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Delhi Pollution: AQI 500 पार, जहरीली हवा में बच्चों को कैसे रखें सुरक्षित? ये 4 टिप्स आपके लिए जानना है जरूरी
Delhi Air Pollution Alert: AQI खतरनाक स्तर पर। बच्चों को जहरीली हवा से बचाने के लिए 4 जरूरी टिप्स, खान-पान और सेहत से जुड़ी अहम सलाह पढ़ें।

Delhi Air Pollution: देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 500 के पार रेकार्ड किया गया है। घर से बाहर निकलते ही आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत आम हो गई है। इस हालात में सबसे ज्यादा खतरा बच्चों की सेहत को है क्योंकि उनके फेफड़े अभी पूरी तरह विकसित नहीं होते और उनकी इम्युनिटी भी एडल्ट्स के मुकाबले कमजोर होती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ऐसे समय में माता-पिता को बच्चों की देखभाल को लेकर एक्स्ट्रा सावधानी बरतनी चाहिए।
घर के अंदर की हवा को रखें साफ
जब बाहर की हवा जहरीली हो तो बच्चों को जितना मुमकिन हो घर के अंदर ही रखना सबसे पहला और जरूरी कदम है। खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने से प्रदूषित हवा घर में कम प्रवेश करती है। अगर मुमकिन हो तो बच्चों के कमरे में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें और इसके फिल्टर की रेगुलर सफाई करते रहे। इसके अलावा एलोवेरा, तुलसी और स्पाइडर प्लांट जैसे इनडोर पौधे भी घर के अंदर की हवा की गुणवत्ता बेहतर करने में हेल्पफुल माने जाते हैं।
बाहर निकलने से पहले बरतें सावधानी
प्रदूषण में बच्चों को बाहर ले जाने से बचना चाहिए खासकर सुबह और शाम के वक़्त जब हवा में प्रदूषक ज्यादा होते हैं। अगर किसी कारण बाहर जाना जरूरी ही हो तो बच्चे को अच्छी क्वालिटी का N95 या N99 मास्क पहनाना जरूरी है जो चेहरे पर ठीक से फिट हो। इस दौरान पार्क, खुले मैदान और आउटडोर खेल से दूरी बनाना बच्चों के फेफड़ों को सुरक्षित रखने के लिए अहम है।
साफ-सफाई और खान-पान पर दें ध्यान
बाहर से लौटने के बाद बच्चों के हाथ, मुंह और चेहरा साबुन से अच्छी तरह धुलवाना चाहिए क्योंकि प्रदूषण के माइक्रोस्कोपिक पार्टिकल्स त्वचा और कपड़ों पर चिपक सकते हैं। डेली नहाना और साफ कपड़े पहनना भी जरूरी है। खान-पान में विटामिन-C, विटामिन-E और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीजें शामिल करने की सलाह भी है, जैसे संतरा, आंवला, बादाम और अखरोट। ये पोषक तत्व शरीर को प्रदूषण से होने वाले नुकसान से लड़ने में मदद करते हैं। साथ ही बच्चों को पानी, नारियल पानी और ताजे जूस देते रहना चाहिए।
लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क
अगर बच्चे में लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन या बार-बार सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण नजर आएं, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर अस्थमा या सांस से जुड़ी पुरानी बीमारी वाले बच्चों के लिए ज्यादा सतर्कता बरतनी चाहिए।
Disclaimer:
यह लेख सामान्य जानकारी और जागरूकता के के मकसद से लिखा गया है। इसमें दी गई सलाह को चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या लक्षण की कंडीशन में डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
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