिकायत की, जिसके बाद होम डिपार्टमेंट ने 24 फरवरी को छह सदस्यों की एक जांच कमिटी बनाई है। विभाग की तरफ से जो लेटर जारी किया गया है, उसके मुताबिक इस कमिटी की अध्यक्षता IAS अधिकारी जयश्री रघुनंदन करेंगी. उनके अलावा IPS अधिकारी सीमा अग्रवाल, IPS ए. अरुण, IPS बी. शमूंदेश्वरी, चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर वीके रमेश बाबू और इंटरनेशनल जस्टिस मिशन प्रोग्राम मैनेजमेंट के हेड लोरेत्ता झोना इसमें शामिल होंगे. होम डिपार्टमेंट का कहना है-

‘न्य IPS अधिकारी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर बताया कि इस केस में महिला IPS अधिकारी को DGP के खिलाफ शिकायत करने से रोकने की बहुत कोशिशें की गई थीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. और शिकायत की. और सूत्र बता रहे हैं कि IPS अधिकारी की शिकायत के बाद अब कई महिला अधिकारी उन्हें बधाई दे रही हैं.

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है

ये पहली बार नहीं है जब तमिलनाडु के किसी पुलिस अधिकारी पर सेक्शुअल हैरेसमेंट के आरोप लगे हों. 2018 में भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जब तमिलनाडु की एक महिला SP ने IPS अधिकारी एस. मुरुगन पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे. उस वक्त मुरुगन डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (DVAC) विभाग के जॉइंट डायरेक्टर थे.

मामला सामने आने के बाद एक आंतरिक जांच कमिटी बनाई गई. DGP स्तर के अधिकारी लक्ष्मी प्रसाद की अध्यक्षता में. बाद में पीड़ित IPS अधिकारी को मजबूरन मद्रास हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा. जहां महिला अधिकारी ने आरोप लगाया कि जांच कमिटी के चेयरमैन और बाकी सदस्य मुरुगन का ही पक्ष लेते नज़र आ रहे हैं. इसके बाद कोर्ट ने इस केस की जांच को राज्य से बाहर भेजते हुए तेलंगाना पुलिस को सौंप दिया. हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस ट्रांसफर पर रोक लगा दी थी.

Next Story