सेट उत्तीर्ण छात्रों को असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में बैठने की अनुमति देने की मांग, मुख्य परीक्षा न कराकर सीधे साक्षात्कार…विष्णुदेव साय ने जताई गड़बड़ी की आशंका

रायपुर, 22 जुलाई 2020। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने राज्यपाल अनसुईया उइके से मिलकर सेट उत्तीर्ण छात्रों को असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में बैठने की इजाजत देने की मांग की है।
2019 में सेट में क्वालीफाई छात्रों का प्रतिनिधिमंडल बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय से मिला था, जिनसे विष्णुदेव साय ने कहा था राज्यपाल से मिलकर इस विषय में हस्तक्षेप की मांग करेंगे। मंगलवार शाम को राजभवन जाकर विष्णुदेव साय ने राज्यपाल अनुसुईया उइके से असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के संबंध में लम्बी चर्चा कर सेट क्वालीफाई छत्तीसगढ़ के ढाई हजार परीक्षार्थियों को शामिल कराने के लिए हस्तक्षेप के करने की मांग की, साथ ही बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष ने राज्यपाल को बताया कि छतीसगढ़ में लंबे समय से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद खाली है। जिसकी वजह से प्रदेश के महाविद्यालयों की शिक्षा प्रभावित हुई है। महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए विषयवार शिक्षको की बहाली हों। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग पीएससी ने असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर कुल 1384 रिक्तियां घोषित थी, जिसमे अलग-अलग 27 विषयों के लिए नियुक्तियां की जानी है।
पिछले कुछ सालों में छतीसगढ़ में ग्रामीण क्षेत्रो में मांग के आधार पर महाविद्यालय तो खोले गए। किन्तु बिडम्बना यह है कि उन महाविद्यालयों में शिक्षकों की बहाली न होने से उन्हें खोलने का उद्देश्य पूरा नही हो पा रहा है। जिसके बाद राज्यपाल ने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष को भरोसा जताया कि लोकसेवा और सरकार से बातचीत कर सेट 2019 में क्वालीफाई छात्रों को असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा में सम्मिलित किया जाना चाहिए। प्रदेश के ढाई हजार सेट उत्तीर्ण छात्रों के भविष्य पहले दिव्यांगों के आरक्षण के विवाद को लेकर हाईकोर्ट ने भर्ती पर लगाई दिव्यांग आरक्षण में सुधार के बाद 4 और 5 मई को असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा आयोजित होनी थी। लेकिन आयोग ने कोरोना वायरस लॉकडाउन की वजह से असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा को स्थगित कर दिया है। वहीं 2019 में सेट परीक्षा में पास हुए अभ्यर्थी यूजीसी ने राज्य को व्यापम के माध्यम से तीन बार राज्य पात्रता परीक्षा सेट कराने के बाद असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली कराने को कहा था। छतीसगढ़ व्यापम ने तीसरी बार सेट की परीक्षा 8 सितम्बर 2019 को कराई, जिसके नतीजे 9 महीने देरी से 24 जून को जारी किया गया। इससे प्रदेश के 2500 हजार छात्र इस परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रहे है। वीरेंद्र कुमार का कहना था कि राज्य लोक सेवा आयोग ने 23 नवम्बर 2019 को 27 विषयो के 1384 पदों पर नियुक्ति के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। जिसमे कई खामियां थी जिसकी वजह से आज तक भर्ती परीक्षा आयोजित नही की जा सकी है। कभी दिव्यांगों को आरक्षण देने में त्रुटि कभी उम्र सीमा सम्बधी विवाद तो कभी योग्यता सम्बधी विवादों की वजह से भर्ती लटकायी गयी। वर्तमान में भी भर्ती परीक्षा में कुछ विसंगतिया है जिसका निवारण आवश्यक हैं।
इसी तरह इस परीक्षा में एक अन्य विसंगति की बात करती हुई स्नेहा बताती है कि लोकसेवा आयोग के द्वारा मनोविज्ञान, सेरीकल्चर, और टसर टेक्नोलॉजी विषय मे बिना मुख्य परीक्षा कराये कम परीक्षार्थी होने का हवाला देकर इन विषयो में सीधे साक्षात्कार करना भी नियम विरुद्ध है लोकसेवा आयोग ने मनोविज्ञान में 8 पद विज्ञापित किया गया है उसके विरुद्ध 13 लोगो ने परीक्षा का फार्म भरा है आयोग मुख्य परीक्षा न कराकर 5 अगस्त को साक्षात्कार आयोजित कर रहा है। बीजेपी इस पर सवाल उठा रही है आखिर कोरोनाकाल में जब रायपुर में इतने संक्रमण के मामले आ रहे है ,ऐसे में आयोग कैसे साक्षात्कार कैसे आयोजित होगा।
2019 में सेट क्वालीफाई छात्रों को बारे किसने क्या कहा –

सेट इस परीक्षा के परिणाम जारी करने से पहले कोविड के कारण यूजीसी के साथ बैठक नहीं हो पायी इसलिए परिणामो में देरी हुई।
डॉ प्रदीप चैबे नियंत्रक व्यापम

हमारी सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थी। आवेदन की तिथियां खत्म हो गयी थी मई में असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षा आयोजित किया जाना था। कोविड संक्रमण को देखते हुए परीक्षा निरस्त कर दिया गया। 2019 में सेट उत्तीर्ण छात्रों का ज्ञापन मिला है। जिस पर आयोग विचार कर रहा है। अंतिम निर्णय चेयरमेन ही लेंगे।
पुष्पा साहू सचिव छ ग लोकसेवा आयोग

कोविड संक्रमण को देखते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर की परीक्षाए स्थगित है भविष्य में परिस्थितियों देखकर निर्णय किया जायेगा।
उमेश पटेल उच्च शिक्षा मंत्री छत्तीसगढ़

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