Pariksha Pe Charcha 2026: पढ़ाई से लेकर विकसित भारत तक, PM मोदी ने बताया मूलमंत्र, जानिए PM ने क्या कहा?
Pariksha Pe Charcha: परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने पढ़ाई, करियर, लीडरशिप और विकसित भारत 2047 पर खुलकर बातचीत की।

Pariksha Pe Charcha 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में देशभर के छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने परीक्षा के दबाव, पढ़ाई की सही रणनीति, करियर विकल्प और जीवन में आने वाली चुनौतियों पर खुलकर अपने विचार साझा किए। साथ ही इनोवेशन, स्टार्ट-अप और पर्सनल डेवलपमेंट जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
मोटिवेशन और डिसिप्लिन पर PM मोदी का मंत्र
छात्रों के सवाल पर कि मोटिवेशन ज्यादा जरूरी है या डिसिप्लिन, प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों अहम हैं, लेकिन डिसिप्लिन के बिना मोटिवेशन टिक नहीं पाता। उन्होंने समझाया कि मोटिवेशन किसी काम को शुरू करवाता है जबकि डिसिप्लिन उस काम को लगातार आगे बढ़ाता है। अपना मूलमंत्र साझा करते हुए उन्होंने कहा- “डिसिप्लिन ही चाबी है, इंस्पिरेशन सिर्फ उसमें इज़ाफ़ा करती है।”
विकसित भारत 2047 में युवाओं की भूमिका
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं की सोच और आदतों से तय होगा। उन्होंने सिंगापुर का उदाहरण देते हुए बताया कि विकसित देश बनने के लिए नागरिकों को अपनी रोजमर्रा की आदतों में बदलाव लाना होगा। साफ-सफाई रखना, ट्रैफिक नियमों का पालन करना और भोजन बर्बाद न करना जैसी छोटी बातें भी देश को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं।
Vocal for Local और Wed in India का ज़िक्र
प्रधानमंत्री ने 'वोकल फॉर लोकल' पहल पर जोर देते हुए छात्रों से भारतीय उत्पादों को इस्तेमाल करने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने 'वेड इन इंडिया' पहल का भी उल्लेख किया, जिसका मकसद शादियों के लिए विदेश जाने के बजाय भारत को प्राथमिकता देना है।
पढ़ाई और आर्ट में कैसे बनाएं संतुलन
पढ़ाई के साथ आर्ट, क्राफ्ट और डिजाइन को लेकर पूछे गए सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों को आर्ट और स्टडी को अलग-अलग नहीं देखना चाहिए। उन्होंने समझाया कि साइंस पढ़ते समय आर्ट का इस्तेमाल करने से कॉन्सेप्ट बेहतर समझ आते हैं और पढ़ाई का तनाव भी कम होता है।
सही करियर कैसे चुनें?
करियर को लेकर भ्रम पर प्रधानमंत्री ने कहा कि कई विकल्पों की ओर आकर्षित होना स्वाभाविक है लेकिन सिर्फ दूसरों की सफलता देखकर फैसले नहीं लेने चाहिए। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि महान लोगों की शुरुआती संघर्ष भरी यात्राओं से सीख लें, न कि केवल उनकी सफलता से प्रभावित हों।
लर्निंग को मजबूत करने का तरीका
पीएम मोदी ने छात्रों को पढ़ाई में कमजोर सहपाठियों की मदद करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी को पढ़ाने से खुद की समझ और मजबूत होती है और इसका सीधा फायदा परीक्षा में मिलता है।
लीडरशिप का असली अर्थ
लीडरशिप पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि लीडर बनने का मतलब राजनीति में जाना नहीं है। उनके अनुसार, असली लीडर वही होता है जो दूसरों को समझ सके, उन्हें सही दिशा दिखा सके और अपने व्यवहार से प्रेरित कर सके। ‘परीक्षा पे चर्चा’ के इस संवाद में प्रधानमंत्री ने छात्रों को सिर्फ परीक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, संतुलन और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
FAQs
Q1. Pariksha Pe Charcha का मुख्य उद्देश्य क्या है?
छात्रों को परीक्षा, करियर और जीवन से जुड़े तनावों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन देना।
Q2. PM मोदी के अनुसार सफलता की सबसे बड़ी कुंजी क्या है?
डिसिप्लिन, जिसे इंस्पिरेशन सपोर्ट करती है।
Q3. Viksit Bharat 2047 में युवाओं की भूमिका क्या है?
नागरिक जिम्मेदारियों का पालन और देशहित में छोटे-छोटे फैसले लेना।
Q4. क्या PM मोदी ने करियर पर कोई खास सलाह दी?
हाँ, उन्होंने केवल सफलता नहीं बल्कि सफल लोगों की शुरुआत से सीखने पर ज़ोर दिया।
