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JNU News: PM मोदी और शाह के खिलाफ नारों पर सियासी बवाल, कैंपस पहुंची Police, FIR दर्ज, प्रशासन-छात्र संघ आमने-सामने, निलंबन-निष्कासन की तैयारी शुरू

JNU News: दिल्ली के JNU कैंपस में विवादित नारेबाजी का वीडियो वायरल। प्रशासन ने FIR दर्ज कराई, छात्रों पर कड़ी कार्रवाई के संकेत। JNUSU ने मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।

JNU News: PM मोदी और शाह के खिलाफ नारों पर सियासी बवाल, कैंपस पहुंची Police, FIR दर्ज, प्रशासन-छात्र संघ आमने-सामने, निलंबन-निष्कासन की तैयारी शुरू
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By Ragib Asim

नई दिल्ली। JNU News: राजधानी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। सोमवार रात कैंपस में कुछ छात्रों द्वारा कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद JNU प्रशासन ने वसंतकुंज (उत्तर) थाने में शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक यह नारेबाजी सोमवार देर रात कैंपस के भीतर हुई थी। वीडियो वायरल होते ही मामला तूल पकड़ गया और विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनात्मक उल्लंघन करार दिया।

नारेबाजी करने वाले छात्रों पर होगी कड़ी कार्रवाई

NU प्रशासन ने साफ किया है कि इस मामले में शामिल छात्रों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। शुरुआती स्तर पर छात्रों को तत्काल निलंबन का सामना करना पड़ सकता है। गंभीर मामलों में विश्वविद्यालय से निष्कासन और भविष्य में कैंपस में प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान वीडियो फुटेज, चश्मदीदों के बयान और सुबूतों के आधार पर जिम्मेदार छात्रों की पहचान की जा रही है।

JNU प्रशासन का बयान: नफरत फैलाने की इजाजत नहीं

विश्वविद्यालय प्रशासन ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर जारी बयान में कहा कि इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और प्रधानमंत्री व गृह मंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक नारे लगाने वाले छात्रों के खिलाफ “कठोरतम कार्रवाई” की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है, लेकिन विश्वविद्यालय सीखने, शोध और नवाचार के केंद्र होते हैं। उन्हें नफरत, हिंसा या उकसावे का मंच नहीं बनने दिया जा सकता।

JNUSU का पलटवार: मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप

दूसरी ओर, जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) ने प्रशासन और सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं। छात्र संघ ने कहा कि यह पूरा विवाद वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने का एक संगठित प्रयास है।

JNUSU के मुताबिक 5 जनवरी 2026 को कैंपस में आयोजित कैंडल मार्च 5 जनवरी 2020 को JNU में हुए हमले की याद में निकाला गया था। छात्र संघ का कहना है कि इस शांतिपूर्ण कार्यक्रम को गलत तरीके से पेश कर छात्रों को बदनाम किया जा रहा है।

2020 की घटना का फिर जिक्र

छात्र संघ ने याद दिलाया कि 5 जनवरी 2020 को नकाबपोश हमलावरों ने साबरमती हॉस्टल समेत JNU परिसर के कई हिस्सों में छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया था। उस समय फीस वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को निशाना बनाया गया था।

JNUSU का आरोप है कि छह साल बीत जाने के बावजूद उस घटना के दोषियों की पहचान और सजा अब तक नहीं हो सकी है। छात्र संघ ने कहा कि असहमति की आवाजों को दबाने और लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, FIR दर्ज होने के बाद वीडियो की डिजिटल फॉरेंसिक जांच की जा रही है। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि नारेबाजी से किसी कानून का उल्लंघन हुआ है या नहीं। प्रशासन और पुलिस दोनों स्तरों पर जांच जारी है। यह मामला अब सिर्फ विश्वविद्यालयीय अनुशासन तक सीमित नहीं रहा बल्कि राजनीतिक और वैचारिक बहस का टॉपिक भी बन गया है।

Ragib Asim

Ragib Asim is a seasoned News Editor at NPG News with 15+ years of excellence in print, TV, and digital journalism. A specialist in Bureaucracy, Politics, and Governance, he bridges the gap between traditional reporting and modern SEO strategy (8+ years of expertise). An alumnus of Jamia Millia Islamia and Delhi University, Ragib is known for his deep analytical coverage of Chhattisgarh’s MP administrative landscape and policy shifts. Contact: [email protected]

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